सोमवार, 27 अप्रैल 2026
रविवार, 26 अप्रैल 2026
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
चर्चा अंहि के हाट बाजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
गोर गोर गाल अहाँ के हिरनी सन के चाल यै
कारी कारी केश अहाँ के तै पर बीसम साल यै
गोर गोर गाल अहाँ के हिरनी सन के चाल यै
कारी कारी केश अहाँ के तै पर बीसम साल यै
बिजरी खसाबय मुस्की जान ल लै ये कानक बाली
बिजरी खसाबय मुस्की जान ल लै ये कानक बाली
अंहि लें बाजै दिल मे गिटार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
हे यै ललमुनिया राखल किछु ने तकरार में
दिल्ली के लड़की छोइर परलौ अंहि के प्यार में
हे यै ललमुनिया राखल किछु ने तकरार में
दिल्ली के लड़की छोइर परलौ अंहि के प्यार में
हमहि छी सच्चा प्रेमी बाकी ऐछ सब नोट जाली
हमहि छी सच्चा प्रेमी बाकी ऐछ सब नोट जाली
अहाँ बिन जिनगी यै बेकार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
नैन कजरारी अहाँ के जुलुम करै यै ठोरक लाली
चर्चा अंहि के हाट बाजार यै मधुबनी बाली
अहाँ के पाछा एय हजार यै मधुबनी बाली
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -3
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
सोने सुराही गंगाजल पानी -2
मैया जी के चरण पखार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,
सोने की थाली में व्यंजन परोसल -2
मैया जी के भोग लगा अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,
कंचन थार कपूर की बाती -2
मैया जी के आरती उतार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा..।
रविवार, 19 अप्रैल 2026
गृहप्रवेश के शुभ दिन 2026 : -
अक्टूबर - 24 ।
नवंबर - 14, 19, 20, 21, 14 ।
दिसंबर - 14 ।
गृहप्रवेश के शुभ दिन 2027 :-
जनवरी - 18, 20 ।
फरवरी - 15, 17, 18, 19 ।
मई - 10, 12, 17 ।
जून - 14 ।
जुलाई - 09 एवं 10 ।
मैथिली पंचांग गृहारंभ शुभ मुहूर्त 2026 :-
अक्टूबर 2026 - 24, 26, 30 ।
नवंबर - 20, 21, 26, 28 ।
मैथिली पंचांग गृहारंभ शुभ मुहूर्त 2027 :-
जनवरी - 22 ।
फरवरी - 19, 22, 25 ।
अप्रैल - 23 ।
मई - 17, 20, 22 ।
जून - 14, 21, 23 एवं 24 ।
देवादिप्रतिष्ठा के शुभ दिन 2027 : -
जनवरी - 20, 22 ।
फरवरी - 08, 11, 18, 19 ।
मार्च - 10, 11 ।
अप्रैल - 18,
मई - 09, 12, 17 ।
जून - 06, 07, 13, 14 ।
जुलाई - 05 एवं 09 ।
मुंडन के शुभ दिन 2026 : -
नवंबर 2026 : 26 ।
दिसंबर 2026 : 14 ।
मुंडन के शुभ दिन 2027 : -
जनवरी 2027 : 20, 27 ।
फरवरी 2027 : 08, 11, 18, 19, 22, 25 ।
मार्च 2027 : 10, 11 ।
मई - 12, 17, 21 ।
जून 2027 : 07, 14, 21, 23, 24 ।
जुलाई 2027 : 05, 12 ।
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MaithiliPanchang,
Mundan Date
मैथिली पंचांग 2026-26
जुलाई 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 3 जुलाई
योगिनी एकादशी - 10 जुलाई
मासिक शिवरात्रि - 12 जुलाई
आषाढ़ अमावस्या - 14 जुलाई
जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति - 16 जुलाई
देवशयनी एकादशी - 25 जुलाई
गुरु पूर्णिमा - 29 जुलाई
अगस्त 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 02 अगस्त
मौनापंचमी - 03 अगस्त
कामिका एकादशी - 09 अगस्त
मासिक शिवरात्रि - 11 अगस्त
श्रावण अमावस्या - 12 अगस्त
हरियाली तीज - 15 अगस्त
मधुश्रावणी - 15 अगस्त
नाग पंचमी - 17 अगस्त
श्रावण पुत्रदा एकादशी - 23 अगस्त
रक्षा बंधन - 28 अगस्त
संकष्टी चतुर्थी, कजरी तीज - 31 अगस्त
सितंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जन्माष्टमी - 04 सितंबर
अजा एकादशी - 07 सितम्बर
भाद्रपद अमावस्या - 11 सितंबर
चौठचन्द्र (चौरचन) - 14 सितंबर
गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज - 14 सितंबर
कन्या संक्रांति - 17 सितंबर
परिवर्तिनी एकादशी - 22 सितंबर
अनंत चतुर्दशी - 25 सितंबर
भाद्रपद पूर्णिमा व्रत - 26 सितंबर
पितृपक्षारंभ - 27 सितंबर
संकष्टी चतुर्थी - 29 सितंबर
इहो पढ़ब:-
अक्टूबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जितिया - 03 अक्टूबर
इन्दिरा एकादशी - 06 अक्टूबर
अश्विन अमावस्या - 10 अक्टूबर
कलश स्थापना - 11 अक्टूबर
कल्पारम्भ - 16 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा, तुला संक्रांति - 17 अक्टूबर
महा अष्टमी, महा नवमी पूजा - 19 अक्टूबर
दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा 20 अक्टूबर
दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी - 21 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी - 22 अक्टूबर
कोजागरा - 25 अक्टूबर
अश्विन पूर्णिमा व्रत - 26 अक्टूबर
संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ - 29 अक्टूबर
नवंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
रमा एकादशी - 05 नवंबर
धनतेरस - 06 नवंबर
दिवाली, नरक चतुर्दशी - 08 नवंबर
कार्तिक अमावस्या - 09 नवंबर
गोवर्धन पूजा - 10 नवंबर
भ्रातृ द्वितीया - 11 नवंबर
छठ पूजा - 15 नवंबर
वृश्चिक संक्रांति - 16 नवंबर
देवउत्थान एकादशी - 20 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा व्रत - 24 नवंबर
संकष्टी चतुर्थी - 27 नवंबर
दिसंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
उत्पन्ना एकादशी - 04 दिसंबर
मार्गशीर्ष अमावस्या - 08 दिसंबर
विवाह पंचमी - 14 दिसंबर
धनु संक्रांति - 16 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी - 20 दिसंबर
मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत - 23 दिसंबर
संकष्टी चतुर्थी - 26 दिसंबर
जनवरी 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
सफला एकादशी - 3 जनवरी
पौष अमावस्या - 7 जनवरी
मकर संक्रांति - 15 जनवरी
पौष पुत्रदा एकादशी - 19 जनवरी
फरवरी 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
षटतिला एकादशी - 2 फरवरी
माघ अमावस्या - 6 फरवरी
बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा - 11 फरवरी
कुम्भ संक्रांति - 13 फरवरी
जया एकादशी - 17 फरवरी
संकष्टी चतुर्थी - 24 फरवरी
मार्च 2027 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
विजया एकादशी - 4 मार्च
महाशिवरात्रि - 6 मार्च
फाल्गुन अमावस्या - 8 मार्च
मीन संक्रांति - 15 मार्च
आमलकी एकादशी - 18 मार्च
होलिका दहन (समन) - 21 मार्च
फगुआ (होली) - 22 मार्च
मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2026 :-
नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 30 ।
दिसंबर 2026 : 04, 06, 09, 10, 11, 14 ।
मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2027 :-
जनवरी 2027 : 18, 24, 28, 29, 31 ।
फरवरी 2027 : 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28 ।
मार्च 2027 : 01, 03, 04, 10, 11 ।
अप्रैल 2027 : 10, 21, 23, 25, 28, 29 ।
मई 2027 : 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31 ।
जून 2027 : 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24 ।
जुलाई 2027 : 01, 02, 07, 08 एवं 09 ।
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द्विरागमन के शुभ दिन 2026 :-
नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 29 ।
दिसंबर 2026 : 09, 10, 11, 13, 14 ।
द्विरागमन के शुभ दिन 2027 :-
फरवरी 2027 : 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25 ।
मार्च 2027 : 10, 11 ।
अप्रैल 2027 : 18, 19, 21, 23, 25, 26 ।
मई 2027 : 09, 10, 12 ।
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MaithiliPanchang,
Vivah Muhurat
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
बाबा दिहले टिकवा सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी
बाबा दिहले नथिया सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी
बाबा दिहले झुमका सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी
बाबा दिहले हँसुली सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी
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Maithili Geet Lyrics,
Sharda Sinha
गुरुवार, 19 मार्च 2026
मिथिला धरोहर : वट वृक्ष के पूजन और सावित्री-सत्यवान ( Vat Savitri, Barsait ) के कथाक स्मरण करवा के विधानक कारणे इ व्रत वट सावित्री के नाम सँ प्रसिद्ध अछि। मिथिलांचल मे एही व्रत के बरसाइत के रूप मे सेहो मनैल जाइत अछि। सावित्री भारतीय संस्कृति मे ऐतिहासिक चरित्र मानल जाइत अछि। सावित्री के अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती सेहो होइत अछि। सावित्री के जन्म विशिष्ट परिस्थिति मे भेल छलनी। कहल जाइत अछि जे भद्र देश के राजा अश्वपति के कुनो संतान नै छल। राजा संतान के प्राप्ति के लेल मंत्रोच्चारण के संग प्रतिदिन एक लाख आहुति देलथि। अठारह वर्षों धरि इ क्रम जलैत रहल। एकर बाद सावित्रीदेवी प्रकट भऽ के वर देलथि जे 'राजन अहाँके एकटा तेजस्वी कन्या पैदा होयत'।
Barsait Puja Date 2026, वटसावित्री व्रत तिथि 2026 में 16 मई (शनि दिन) के अछि। मैथिली पंचाग अनुसार!
इहो पढ़ब :-
सावित्रीदेवी के कृपा सँ जन्म लेबा के कारण सँ कन्या के नाम सावित्री राखक गेलैन। कन्या नमहर भऽ के बहुते रूपवान छलीह। योग्य वर नै भेटवा के वजह सँ सावित्री के पिता दुःखी छलैथ। राजा कन्या के स्वयं वर तकवा लेल भेजलैथ। सावित्री तपोवन मे भटकै लगलि। ओतय साल्व देश के राजा द्युमत्सेन रहैत छलैथ। कियाकि हुनक राज्य कियो छीन लेने छल। हुनक पुत्र सत्यवान के देखि के सावित्री पति के रूप मे हुनक वरण केलथि कहल जाइत अछि जे साल्व देश पूर्वी राजस्थान या अलवर अंचल के आस-पास छला। सत्यवान अल्पायु के छलैथ। ओ वेद ज्ञाता छलैथ। नारद मुनि सावित्री सँ भेट कऽ सत्यवान सँ विवाह नै करवा के सलाह देने छलैथ। मुदा सावित्री सत्यवान सँ बियाह कऽ लेली। पति के मृत्यु के तिथि मे जेखन किछे दिन शेष रही गेल तखन सावित्री घोर तपस्या केने छलि, जाहि के फल हुनका बाद मे भेटक छल।
इहो पढ़ब :-
मिथिलांचल मे अहि पाबनि में बड़क गाछमे जल चढाओल जाइत अछि त नवका बाँसक बियैन आ तारक पंखा सँ वड़ के गाछके होंकल जाइत अछि। व्रतालु स्त्रीगण एहि दिन प्रात: काल नित्यकर्म क' सासुर सँ आनल कपडा पहीर सखी सहेली संगे मंगलगीत गबैत वरक गाछके पूजैत छथि । व्रती महिला निष्ठापुर्वक गौरी आ विषहरके पूजा क' अन्त्यमे सत्यसावित्री आ सत्यवानक कथा सुनैत छथि। पूजा समाप्त भेला के बाद घर पर फूलल बूट (चना) सेहो बाँटल जाइत अछि। सावित्री आ सत्यवानक जीवनगाथासं ई व्रत जूडल हएबाक कारणे अहिवातक लेल महत्वपूर्ण मानल गेल अछि ।
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे
पूजब बरसाइत हमहू,
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू
जग मग भाग-सुहाग, अहिबातक सिंगार हे -2,
हम सब सुहागिन के ई, पाबैन-तिहार
हम सब सुहागिन के ई,
बर सन लतरए-चतरए, घर-संसार हे -2,
पिया जी लै औरदा मांगी, अपना लै दुलार हे
पिया जी लै औरदा मांगी,
डाला में सजाओल, सेनुर पिठार हे - 2,
नेहक ताग बांधव, बंधन स्वीकार हे
नेहक ताग बांधव
जेठ मास अमावस सजनी गे लिरिक्स
जेठ मास अमावस सजनी गे
सभ धनी मंगल गाउ
भूषण वसन जतन कऽ सजनी गे
रचि-रचि अंग लगाउ
काजर-रेख सिनुर भल सजनी गे
पहिरथु सुबुधि सेयानि
हरखित चलल अछयबट सजनी गे
गाबति मंगल गान
घर-घर नारि हकारल सजनी गे
आदरसँ संग गेलि
आइ छिऐ बरिसति सजनी गे
तेँ आकुल सभ भेलि
घुमि-घुमि अछिंजल ढ़ारल सजनी गे
बांटल अछत सुपारि
फतुरी आसिस देल सजनी गे
जीबथु दुलहा-दुलारि
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Maithili Lokgeet



