गुरुवार, 19 मार्च 2026

बरसाइत पूजा 2026, Vat Savitri Vrat 2026

मिथिला धरोहर : वट वृक्ष के पूजन और सावित्री-सत्यवान ( Vat Savitri, Barsait ) के कथाक स्मरण करवा के विधानक कारणे इ व्रत वट सावित्री के नाम सँ प्रसिद्ध अछि।  मिथिलांचल मे एही व्रत के बरसाइत के रूप मे सेहो मनैल जाइत अछि। सावित्री भारतीय संस्कृति मे ऐतिहासिक चरित्र मानल जाइत अछि। सावित्री के अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती सेहो होइत अछि। सावित्री के जन्म विशिष्ट परिस्थिति मे भेल छलनी। कहल जाइत अछि जे भद्र देश के राजा अश्वपति के कुनो संतान नै छल। राजा संतान के प्राप्ति के लेल मंत्रोच्चारण के संग प्रतिदिन एक लाख आहुति देलथि। अठारह वर्षों धरि इ क्रम जलैत रहल। एकर बाद सावित्रीदेवी प्रकट भऽ के वर देलथि जे 'राजन अहाँके एकटा तेजस्वी कन्या पैदा होयत'।

Barsait Puja Date 2026, वटसावित्री व्रत तिथि 2026 में 16 मई (शनि दिन) के अछि। मैथिली पंचाग अनुसार!

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सावित्रीदेवी के कृपा सँ जन्म लेबा के कारण सँ कन्या के नाम सावित्री राखक गेलैन। कन्या नमहर भऽ के बहुते रूपवान छलीह। योग्य वर नै भेटवा के वजह सँ सावित्री के पिता दुःखी छलैथ। राजा कन्या के स्वयं वर तकवा लेल भेजलैथ। सावित्री तपोवन मे भटकै लगलि। ओतय साल्व देश के राजा द्युमत्सेन रहैत छलैथ। कियाकि हुनक राज्य कियो छीन लेने छल। हुनक पुत्र सत्यवान के देखि के सावित्री पति के रूप मे हुनक वरण केलथि कहल जाइत अछि जे साल्व देश पूर्वी राजस्थान या अलवर अंचल के आस-पास छला। सत्यवान अल्पायु के छलैथ। ओ वेद ज्ञाता छलैथ। नारद मुनि सावित्री सँ भेट कऽ सत्यवान सँ विवाह नै करवा के सलाह देने छलैथ। मुदा सावित्री सत्यवान सँ बियाह कऽ लेली। पति के मृत्यु के तिथि मे जेखन किछे दिन शेष रही गेल तखन सावित्री घोर तपस्या केने छलि, जाहि के फल हुनका बाद मे भेटक छल।

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मिथिलांचल मे अहि पाबनि में बड़क गाछमे जल चढाओल जाइत अछि त नवका बाँसक बियैन आ तारक पंखा सँ वड़ के गाछके होंकल जाइत अछि। व्रतालु स्त्रीगण एहि दिन प्रात: काल नित्यकर्म क' सासुर सँ आनल कपडा पहीर सखी सहेली संगे मंगलगीत गबैत वरक गाछके पूजैत छथि । व्रती महिला निष्ठापुर्वक गौरी आ विषहरके पूजा क' अन्त्यमे सत्यसावित्री आ सत्यवानक कथा सुनैत छथि। पूजा समाप्त भेला के बाद घर पर फूलल बूट (चना) सेहो बाँटल जाइत अछि। सावित्री आ सत्यवानक जीवनगाथासं ई व्रत जूडल हएबाक कारणे अहिवातक लेल महत्वपूर्ण मानल गेल अछि ।

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे लिरिक्स, मैथिली बरसाइत पूजा गीत लिरिक्स | Barsait Geet Lyrics

Maithili Barsait Geet Lyrics

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे 
पूजब बरसाइत हमहू,
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू

जग मग भाग-सुहाग, अहिबातक सिंगार हे -2,
हम सब सुहागिन के ई, पाबैन-तिहार
हम सब सुहागिन के ई,

बर सन लतरए-चतरए, घर-संसार हे -2,
पिया जी लै औरदा मांगी, अपना लै दुलार हे
पिया जी लै औरदा मांगी,

