रविवार, 19 अप्रैल 2026

मैथिली पंचांग 2026-2027 | Mithila Panchang 2026-27

जुलाई 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 3 जुलाई 
योगिनी एकादशी - 10 जुलाई 
मासिक शिवरात्रि  - 12 जुलाई 
आषाढ़ अमावस्या - 14 जुलाई 
जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति - 16 जुलाई  
देवशयनी एकादशी - 25 जुलाई 
गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत - 29 जुलाई 


अगस्त 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
संकष्टी चतुर्थी - 02 अगस्त 
मौनापंचमी - 03 अगस्त
कामिका एकादशी - 09 अगस्त 
मासिक शिवरात्रि - 11 अगस्त
श्रावण अमावस्या - 12 अगस्त
हरियाली तीज - 15 अगस्त
मधुश्रावणी - 15 अगस्त
नाग पंचमी - 17 अगस्त
श्रावण पुत्रदा एकादशी - 23 अगस्त
रक्षा बंधन - 28 अगस्त
संकष्टी चतुर्थी, कजरी तीज - 31 अगस्त


सितंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जन्माष्टमी - 04 सितंबर
अजा एकादशी - 07 सितम्बर
मासिक शिवरात्रि - 09 सितंबर
भाद्रपद अमावस्या - 11 सितंबर 
गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज - 14 सितंबर
कन्या संक्रांति - 17 सितंबर
परिवर्तिनी एकादशी - 22 सितंबर 
भाद्रपद पूर्णिमा व्रत - 26 सितंबर
पितृपक्षारंभ - 27 सितंबर 
संकष्टी चतुर्थी - 29 सितंबर


अक्टूबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
जितिया - 03 अक्टूबर
इन्दिरा एकादशी - 06 अक्टूबर
मासिक शिवरात्रि - 08 अक्टूबर
अश्विन अमावस्या - 10 अक्टूबर
कलश स्थापना - 11 अक्टूबर
कल्पारम्भ - 16 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा, तुला संक्रांति - 17 अक्टूबर
महा अष्टमी, महा नवमी पूजा - 19 अक्टूबर
दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा 20 अक्टूबर
दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी - 21 अक्टूबर
पापांकुशा एकादशी - 22 अक्टूबर
कोजागरा - 25 अक्टूबर
अश्विन पूर्णिमा व्रत - 26 अक्टूबर
संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ - 29 अक्टूबर


नवंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
रमा एकादशी - 05 नवंबर
धनतेरस - 06 नवंबर
मासिक शिवरात्रि - 07 नवंबर
दिवाली, नरक चतुर्दशी - 08 नवंबर
कार्तिक अमावस्या - 09 नवंबर
गोवर्धन पूजा - 10 नवंबर
भ्रातृ द्वितीया - 11 नवंबर
छठ पूजा - 15 नवंबर
वृश्चिक संक्रांति - 16 नवंबर
देवउत्थान एकादशी - 20 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा व्रत - 24 नवंबर
संकष्टी चतुर्थी - 27 नवंबर


दिसंबर 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहारों के तिथि :-
उत्पन्ना एकादशी - 04 दिसंबर 
मासिक शिवरात्रि - 07 दिसंबर
मार्गशीर्ष अमावस्या - 08 दिसंबर 
विवाह पंचमी - 14 दिसंबर
धनु संक्रांति - 16 दिसंबर
मोक्षदा एकादशी - 20 दिसंबर
मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत - 23 दिसंबर
संकष्टी चतुर्थी - 26 दिसंबर


मिथिला पंचांग विवाह मुहूर्त 2026-2027 Mithila Panchang Vivah Muhurat 2026-2027

मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2026 :-

नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 30 ।

दिसंबर 2026 : 04, 06, 09, 10, 11, 14 ।


मिथिला पंचांग अनुसार विवाह के शुभ दिन 2027 :-

जनवरी 2027 : 18, 24, 28, 29, 31 ।

फरवरी 2027 : 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28 ।

मार्च 2027 : 01, 03, 04, 10, 11 ।

अप्रैल 2027 : 10, 21, 23, 25, 28, 29 ।

मई 2027 : 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31 ।

जून 2027 : 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24 ।

जुलाई 2027 : 01, 02, 07, 08 एवं 09 ।

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द्विरागमन के शुभ दिन 2026 :-
नवंबर 2026 : 22, 25, 26, 29 ।
दिसंबर 2026 : 09, 10, 11, 13, 14 ।


द्विरागमन के शुभ दिन 2027 :-
फरवरी 2027 : 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25 ।
मार्च 2027 : 10, 11 ।
अप्रैल 2027 : 18, 19, 21, 23, 25, 26 ।
मई 2027 : 09, 10, 12 ।

मिथिला पंचांग 2027 उपनयन मुहूर्त - Mithila Panchang Upnayan Date 2027

उपनयन संस्कार शुभ मुहूर्त 2027 

उपनयन के शुभ दिन :-
फरवरी 2027 : 9 (छन्दोग), 11, 16 (छन्दोग), 17 ।

मार्च 2027 : 17 (क्षत्रिय वैश्य), 18 ।

अप्रैल 2027 : 11 ।

मई 2027 : 10 ।

जून 2027 : 07, 09, 13, 14 ।

जुलाई 2027 : 06 (छन्दोंग) एवं 08 ।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी लिरिक्स - Balamua Kaise Tejab Re Chhoti Nandi Lyrics

बाबा दिहले टिकवा सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले नथिया सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले झुमका सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले हँसुली सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

गुरुवार, 19 मार्च 2026

बरसाइत पूजा 2026, Vat Savitri Vrat 2026

मिथिला धरोहर : वट वृक्ष के पूजन और सावित्री-सत्यवान ( Vat Savitri, Barsait ) के कथाक स्मरण करवा के विधानक कारणे इ व्रत वट सावित्री के नाम सँ प्रसिद्ध अछि।  मिथिलांचल मे एही व्रत के बरसाइत के रूप मे सेहो मनैल जाइत अछि। सावित्री भारतीय संस्कृति मे ऐतिहासिक चरित्र मानल जाइत अछि। सावित्री के अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती सेहो होइत अछि। सावित्री के जन्म विशिष्ट परिस्थिति मे भेल छलनी। कहल जाइत अछि जे भद्र देश के राजा अश्वपति के कुनो संतान नै छल। राजा संतान के प्राप्ति के लेल मंत्रोच्चारण के संग प्रतिदिन एक लाख आहुति देलथि। अठारह वर्षों धरि इ क्रम जलैत रहल। एकर बाद सावित्रीदेवी प्रकट भऽ के वर देलथि जे 'राजन अहाँके एकटा तेजस्वी कन्या पैदा होयत'।

Barsait Puja Date 2026, वटसावित्री व्रत तिथि 2026 में 16 मई (शनि दिन) के अछि। मैथिली पंचाग अनुसार!

इहो पढ़ब :-
सावित्रीदेवी के कृपा सँ जन्म लेबा के कारण सँ कन्या के नाम सावित्री राखक गेलैन। कन्या नमहर भऽ के बहुते रूपवान छलीह। योग्य वर नै भेटवा के वजह सँ सावित्री के पिता दुःखी छलैथ। राजा कन्या के स्वयं वर तकवा लेल भेजलैथ। सावित्री तपोवन मे भटकै लगलि। ओतय साल्व देश के राजा द्युमत्सेन रहैत छलैथ। कियाकि हुनक राज्य कियो छीन लेने छल। हुनक पुत्र सत्यवान के देखि के सावित्री पति के रूप मे हुनक वरण केलथि कहल जाइत अछि जे साल्व देश पूर्वी राजस्थान या अलवर अंचल के आस-पास छला। सत्यवान अल्पायु के छलैथ। ओ वेद ज्ञाता छलैथ। नारद मुनि सावित्री सँ भेट कऽ सत्यवान सँ विवाह नै करवा के सलाह देने छलैथ। मुदा सावित्री सत्यवान सँ बियाह कऽ लेली। पति के मृत्यु के तिथि मे जेखन किछे दिन शेष रही गेल तखन सावित्री घोर तपस्या केने छलि, जाहि के फल हुनका बाद मे भेटक छल।

इहो पढ़ब :-

मिथिलांचल मे अहि पाबनि में बड़क गाछमे जल चढाओल जाइत अछि त नवका बाँसक बियैन आ तारक पंखा सँ वड़ के गाछके होंकल जाइत अछि। व्रतालु स्त्रीगण एहि दिन प्रात: काल नित्यकर्म क' सासुर सँ आनल कपडा पहीर सखी सहेली संगे मंगलगीत गबैत वरक गाछके पूजैत छथि । व्रती महिला निष्ठापुर्वक गौरी आ विषहरके पूजा क' अन्त्यमे सत्यसावित्री आ सत्यवानक कथा सुनैत छथि। पूजा समाप्त भेला के बाद घर पर फूलल बूट (चना) सेहो बाँटल जाइत अछि। सावित्री आ सत्यवानक जीवनगाथासं ई व्रत जूडल हएबाक कारणे अहिवातक लेल महत्वपूर्ण मानल गेल अछि ।

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे लिरिक्स, मैथिली बरसाइत पूजा गीत लिरिक्स | Barsait Geet Lyrics

Maithili Barsait Geet Lyrics

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे 
पूजब बरसाइत हमहू,
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू

जग मग भाग-सुहाग, अहिबातक सिंगार हे -2,
हम सब सुहागिन के ई, पाबैन-तिहार
हम सब सुहागिन के ई,

बर सन लतरए-चतरए, घर-संसार हे -2,
पिया जी लै औरदा मांगी, अपना लै दुलार हे
पिया जी लै औरदा मांगी,

डाला में सजाओल, सेनुर पिठार हे - 2,
नेहक ताग बांधव, बंधन स्वीकार हे
नेहक ताग बांधव



जेठ मास अमावस सजनी गे लिरिक्स

जेठ मास अमावस सजनी गे
सभ धनी मंगल गाउ
भूषण वसन जतन कऽ सजनी गे
रचि-रचि अंग लगाउ

काजर-रेख सिनुर भल सजनी गे
पहिरथु सुबुधि सेयानि
हरखित चलल अछयबट सजनी गे
गाबति मंगल गान

घर-घर नारि हकारल सजनी गे
आदरसँ संग गेलि
आइ छिऐ बरिसति सजनी गे
तेँ आकुल सभ भेलि

घुमि-घुमि अछिंजल ढ़ारल सजनी गे
बांटल अछत सुपारि
फतुरी आसिस देल सजनी गे
जीबथु दुलहा-दुलारि

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर लिरिक्स - Holi Kanak Bhawan Mein Lyrics

Holi Kanak Bhawan Mein Khelat Siya Raghuvir Lyrics in Hindi

होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर
होली कनक भवन में खेलत सिया रघुवीर...

किनके हाथ कनक पिचकारी
किनके हाथ अबीर,
होली कनक भवन में...

राम के हाथ कनक पिचकारी
सीता हाथ अबीर,
होली कनक भवन में...।

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में होली लिरिक्स - Baba Harihar Nath Sonpur Me Holi Khele Lyrics

Baba Harihar Nath Holi Geet Lyrics

बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ, बाबा हो...
बाबा हरिहर नाथ बाबा हरिहर नाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो विदेश्वर
एक रंग खेले बाबा हो विदेश्वर
एक रंग खेले भैरवनाथ हो...
एक रंग खेले भैरवनाथ...
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो कपिलेश्वर
एक रंग खेले बाबा हो कपिलेश्वर
एक रंग खेले भैरवनाथ हो...,
एक रंग खेले भैरवनाथ...
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में  हो रंग खेले

एक रंग खेले बाबा हो कुशेश्वर 
एक रंग खेले बाबा हो कुशेश्वर
 एक रंग खेले भैरवनाथ हो..,
एक रंग खेले भैरवनाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

बाबा हरिहर नाथ, बाबा हो हो हो हो
बाबा हरिहर नाथ बाबा हरिहर नाथ...,
सोनपुर में हो रंग खेले
बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में हो रंग खेले

मिथिला फगुआ गीत लिरिक्स - मैथिली होली गीत लिरिक्स - Maithili Holi Geet Lyrics
























रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी लिरिक्स -

Rang Ghoru Ne Priy Mithila Ke Gori

रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी
मिथिला के कुल-रीति एहन थिक
खेलत फागु सबै जोड़ी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

किनका हाथ कनक पिचकारी
किनका हाथ अबिर झोरी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

रामजी के हाथ कनक पिचकारी
सखियन हाथ अबिर झोरी, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी

खेलत फागु रंग - रस मातल
मिलत गले एक-एक टोली, 
रंग घोरू ने प्रिय मिथिला के गोरी