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✨ आगामी त्यौहार
माह शिवरात्रि
📅 11 अगस्त 2026
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28 मई 2026

Chhaumasa Geet

मैथिली छौमासा (बटगवनी) गीत लिरिक्स Maithili Chhaumasa geet lyrics

• चलू सखि हे सहेलिया, बिषम लागे - लिरिक्स

चलू सखि हे सहेलिया, बिषम लागे
आइ अषाढ़ मास हे सखिया, 
चहु दिस बुन्द बरसे दिन रतिया
विषम लागे
साओन के दुखदाओन रतिया, 
कुबजी हरकनि हुनको मतिया
विषम लागे
भादव के निशि राति अन्हरिया, 
सपनो मे देखल हुनकर सुरतिया
विषम लागे
आसिन आस लगाओल सखिया, 
नहि आयल पिया निरमोहिया
विषम लागे
कातिक कंत उरन्त भेल सखिया, 
सिन्दूर-काजर ने शोभय सुरतिया
विषम लागे
अगहन अग्र सोहावन सखिया, 
सारिल धान कटायब कहिया
विषम लागे


• एहन समैया जल उमड़ल नदिया - लिरिक्स

एहन समैया जल उमड़ल नदिया, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
रीतु प्रीतु जब मास अखाढ़, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
बारी बयस मोरा जब बीतल, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
साओन ऊधो सर्वसोहाओन, 
फुलि गेल बेली चमेली
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
ओहि फुलवा के हार गथायब, 
किनका गले पहिरायब
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
भादव ऊधो रैनि भयाओन, 
चहुँदिस उमड़ल बाढ़ि
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
लौका लौकै बिजुरी चमकै से देखि जियरा डेराइ
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
आसिन ऊधो आस लगाओल आसो ने पूरल हमार
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
आसो जे पुरितै, कुबरी सौतिनियां मोर कन्त राखल लोभाइ
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
कातिक ऊधो पर्व लगतु हैं, 
सब सखि गंगा नहाय
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
सब सखि पहिरै पीअर पीताम्बर, 
हमरो दैव दुख देल
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
अगहन ऊधो सारिल लिबि गेल, 
लिबि गेल सब रंग सीस
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो


प्रथम तोहर सुनिय सोहर - लिरिक्स

प्रथम तोहर सुनिय सोहर, 
सुखक मास अखाढ़ यो
बारी वयस प्रीतम विदेश, 
हमर कोन अपराध यो
साओन हे सखि सर्व सोहाओन, 
फूलल बेली चमेलि यो
ताहि फुल देखि भमरा लुबधल, 
करय मधुर झंकार यो
भादव हे सखि रैनि भयाओन, 
दोसर राति अन्हार यो
लौका जे लौकै, बिजुरि चमकै, 
ककरा असरा हेबै ठाढ़ यो
आसिन हे सखि आस लागल, 
आसो नू पूरल हमार यो
आसो जे पुरितै, कुबरी सौतिनियां मोर कन्त राखल लोभाय यो
कातिक हे सखि पर्व लगै छै, 
सब सखि गंगा स्नान यो
सब सखि पहिरय पीअर पीताम्बर, 
हमरो दैव दुख देल यो
अगहन हे सखि सारिल लिबि गेल, 
लीबि गेल सब रंग सीस यो
ताहि सारिल देखि चिड़ै लुबुधल, 
सैह देखि हिय मोर साल यो


आएल अखाढ़ इहो सुख भेल - लिरिक्स

आएल अखाढ़ इहो सुख भेल
अमुआँ सऽ जमुआँ कटहर पाकि गेल, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
साओन बेली फुलय भकरार
देखि देखि नयना बहय जलधार, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
भादव के निसि राति अन्हार
पिया बिनु धर्म नहि बांचत हमार, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
आसिन मन में छल बिसवास
औता गोकुल सऽ पूरत अभिलास, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
कातिक पिया भेल कठोर
पछिला प्रीत बिसरि देल मोर, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
अगहन सारिल लिबि गेल धान
सबहक श्याम बसै छथि धाम, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं


पूस हे सखि पड़ि गेल फुहार - लिरिक्स

पूस हे सखि पड़ि गेल फुहार, भीजि गेल आँचर चीर यो
सगरि रैनि हम बैसि गमाओल, होयत कखन भोर यो
माघ हे सखि जाड़ लगै छै, पिया बिनु जाड़ो ने जाय हो
एहि अवसर मे पिया के पबितहुँ, सतितहुँ हृदय लगाय यो
फागुन हे सखि फगुआ लगै छै, उड़त अबीर गुलाल यो
रंग अतर घोरि कऽ ढ़ारितहुँ, जँ गृह रहितथि नन्दलाल यो
चैत हे सखि फूलल बेली, भ्रमर लेल निज बास यो
सब सखि पहिरय पीअर पीताम्बर, हम धनी गुदरी पुरान यो
बैसाख हे सखि उखम ज्वाला, घामे भीजय शरीर यो
एहि अवसर मे पिया के पबितौं, अँचरे सऽ बेनियां डोलाय यो
जेठ हे सखि बाँस कटबितौं, रचि-रचि बंगला छराय यो
ओहि बंगला मे दुनू मिलि सुतितौं, पुरति छबो मास यो


• प्रथम तोहर सुनिय सोहर - लिरिक्स

प्रथम तोहर सुनिय सोहर, प्रथम मास अखाढ़ यो
हमरो बालम ओतहि गमाओल, कोना खेपब छबो मास यो
साओन आहो रामा सर्व सोहाओन, फूलल बेलि-चमेलि यो
ओहि फूल देखि भमरा लुबुधल, करय मधुर संग खेलि यो
भादव आहो रामा रैनि भयाओन, दोसर राति अन्हार यो
ओहि जल बिच दादुर कुहुके, कुहुकि-कुहुकि हिया साल यो
आसिन आहो रामा आस लगाओल, आसो ने पुरल हमार यो
आसो जे पुरलै, कुबजी सौतिनियाँ, मोर कंत राखल लोभाय यो
कातिक आहो रामा कन्त उरन्त भेल, प्रेमनाथ बताह यो
ककरा संगे हम कातिक खेपब, के कहत निज बात यो
अगहन आहो रामा, सारिल लुबुधि गेल, लबि गेलै सब रंग धान यो
चिड़ै-चिनमुन सब सुखहिं खेपहिं, हम धनि विरह बताहि यो


• चैत आहो रामा चित भेल चंचल

चैत आहो रामा चित भेल चंचल
बितल मास बैसाख यो
रगड़ि चन्दन अंग लेपितहुँ
रहितहुँ प्रभुजी के साथ यो
जेठ पहु नहि हेठ अयला
करब कओन उपाय यो
कोन गुण ओझरयला प्रभु जी
के कहत निज बात यो
अखाढ़ आहो रामा बुन्द बरिसय
सभ सखि सांठल धान यो
साओन सिन्दुर काजर शोभय
भादब राति अन्हार यो
कोन गुण ओझरयला प्रभु जी
करब कओन उपाय यो


• कोन कसुर विधना भेल बाम - लिरिक्स

हो भगवान, कोन कसुर विधना भेल बाम
मोहन तेजि गेला
अखाढ़हि मास इहो दुख भेल
आमुन - जामुन - कटहर पाकि गेल
कहब दुख ककरा
साओन बेलि फुलय कचनार
ककरा लय गांथब सुन्दर हार
ककरा पहिरायब
भादव रैनि भयाओन राति
ककरा शरण धय होयब ठाढ़
कि झहरय नीर
आसिन मास छल बिसबास
अओताह यदुपति पूरत आस
कहब दुख हुनके
कार्तिक कन्त गेलाह बिदेस
हमहुँ मरब जहर - बिख खाय
जमुना-जल धसि कय
अगहन खेते-खेते उपजल धान
रहितथि अवधपति, लबितथि धान
कि करितहुँ मे खीरे
करितौं लबान, बिनुपिया अगहन बिषम समान
कि झहरय नीरे

26 अप्रैल 2026

Amit Jha Song

यै मधुबनी बाली लिरिक्स | Madhubani Wali Returns Lyrics

अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
चर्चा अंहि के हाट बाजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली

गोर गोर गाल अहाँ के हिरनी सन के चाल यै
कारी कारी केश अहाँ के तै पर बीसम साल यै
गोर गोर गाल अहाँ के हिरनी सन के चाल यै
कारी कारी केश अहाँ के तै पर बीसम साल यै
बिजरी खसाबय मुस्की जान ल लै ये कानक बाली
बिजरी खसाबय मुस्की जान ल लै ये कानक बाली
अंहि लें बाजै दिल मे गिटार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली

हे यै ललमुनिया राखल किछु ने तकरार में
दिल्ली के लड़की छोइर परलौ अंहि के प्यार में
हे यै ललमुनिया राखल किछु ने तकरार में
दिल्ली के लड़की छोइर परलौ अंहि के प्यार में
हमहि छी सच्चा प्रेमी बाकी ऐछ सब नोट जाली  
हमहि छी सच्चा प्रेमी बाकी ऐछ सब नोट जाली  
अहाँ बिन जिनगी यै बेकार यै मधुबनी बाली 
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
चर्चा अंहि के हाट बाजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली

20 अप्रैल 2026

Maithili Durga Bhajan

जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे लिरिक्स - Jagdamba Ghar Me Diyara Lyrics

जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -3
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2

सोने सुराही गंगाजल पानी -2
मैया जी के चरण पखार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,

सोने की थाली में व्यंजन परोसल -2
मैया जी के भोग लगा अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,

कंचन थार कपूर की बाती -2
मैया जी के आरती उतार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा..।

19 अप्रैल 2026

Griha Pravesh

मैथिली पंचांग गृह प्रवेश शुभ मुहूर्त 2026-2027 Mithila Manchang Griha Pravesh 2026-2027

गृहप्रवेश के शुभ दिन 2026 : -
अक्टूबर - 24 ।
नवंबर - 14, 19, 20, 21, 14 ।
दिसंबर - 14 ।

गृहप्रवेश के शुभ दिन 2027 :-
जनवरी - 18, 20 ।
फरवरी - 15, 17, 18, 19 ।
मई - 10, 12, 17 ।
जून - 14 ।
जुलाई - 09 एवं 10 ।


मैथिली पंचांग गृहारंभ शुभ मुहूर्त 2026 :-
अक्टूबर 2026 - 24, 26, 30 ।
नवंबर - 20, 21, 26, 28 ।

मैथिली पंचांग गृहारंभ शुभ मुहूर्त 2027 :-
जनवरी - 22 ।
फरवरी - 19, 22, 25 ।
अप्रैल - 23 ।
मई - 17, 20, 22 ।
जून - 14, 21, 23 एवं 24 ।



देवादिप्रतिष्ठा के शुभ दिन 2027 : -
जनवरी - 20, 22 ।
फरवरी - 08, 11, 18, 19 ।
मार्च - 10, 11 ।
अप्रैल - 18, 
मई - 09, 12, 17 ।
जून - 06, 07, 13, 14 ।
जुलाई - 05 एवं 09 ।
Maithili Panchang

मिथिला पंचांग 2026-2027 मुंडन मुहूर्त - Mithila Panchang Mundan Date 2026-2027

मुंडन के शुभ दिन 2026 : -

नवंबर 2026 : 26 ।
दिसंबर 2026 : 14 ।

मुंडन के शुभ दिन 2027 : -
जनवरी 2027 : 20, 27 ।
फरवरी 2027 : 08, 11, 18, 19, 22, 25 ।
मार्च 2027 : 10, 11 ।
मई - 12, 17, 21 ।
जून 2027 : 07, 14, 21, 23, 24 ।
जुलाई 2027 : 05, 12 ।

Maithili Panchang

मैथिली पंचांग 2026-2027 | Mithila Panchang 2026-27

मैथिली पंचांग 2026-26

जुलाई 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 3 जुलाई 
योगिनी एकादशी - 10 जुलाई 
मासिक शिवरात्रि  - 12 जुलाई 
आषाढ़ अमावस्या - 14 जुलाई 
जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति - 16 जुलाई  
देवशयनी एकादशी - 25 जुलाई 
गुरु पूर्णिमा - 29 जुलाई 

अगस्त 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 02 अगस्त 
मौनापंचमी - 03 अगस्त
कामिका एकादशी - 09 अगस्त 
मासिक शिवरात्रि - 11 अगस्त
श्रावण अमावस्या - 12 अगस्त
हरियाली तीज - 15 अगस्त
मधुश्रावणी - 15 अगस्त
नाग पंचमी - 17 अगस्त
श्रावण पुत्रदा एकादशी - 23 अगस्त
रक्षा बंधन - 28 अगस्त
संकष्टी चतुर्थी, कजरी तीज - 31 अगस्त

सितंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जन्माष्टमी - 04 सितंबर
अजा एकादशी - 07 सितम्बर
भाद्रपद अमावस्या - 11 सितंबर 
गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज - 14 सितंबर
कन्या संक्रांति - 17 सितंबर
परिवर्तिनी एकादशी - 22 सितंबर 
भाद्रपद पूर्णिमा व्रत - 26 सितंबर
पितृपक्षारंभ - 27 सितंबर 
संकष्टी चतुर्थी - 29 सितंबर

इहो पढ़ब:-

अक्टूबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जितिया - 03 अक्टूबर
इन्दिरा एकादशी - 06 अक्टूबर
अश्विन अमावस्या - 10 अक्टूबर
कलश स्थापना - 11 अक्टूबर
कल्पारम्भ - 16 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा, तुला संक्रांति - 17 अक्टूबर
महा अष्टमी, महा नवमी पूजा - 19 अक्टूबर
दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा 20 अक्टूबर
दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी - 21 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी - 22 अक्टूबर
कोजागरा - 25 अक्टूबर
अश्विन पूर्णिमा व्रत - 26 अक्टूबर
संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ - 29 अक्टूबर

नवंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
रमा एकादशी - 05 नवंबर
धनतेरस - 06 नवंबर
दिवाली, नरक चतुर्दशी - 08 नवंबर
कार्तिक अमावस्या - 09 नवंबर
गोवर्धन पूजा - 10 नवंबर
छठ पूजा - 15 नवंबर
वृश्चिक संक्रांति - 16 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा व्रत - 24 नवंबर
संकष्टी चतुर्थी - 27 नवंबर

दिसंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
उत्पन्ना एकादशी - 04 दिसंबर 
मार्गशीर्ष अमावस्या - 08 दिसंबर 
विवाह पंचमी - 14 दिसंबर
धनु संक्रांति - 16 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी - 20 दिसंबर
मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत - 23 दिसंबर
संकष्टी चतुर्थी - 26 दिसंबर

जनवरी 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
सफला एकादशी - 3 जनवरी
पौष अमावस्या - 7 जनवरी 
मकर संक्रांति - 15 जनवरी
पौष पुत्रदा एकादशी - 19 जनवरी

फरवरी 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
षटतिला एकादशी - 2 फरवरी
माघ अमावस्या - 6 फरवरी
बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा - 11 फरवरी
कुम्भ संक्रांति - 13 फरवरी
जया एकादशी - 17 फरवरी 
संकष्टी चतुर्थी - 24 फरवरी

मार्च 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
विजया एकादशी - 4 मार्च
महाशिवरात्रि - 6 मार्च
फाल्गुन अमावस्या - 8 मार्च
मीन संक्रांति - 15 मार्च
आमलकी एकादशी - 18 मार्च
होलिका दहन (समन) - 21 मार्च
फगुआ (होली) - 22 मार्च
Maithili Panchang

मिथिला पंचांग विवाह मुहूर्त 2026-2027 Mithila Panchang Vivah Muhurat 2026-2027

मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2026 :-

नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 30 ।

दिसंबर 2026 : 04, 06, 09, 10, 11, 14 ।


मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2027 :-

जनवरी 2027 : 18, 24, 28, 29, 31 ।

फरवरी 2027 : 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28 ।

मार्च 2027 : 01, 03, 04, 10, 11 ।

अप्रैल 2027 : 10, 21, 23, 25, 28, 29 ।

मई 2027 : 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31 ।

जून 2027 : 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24 ।

जुलाई 2027 : 01, 02, 07, 08 एवं 09 ।


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द्विरागमन के शुभ दिन 2026 :-
नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 29 ।
दिसंबर 2026 : 09, 10, 11, 13, 14 ।


द्विरागमन के शुभ दिन 2027 :-
फरवरी 2027 : 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25 ।
मार्च 2027 : 10, 11 ।
अप्रैल 2027 : 18, 19, 21, 23, 25, 26 ।
मई 2027 : 09, 10, 12 ।

1 अप्रैल 2026

Maithili Geet Lyrics

बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी लिरिक्स - Balamua Kaise Tejab Re Chhoti Nandi Lyrics

बाबा दिहले टिकवा सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले नथिया सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले झुमका सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले हँसुली सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी


19 मार्च 2026

Festival

बरसाइत पूजा 2026, Vat Savitri Vrat 2026

मिथिला धरोहर : वट वृक्ष के पूजन और सावित्री-सत्यवान ( Vat Savitri, Barsait ) के कथाक स्मरण करवा के विधानक कारणे इ व्रत वट सावित्री के नाम सँ प्रसिद्ध अछि।  मिथिलांचल मे एही व्रत के बरसाइत के रूप मे सेहो मनैल जाइत अछि। सावित्री भारतीय संस्कृति मे ऐतिहासिक चरित्र मानल जाइत अछि। सावित्री के अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती सेहो होइत अछि। सावित्री के जन्म विशिष्ट परिस्थिति मे भेल छलनी। कहल जाइत अछि जे भद्र देश के राजा अश्वपति के कुनो संतान नै छल। राजा संतान के प्राप्ति के लेल मंत्रोच्चारण के संग प्रतिदिन एक लाख आहुति देलथि। अठारह वर्षों धरि इ क्रम जलैत रहल। एकर बाद सावित्रीदेवी प्रकट भऽ के वर देलथि जे 'राजन अहाँके एकटा तेजस्वी कन्या पैदा होयत'।

Barsait Puja Date 2026, वटसावित्री व्रत तिथि 2026 में 16 मई (शनि दिन) के अछि। मैथिली पंचाग अनुसार!

इहो पढ़ब :-
सावित्रीदेवी के कृपा सँ जन्म लेबा के कारण सँ कन्या के नाम सावित्री राखक गेलैन। कन्या नमहर भऽ के बहुते रूपवान छलीह। योग्य वर नै भेटवा के वजह सँ सावित्री के पिता दुःखी छलैथ। राजा कन्या के स्वयं वर तकवा लेल भेजलैथ। सावित्री तपोवन मे भटकै लगलि। ओतय साल्व देश के राजा द्युमत्सेन रहैत छलैथ। कियाकि हुनक राज्य कियो छीन लेने छल। हुनक पुत्र सत्यवान के देखि के सावित्री पति के रूप मे हुनक वरण केलथि कहल जाइत अछि जे साल्व देश पूर्वी राजस्थान या अलवर अंचल के आस-पास छला। सत्यवान अल्पायु के छलैथ। ओ वेद ज्ञाता छलैथ। नारद मुनि सावित्री सँ भेट कऽ सत्यवान सँ विवाह नै करवा के सलाह देने छलैथ। मुदा सावित्री सत्यवान सँ बियाह कऽ लेली। पति के मृत्यु के तिथि मे जेखन किछे दिन शेष रही गेल तखन सावित्री घोर तपस्या केने छलि, जाहि के फल हुनका बाद मे भेटक छल।

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मिथिलांचल मे अहि पाबनि में बड़क गाछमे जल चढाओल जाइत अछि त नवका बाँसक बियैन आ तारक पंखा सँ वड़ के गाछके होंकल जाइत अछि। व्रतालु स्त्रीगण एहि दिन प्रात: काल नित्यकर्म क' सासुर सँ आनल कपडा पहीर सखी सहेली संगे मंगलगीत गबैत वरक गाछके पूजैत छथि । व्रती महिला निष्ठापुर्वक गौरी आ विषहरके पूजा क' अन्त्यमे सत्यसावित्री आ सत्यवानक कथा सुनैत छथि। पूजा समाप्त भेला के बाद घर पर फूलल बूट (चना) सेहो बाँटल जाइत अछि। सावित्री आ सत्यवानक जीवनगाथासं ई व्रत जूडल हएबाक कारणे अहिवातक लेल महत्वपूर्ण मानल गेल अछि ।
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