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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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10 जुल॰ 2026

Dahakan Geet

राम लखन सन सुन्दर वर के जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे लिरिक्स - Ram Lakhan San Sundar Bad Ke Juni Padhiyoun Keo Gari He

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली डहकन लोकगीत (Maithili Dahkan Geet)

राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
केवल हाश विनोद में पुछियौन
उचित कथा दुई चारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

पहिल कथा ई पुछियोन सखि सब
कहता कनिक बिचारि हे
गोर लक्ष्मण गोर कौसल्या
भरत राम किया कारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे


सुनु सखि एक अनुपम घटना
अचरज लागत भारि हे
खीर खाय बालक जनमौलन 
अवधपूरी के नारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

अकध कथा कि बाजि सजनी
रघुकुल के गति न्यारी हे
साठि हजार पुत्र जनमौलनी 
सगरक नारी छीनारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

स्नेहलता किछु आब ने कहियोन
अतबे करथि करारि हे
हंसी खुसी मिथिला सं जैता
ओतय सं भेजता महतारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

गीत - स्नेहलता

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8 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई लिरिक्स - Chalu dekhan he daai raja janak ke jamai lyrics

मिथिला धरोहर
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
नैना जोगिन विध कनिको नै जांनय
नैना जोगिन विध बुझय नै जांनय
बुझय ने विध वयवहार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
कहथिन के हिनका बुझाय
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
करै छथि माई के उद्धार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

7 जुल॰ 2026

Hindi Story

विद्यापति रचित पुरुष परीक्षा का पूरा विवरण और संपूर्ण कथा | Vidyapati Purusha Pariksha Stories in Hindi

मिथिला धरोहर
ग्रंथ का ऐतिहासिक परिचय
मैथिल कोकिल महाकवि विद्यापति की लेखनी से जन्मा 'पुरुष-परीक्षा' केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि मानव जीवन की कसौटी है। हम जिस दुर्लभ संस्करण की बात कर रहे हैं, वह पंडित चंद्रकांत पाठक जी द्वारा अनुवादित 'भाषा गद्य-पद्य सहित' रूप है। इसका प्रकाशन ऐतिहासिक 'लक्ष्मीवेंकटेश्वर स्टीम प्रेस, कल्याण-मुंबई' द्वारा किया गया था, जो इसे हमारे साहित्यिक इतिहास की एक अनमोल धरोहर बनाता है।

6 जुल॰ 2026

5 जुल॰ 2026

Bishari Geet

कहाँ तोहर आसन बासन लिरिक्स. Kahan Tohar Aasan ब3aasan Lyrics

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली बिषहरि गीत

कहाँ तोहर आसन बासन कहाँ निज धाम,
राम कहाँ निज धाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,

गंगा हमर आसन बासन गहबर निज धाम,
आहे गहबर निज धाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम…..

नाव दे रे मलहा भैया रुपे करुआर,
राम रुपे करुआर
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार

दीप दे रे कुम्हरा भैया पाट सूत बाती
राम पाठ सूत बाती
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद

धन्य हि विद्यापति सुनु बिषहरि माई
राम सुनु बिषहरि माई
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय

4 जुल॰ 2026

Gauri Geet Lyrics

गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी लिरिक्स - Gauri Pujan Ham Jaayb Yau Raghunandan Svami Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली गौरी लोकगीत

गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

आसन कम्बल हम अपने सं आनब
आसन कम्बल हम अपने सं आनब
आहाँ सिंघासन लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ सिंघासन लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

फूल बेलपत्र हम अपने सं आनब
फूल बेलपत्र हम अपने सं आनब
आहाँ गंगाजल लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ गंगाजल लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

सिंदूर सपरि हम अपने सं आनब
सिंदूर सपरि हम अपने सं आनब
आहाँ नबेद लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ नबेद लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

गौरी पूजीए पूजी भाग्य जे मांगब
गौरी पूजीए पूजी भाग्य जे मांगब
मांगी लेब दीर्घ अहिवात  यौ रघुनंदन स्वामी
मांगी लेब दीर्घ अहिवात  यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

Maithili Lokgeet

कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ लिरिक्स - Katek Dinana Saun Asra Lagaylahun

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली खोइछा खोलबाक गीत

कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
भैया के होयत बियाह हे
भैया के होयत बियाह हे

भौजो के खोंइछा में हीरा मोती आयत
भौजो के खोंइछा में हीरा मोती आयत
ओहि लए गहना घडाऐब हे
ओहि लए गहना घडाऐब हे

एहन दरिद्र घर भैया बियाहलनी
एहन दरिद्र घर भैया बियाहलनी
भौजो के खोंइचा दुभि धान हे
भौजो के खोंइचा दुभि धान हे
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
भैया के होयत बियाह हे
भैया के होयत बियाह हे


2 जुल॰ 2026

Geet Sangrah

मैथिली चैतावर गीत लिरिक्स - Maithili Chait Geet Lyrics

मिथिला धरोहर
 पारम्परिक मैथिली चैती लोकगीत संग्रह





















Geet Sangrah

मैथिली पारम्परिक कजरी गीत लिरिक्स - Maithili Kajari Geet Lyrics

मिथिला धरोहर

24 जून 2026

Maithili Lokgeet

एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ लिरिक्स - Ek Ta Baat Hamar Kani Suni Liya Lyrics in Hindi

मिथिला धरोहर
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

अहि ठामक ई बिध प्रशिद्ध अछि
अहि ठामक ई बिध प्रशिद्ध अछि
माय बहिन केर नाम लिअ
माय बहिन केर नाम लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

बिना नाम जनने जननी के
बिना नाम जनने जननी के
गावति कोना गीतगाईंन धिया
गावति कोना गीतगाईंन धिया
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

मूंद मन्द हँसि कहलनि मधुस्वर
मूंद मन्द हँसि कहलनि मधुस्वर
ताकि तिरक्षि मुसकाती सिया
ताकि तिरक्षि मुसकाती सिया
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

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