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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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9 अग॰ 2022

माता स्थान पुर्णिया - Mata Sthan Purnia

पुर्णिया जिलाक कृत्यानंद नगर थाना क्षेत्र के बनभाग चुनापुर पंचायतक आदमपुर गांव स्थित ( Mata Sthan Chunapur Banbhag, Purnia ) प्रसिद्ध माता स्थान 250 वर्ष पुराना अछि। लगभग 250 वर्ष पूर्व मंदिरक पुजारी अयोद्धा प्रसाद के पूर्वज के माछ मारबाक क्रम मे जाल मे स्थापित आपरूपी मां दुर्गा के मूर्ति भेटल छल। अयोद्धा प्रसाद के पूर्वज कोशी नदी मे जाल सं माछ पकरै छल। बेर-बेर जाल फेंकला पर पत्थर सं बनल मूर्ति जाल मे फैंस गेल तहन जा क नदी मे उतैर मूर्ति रूपी पत्थर के निकाइल बाहर फेंक देल गेल। ओहि रात्रि मे मां दुर्गा स्वप्न देलखिन हम साक्षात दुर्गा छी। तु हमरा स्थापित क हमर पूजा भक्ति कर। तोरे पूजा हमरा स्वीकार्य होयत। तहन हिनकर पूर्वज ओहि आपरूपी मां दुर्गा मूर्ति के स्थापित क पूजा-अर्चनाक शुरूआत क देलैथ।
 
जहन एहि माता स्थान के ख्याति बढ़य लागल त स्थानीय लोगक द्वारा पुजारी अयोद्धा प्रसाद के पूर्वजों द्वारा कैल जाय बला पूजाक बहिष्कार होमय लागल आ पंडित द्वारा पूजाक शुरूआत कैल गेल। पंडित के द्वारा जहन पूजा-पाठ के शुरूआत कैल गेल त माता ओहि पंडित के स्वप्न देलखिन जे तु हमर पूजा छोइड़ दे नै त तोहर वंश'क नाश भ जेतै।तत्पश्चात फेर स हिनके पूर्वज द्वारा पूजा-पाठ होमय लागल। एतय माता के पूजा मंत्रोच्चारण सं नै कैल जाइत अछि। केवल ध्यान मग्न भ के पूजा कैल जाइत अछि।

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