डाला में सजाओल, सेनुर पिठार हे - 2,
नेहक ताग बांधव, बंधन स्वीकार हे
नेहक ताग बांधव



जेठ मास अमावस सजनी गे लिरिक्स

जेठ मास अमावस सजनी गे
सभ धनी मंगल गाउ
भूषण वसन जतन कऽ सजनी गे
रचि-रचि अंग लगाउ

काजर-रेख सिनुर भल सजनी गे
पहिरथु सुबुधि सेयानि
हरखित चलल अछयबट सजनी गे
गाबति मंगल गान

घर-घर नारि हकारल सजनी गे
आदरसँ संग गेलि
आइ छिऐ बरिसति सजनी गे
तेँ आकुल सभ भेलि

घुमि-घुमि अछिंजल ढ़ारल सजनी गे
बांटल अछत सुपारि
फतुरी आसिस देल सजनी गे
जीबथु दुलहा-दुलारि

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर लिरिक्स - Holi Kanak Bhawan Mein Lyrics

Holi Kanak Bhawan Mein Khelat Siya Raghuvir Lyrics in Hindi

होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर
होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर...

किनके हाथ कनक पिचकारी
किनके हाथ अबीर,
होली कनक भवन में...

राम के हाथ कनक पिचकारी
सीता हाथ अबीर,
होली कनक भवन में...।

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में होली लिरिक्स - Baba Harihar Nath Sonpur Me Holi Khele Lyrics

Baba Harihar Nath Holi Geet Lyrics

बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ, बाबा हो...
बाबा हरिहर नाथ बाबा हरिहर नाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो विदेश्वर
एक रंग खेले बाबा हो विदेश्वर
एक रंग खेले भैरवनाथ हो...
एक रंग खेले भैरवनाथ...
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो कपिलेश्वर
एक रंग खेले बाबा हो कपिलेश्वर
एक रंग खेले भैरवनाथ हो...,
एक रंग खेले भैरवनाथ...
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में  हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो कुशेश्वर 
एक रंग खेले बाबा हो कुशेश्वर
 एक रंग खेले भैरवनाथ हो..,
एक रंग खेले भैरवनाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

बाबा हरिहर नाथ, बाबा हो हो हो हो
बाबा हरिहर नाथ बाबा हरिहर नाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

मिथिला फगुआ गीत लिरिक्स - मैथिली होली गीत लिरिक्स - Maithili Holi Geet Lyrics
























रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी लिरिक्स -

Rang Ghoru Ne Priy Mithila Ke Gori

रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी
मिथिला के कुल-रीति एहन थिक
खेलत फागु सबै जोड़ी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

किनका हाथ कनक पिचकारी
किनका हाथ अबिर झोरी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

रामजी के हाथ कनक पिचकारी
सखियन हाथ अबिर झोरी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

खेलत फागु रंग - रस मातल
मिलत गले एक-एक टोली, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर लली मोरी छोटी सी लिरिक्स - Jhuk Jaiyo Tanik Raghuveer Lali Meri Chhoti Si Lyrics

lali meri chhoti si lyrics

सखी हे चलियो मिथिला देश
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
देखी सिया राम, राम सिया के
हैत जयमाल जनकसुता के
ठार सिया निहारे नैना

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
लली मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
सिया मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
जूनि करियौ, हो जूनि करियौ
अहाँ किछु धीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकीको ना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
मोरी लाली कोनो पीड़ सहे ना
काहे बनोगे वीर,
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकीको ना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

बेरी बेरी विनती करत हैं
बेरी बेरी,
बेरी बेरी विनती करत हैं
पैइया परु तोहे काहे ना सुनत हैं
कहन मानु पाहुन रघुवीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी...।

गायक: जय झा, शिवानी भगत, देव अहिरराव 
लिरिक्स: लव कर्ण, हुक लाइन: पारम्परिक 

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रविवार, 15 फ़रवरी 2026

चालू देख बहिना जुलुम भेलय भारी लीरिक्स - Chalu Dekha Bahina Lyrics

चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
गोर नार कनियाँ लऽ 
गोर नार कनियाँ लऽ 
वर लेला कारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी

नारद बाभन एहन केला काज
नारद बाभन एहन केला काज
हुनके हँसै छैन सौँसे समाज
दूल्हा लगै छै, दूल्हा लगै छै
ससुर के भतारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

बासी पहारक भांगे आहार
बासी पहारक भांगे आहार
बौरहबा के घर न दुआर
संपैत में बसहे, संपैत में बसहे
बरद के सबारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

दूल्हाक पहिरन बाघक छाल
दूल्हाक पहिरन बाघक छाल
जट्टा में सांप फुफकारे विसाल
कतय सं जोहि लेला, कतय सं जोहि लेला
तपसी भिखारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

अंग विभूति गल रुद्रक माल
अंग विभूति गल रुद्रक माल
चांद करै चम-चम बीचे लिलाट
इ वरऽ शंकर, इ वरऽ शंकर, 
छथि दुखहारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना
गोर नार कनियाँ लऽ 
गोर नार कनियाँ लऽ 
वर लेला कारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

स्वर: शारदा सिन्हा

कौना मुंहे शिव जोगी लिरिक्स - Kavna Munh Shiv Jogi Lyrics

Maithili Shiv Bhajan Kavna Munh Shiv Jogi Lyrics in Hindi

कौना मुंहे शिव जोगी
कौना मुंहे शिव जोगी
लौनी फुलवरिया कि कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना

पुरुब मुंहे शिव जोगी
पुरुब मुंहे शिव जोगी
पश्चिम फुलवरिया से पश्चिम मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से पश्चिम मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से पश्चिम मुंहे ना

घर से बाहर भैइली 
घर से बाहर भैइली 
गौरा सोहागिन से चलीरे भइली ना
गौरा शिव फुलवरिया से चलीरे भइली ना
गौरा शिव फुलवरिया से चलीरे भइली ना

बड़ बड़ फुलवा गौरा
बड़ बड़ फुलवा गौरा
नैहर पठाबलि छोटे छोटे ना
गौरा शिव पर चढ़बलि से छोटे छोटे ना
गौरा शिव पर चढ़बलि से छोटे छोटे ना

अइसन अनादर शिव
अइसन अनादर शिव
सहहु ना पाबले से चलीरे भइली ना
शिव मालिन फुलवरिया चलीरे भइली ना
शिव मालिन फुलवरिया चलीरे भइली ना

बाट रे बटोहिया की
बाट रे बटोहिया की
तुहु मोरा भईया से एहिरे बाटे ना
देखला भोला बहुरहबा के एहिरे बाटे ना
देखला भोला बहुरहबा के एहिरे बाटे ना

देखनी में देखनी गौरा
देखली में देखली गौरा
हाजीपुर बजरिया से लोढ़त रहले ना
ए मालिनि संगे फुलबा से लोढ़त रहले ना
ए मालिनि संगे फुलबा से लोढ़त रहले ना

लेहु लेहु मालिन 
लेहु लेहु मालिन 
डाला भरी सोनवां से छोरीरे देहु ना
हमरा भोला बहुरहबा के छोरीरे देहु ना
हमरा भोला बहुरहबा के छोरीरे देहु ना

आगि लगै'ब गौरा
आग लगै'ब गौरा
डाला भरी सोनवां से नाहीरे छोड़ब ना
तोरा भोला बहुरहबा के नाहीरे छोड़ब ना
तोरा भोला बहुरहबा के नाहीरे छोड़ब ना
कौना मुंहे शिव जोगी
कौना मुंहे शिव जोगी
लौनी फुलवरिया की कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना

स्वर: शारदा सिन्हा

भंगिया वर देख गौरी मुलेलैन लिरिक्स - Bhangiya Bar Dekhi Gauri Lyrics

भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

अपने शिवजी पूजा पर बैसथुन
अपने शिवजी पूजा पर बैसथुन
तोरा से टहल करेथुन हे
अपने शुवजी घण्टी बजेथुन
तोरा सं बमबम कहेथुन हे
अपने शुवजी घण्टी बजेथुन
तोरा सं बमबम कहेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

एक दम मंगथुन दुइ दम मंगथुन
एक दम मंगथुन दुइ दम मंगथुन
बोने म लिट्टी लगौथुन हे
गढ़िया देख क पत्ता ओछउथुन
सबटा अपने खेथुन हे
गढ़िया देख क पत्ता ओछउथुन
सबटा अपने खेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन