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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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चौरचन पूजा तिथि और पूजा मंत्र
📅 सितम्बर 2026
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15 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन पाबनिक गीत : गे बहिना औथिन चौठी चान लिरिक्स - Ge Bahina Authin Chauthi Chan Lyrics

मिथिला धरोहर
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

मटकुरी में दही पौरल
अनलौं फूल आ पान
साजल डाला फल मिठाई सं
और सजल पकवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

आस लगौने पवनैतिन सब
बीतल जाइया सांझ
धीया पुता किलोल करैया
उगियौ हे भगवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

दरभंगिया गुनगान गवैया
सुखमय दिय बरदान
विक्की करे हुनके सं विनती
करथिन पुरा अरमान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

गायक: दिलीप दरभंगिया 
गीतकार: विक्की झा 


13 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन के भगवान यो ना लिरिक्स - Chaurachan Ke Bhagavan Yau Lyrics

मिथिला धरोहर
चौरचन पूजा गीत 

भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
हिमकर अहीं के पूजब
सब विधि ए विधान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
बनलै भरि डाली पूरी 
संग में पकवान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
माधव गाइब सुनावै 
पावन के गुनगान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना


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5 अग॰ 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पुजन के भेल अबेर, सीया गेली खीसीआई हे लिरिक्स - Gauri Pujan Ke Bhel Aber Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

गौरी पुजन के भेल अबेर, 
सीया गेली खीसीआई हे 

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी जल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी फूल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी नैवेद लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...।

Gauri Puja Geet

गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै लिरिक्स - Gauri Pooj Lai Sita Behal Bhel Chhai Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

​गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 
सीत सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​फुल डाली सजल रंग बिरंग फूल सं
रंग बिरंगे कनैल जूही अड़हुल सं
धुप गुगुल स गम-गम महल भेल छै 
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​नव कोबर सजल दीप अहिबात सं
जेना सीता सटल राम के कात सं
लोक बाजै जोड़ी कमाल भेल छै
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​सीता बिनती करै छैथ बहुत नेम सं
गीत गाबि-गाबि भक्ति मधुर प्रेम सं
सोभ देखी सुनैना नेहाल भेल छै ,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

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30 जुल॰ 2026

Kohbar Geet

सुंदर कनिया राम रतनिया लिरिक्स - Sunder Kaniya Ram Rataniya Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक कोहबर गीत

सुंदर कनिया राम रतनिया
सुंदर कनिया राम रतनिया
सोने लागल केबार हे
कोठे घर कोबर...

ताहि कोबर सुतय गेला दूल्हा से सुंदर दूल्हा
ताहि कोबर सुतय गेला दूल्हा से सुंदर दूल्हा
पीठ लागी सिया सुकुमारी हे
कोठे घर कोबर
पीठ लागी सिया सुकुमारी हे
कोठे घर कोबर...।

घुरि सुतु फिरि सुतु सासु जी के बेटबा
घुरि सुतु फिरि सुतु सासु जी के बेटबा
तोरे घांम चादर मलिन हे
कोठे घर कोबर
तोरे घांम चादर मलिन हे
कोठे घर कोबर...।

एतबा वचन जब सुनलनि दूल्हा
एतबा वचन जब सुनलनि दूल्हा
घोड़ा पीठ भेला सबार हे
कोठे घर कोबर
घोड़ा पीठ भेला सबार हे
कोठे घर कोबर...।

घोड़ा के लगाम धेने ठार भेली कनियाँ
घोड़ा के लगाम धेने ठार भेली कनियाँ
हमरा के कहाँ छोरि जाय हे
कोठे घर कोबर 
हमरा के कहाँ छोरि जाय हे
कोठे घर कोबर...।

नहिरा में छौगे घनी माई बाप भैया 
नहिरा में छौगे घनी माई बाप भैया 
ससुरा में लक्ष्मण दीअर हे
कोठे घर कोबर
ससुरा में लक्ष्मण दीअर हे
कोठे घर कोबर...।

अहिं प्रभु ओढन अहिं प्रभु पहिरन
अहिं प्रभु ओढन अहिं प्रभु पहिरन
अहिं प्रभु सोलहो सिंगार हे
कोठे घर कोबर
अहिं प्रभु सोलहो सिंगार हे
कोठे घर कोबर..।



26 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

रतन पलकिया चढ़ि आये दूल्हा चार हे लिरिक्स - Ratan Palakiya Chadhi Aa Dulha Chaar Re Lyrics

मिथिला धरोहर
रतन पलकिया चढ़ि आये दूल्हा चार हे
जनक जमाई अपन अवध कुमार हे

माथे मनी मोरिया सोभे चानन लिलार हे
धोतिया पियरिया पर जिया बलिहार हे

पालकी उठाए एति निपुर कहार हे
उमकैत आबै राजा जन्म दुआर हे

नारायण नर रूप बर के निहार हे
सुमनी बरसी फूल बोले जय जय कार हे


25 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

अवध नगरिया से चललै बरियतिया लिरिक्स - Awadh Nagariya Se Aile Bariyatiya Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली राम विवाह लोकगीत (बाराती गीत)

कौने नगरिया से चललै बरियतिया 
हे सुहावन लगे,
कौने नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे
कौने नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे

अवध नगरिया से चललै बरियतिया 
हे सोहावन लागे
जनक नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे

सब देवतन मिलि, चललै बरियतिया
हे सोहावन लागे
बजवा बजेला घनघोर, हे सोहावन लागे .

बजवा के शब्द सुनि ,हुलसे मोर छतिया
हे सुहावन लागे 
रौशनी सं भेलय इजोर हे सुहावन लागे 

परिछन चलली सब, सखियां सहेलियां
हे सुहावन लागे 
पहिरेली लहंगा पटोर, हे सुहावन लागे 

कहत रसिक जन, दूलहा के सुरतिया
हे सुहावन लागे
सुफल मनोरथ भइले मोर, हे सुहावन लागे 

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24 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना लिरिक्स - Pailaun Ram Ji Pahunama, Ghar Sohanma Lagai Na Lyrics

मिथिला धरोहर
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
छल विश्वास ने कखनो देखब
राम सिया के जोड़ी 
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
स्नेहलता किछु टहल बजायब
परल रहब गोरथारि
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 


5 जुल॰ 2026

Bishari Geet

कहाँ तोहर आसन बासन लिरिक्स. Kahan Tohar Aasan ब3aasan Lyrics

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली बिषहरि गीत

कहाँ तोहर आसन बासन कहाँ निज धाम,
राम कहाँ निज धाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,

गंगा हमर आसन बासन गहबर निज धाम,
आहे गहबर निज धाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम…..

नाव दे रे मलहा भैया रुपे करुआर,
राम रुपे करुआर
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार

दीप दे रे कुम्हरा भैया पाट सूत बाती
राम पाठ सूत बाती
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद

धन्य हि विद्यापति सुनु बिषहरि माई
राम सुनु बिषहरि माई
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय

4 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ लिरिक्स - Katek Dinana Saun Asra Lagaylahun

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली खोइछा खोलबाक गीत

कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
भैया के होयत बियाह हे
भैया के होयत बियाह हे

भौजो के खोंइछा में हीरा मोती आयत
भौजो के खोंइछा में हीरा मोती आयत
ओहि लए गहना घडाऐब हे
ओहि लए गहना घडाऐब हे

एहन दरिद्र घर भैया बियाहलनी
एहन दरिद्र घर भैया बियाहलनी
भौजो के खोंइचा दुभि धान हे
भौजो के खोंइचा दुभि धान हे
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
कतेक दिन सं असरा लगयलहुँ 
भैया के होयत बियाह हे
भैया के होयत बियाह हे


2 जुल॰ 2026

Geet Sangrah

मैथिली पारम्परिक कजरी गीत लिरिक्स - Maithili Kajari Geet Lyrics

मिथिला धरोहर

24 जून 2026

Maithili Lokgeet

एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ लिरिक्स - Ek Ta Baat Hamar Kani Suni Liya Lyrics in Hindi

मिथिला धरोहर
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

अहि ठामक ई बिध प्रशिद्ध अछि
अहि ठामक ई बिध प्रशिद्ध अछि
माय बहिन केर नाम लिअ
माय बहिन केर नाम लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

बिना नाम जनने जननी के
बिना नाम जनने जननी के
गावति कोना गीतगाईंन धिया
गावति कोना गीतगाईंन धिया
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

मूंद मन्द हँसि कहलनि मधुस्वर
मूंद मन्द हँसि कहलनि मधुस्वर
ताकि तिरक्षि मुसकाती सिया
ताकि तिरक्षि मुसकाती सिया
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
अहाँ ई बिध केए अंगा पैर दिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ
एकटा बात हमर कनी सुनी लिअ

18 जून 2026

Batgawani Geet

साओन मास नागपञ्चमी भेल - विषहरी गीत

मिथिला धरोहर
Saon maas nagpanchami bhel

साओन मास नागपञ्चमी भेल ।
बिसहरि गहवर सोहावन भेल ।

केओ नीपे गहवर केओ चौपारि ।
हमही अभागिन निपी दुआरि ।

केओ लोढ़े अदूल केओ वेलपत्र ।
हमहु अभागिन हरियर दूभि ।

केओ माँगे अनधन केओ माँगे पूत ।
हमहू अभागिन सिरक सिन्दुर ।

• Kathi ke chaukhandi mata kathi ke chaupaari
कथी के चौखण्डी माता कथी के चौपारि ।
कथी के ओठङनी बिसहरि खेले जुआ सारि ।
सोना के चौखण्डी मैया रूप चौपारि ।
तुलसी ओठङनी बिसहरि खेले जुआ सारि ।

28 मई 2026

Chhaumasa Geet

मैथिली छौमासा (बटगवनी) गीत लिरिक्स Maithili Chhaumasa geet lyrics

मिथिला धरोहर
• चलू सखि हे सहेलिया, बिषम लागे - लिरिक्स
चलू सखि हे सहेलिया, बिषम लागे
आइ अषाढ़ मास हे सखिया, 
चहु दिस बुन्द बरसे दिन रतिया
विषम लागे
साओन के दुखदाओन रतिया, 
कुबजी हरकनि हुनको मतिया
विषम लागे
भादव के निशि राति अन्हरिया, 
सपनो मे देखल हुनकर सुरतिया
विषम लागे
आसिन आस लगाओल सखिया, 
नहि आयल पिया निरमोहिया
विषम लागे
कातिक कंत उरन्त भेल सखिया, 
सिन्दूर-काजर ने शोभय सुरतिया
विषम लागे
अगहन अग्र सोहावन सखिया, 
सारिल धान कटायब कहिया
विषम लागे

• एहन समैया जल उमड़ल नदिया - लिरिक्स
एहन समैया जल उमड़ल नदिया, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
रीतु प्रीतु जब मास अखाढ़, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
बारी बयस मोरा जब बीतल, 
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
साओन ऊधो सर्वसोहाओन, 
फुलि गेल बेली चमेली
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
ओहि फुलवा के हार गथायब, 
किनका गले पहिरायब
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
भादव ऊधो रैनि भयाओन, 
चहुँदिस उमड़ल बाढ़ि
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
लौका लौकै बिजुरी चमकै से देखि जियरा डेराइ
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
आसिन ऊधो आस लगाओल आसो ने पूरल हमार
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
आसो जे पुरितै, कुबरी सौतिनियां मोर कन्त राखल लोभाइ
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
कातिक ऊधो पर्व लगतु हैं, 
सब सखि गंगा नहाय
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
सब सखि पहिरै पीअर पीताम्बर, 
हमरो दैव दुख देल
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो
अगहन ऊधो सारिल लिबि गेल, 
लिबि गेल सब रंग सीस
कन्हैया नहि आयल हे ऊधो

प्रथम तोहर सुनिय सोहर - लिरिक्स
प्रथम तोहर सुनिय सोहर, 
सुखक मास अखाढ़ यो
बारी वयस प्रीतम विदेश, 
हमर कोन अपराध यो
साओन हे सखि सर्व सोहाओन, 
फूलल बेली चमेलि यो
ताहि फुल देखि भमरा लुबधल, 
करय मधुर झंकार यो
भादव हे सखि रैनि भयाओन, 
दोसर राति अन्हार यो
लौका जे लौकै, बिजुरि चमकै, 
ककरा असरा हेबै ठाढ़ यो
आसिन हे सखि आस लागल, 
आसो नू पूरल हमार यो
आसो जे पुरितै, कुबरी सौतिनियां मोर कन्त राखल लोभाय यो
कातिक हे सखि पर्व लगै छै, 
सब सखि गंगा स्नान यो
सब सखि पहिरय पीअर पीताम्बर, 
हमरो दैव दुख देल यो
अगहन हे सखि सारिल लिबि गेल, 
लीबि गेल सब रंग सीस यो
ताहि सारिल देखि चिड़ै लुबुधल, 
सैह देखि हिय मोर साल यो

आएल अखाढ़ इहो सुख भेल - लिरिक्स
आएल अखाढ़ इहो सुख भेल
अमुआँ सऽ जमुआँ कटहर पाकि गेल, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
साओन बेली फुलय भकरार
देखि देखि नयना बहय जलधार, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
भादव के निसि राति अन्हार
पिया बिनु धर्म नहि बांचत हमार, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
आसिन मन में छल बिसवास
औता गोकुल सऽ पूरत अभिलास, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
कातिक पिया भेल कठोर
पछिला प्रीत बिसरि देल मोर, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं
अगहन सारिल लिबि गेल धान
सबहक श्याम बसै छथि धाम, मोहन नहि मिलिहैं
हो भगवान, केहन बेकल भेल प्राण, मोहन नहि मिलिहैं

पूस हे सखि पड़ि गेल फुहार - लिरिक्स
पूस हे सखि पड़ि गेल फुहार, भीजि गेल आँचर चीर यो
सगरि रैनि हम बैसि गमाओल, होयत कखन भोर यो
माघ हे सखि जाड़ लगै छै, पिया बिनु जाड़ो ने जाय हो
एहि अवसर मे पिया के पबितहुँ, सतितहुँ हृदय लगाय यो
फागुन हे सखि फगुआ लगै छै, उड़त अबीर गुलाल यो
रंग अतर घोरि कऽ ढ़ारितहुँ, जँ गृह रहितथि नन्दलाल यो
चैत हे सखि फूलल बेली, भ्रमर लेल निज बास यो
सब सखि पहिरय पीअर पीताम्बर, हम धनी गुदरी पुरान यो
बैसाख हे सखि उखम ज्वाला, घामे भीजय शरीर यो
एहि अवसर मे पिया के पबितौं, अँचरे सऽ बेनियां डोलाय यो
जेठ हे सखि बाँस कटबितौं, रचि-रचि बंगला छराय यो
ओहि बंगला मे दुनू मिलि सुतितौं, पुरति छबो मास यो

प्रथम तोहर सुनिय सोहर - लिरिक्स
प्रथम तोहर सुनिय सोहर, प्रथम मास अखाढ़ यो
हमरो बालम ओतहि गमाओल, कोना खेपब छबो मास यो
साओन आहो रामा सर्व सोहाओन, फूलल बेलि-चमेलि यो
ओहि फूल देखि भमरा लुबुधल, करय मधुर संग खेलि यो
भादव आहो रामा रैनि भयाओन, दोसर राति अन्हार यो
ओहि जल बिच दादुर कुहुके, कुहुकि-कुहुकि हिया साल यो
आसिन आहो रामा आस लगाओल, आसो ने पुरल हमार यो
आसो जे पुरलै, कुबजी सौतिनियाँ, मोर कंत राखल लोभाय यो
कातिक आहो रामा कन्त उरन्त भेल, प्रेमनाथ बताह यो
ककरा संगे हम कातिक खेपब, के कहत निज बात यो
अगहन आहो रामा, सारिल लुबुधि गेल, लबि गेलै सब रंग धान यो
चिड़ै-चिनमुन सब सुखहिं खेपहिं, हम धनि विरह बताहि यो

चैत आहो रामा चित भेल चंचल
चैत आहो रामा चित भेल चंचल
बितल मास बैसाख यो
रगड़ि चन्दन अंग लेपितहुँ
रहितहुँ प्रभुजी के साथ यो
जेठ पहु नहि हेठ अयला
करब कओन उपाय यो
कोन गुण ओझरयला प्रभु जी
के कहत निज बात यो
अखाढ़ आहो रामा बुन्द बरिसय
सभ सखि सांठल धान यो
साओन सिन्दुर काजर शोभय
भादब राति अन्हार यो
कोन गुण ओझरयला प्रभु जी
करब कओन उपाय यो

कोन कसुर विधना भेल बाम - लिरिक्स
हो भगवान, कोन कसुर विधना भेल बाम
मोहन तेजि गेला
अखाढ़हि मास इहो दुख भेल
आमुन - जामुन - कटहर पाकि गेल
कहब दुख ककरा
साओन बेलि फुलय कचनार
ककरा लय गांथब सुन्दर हार
ककरा पहिरायब
भादव रैनि भयाओन राति
ककरा शरण धय होयब ठाढ़
कि झहरय नीर
आसिन मास छल बिसबास
अओताह यदुपति पूरत आस
कहब दुख हुनके
कार्तिक कन्त गेलाह बिदेस
हमहुँ मरब जहर - बिख खाय
जमुना-जल धसि कय
अगहन खेते-खेते उपजल धान
रहितथि अवधपति, लबितथि धान
कि करितहुँ मे खीरे
करितौं लबान, बिनुपिया अगहन बिषम समान
कि झहरय नीरे


6 मई 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पूजय चलल रुक्मिनी संग सखि दस-पांच यो लिरिक्स - Gauri Poojay Chalal Rukmini Sang Sakhi Das Paanch Yo

मिथिला धरोहर
पारम्परिक मैथिली गौरी पूजा गीत

गौरी पूजय चलल रुक्मिनी संग सखि दस-पांच यो ।

तीन फूल लय गौरी पूजल बेली चमेली गुलाब यो ।

तीन सिन्दूर लय गौरी पूजल मटिया पीपा अचीन यो ।

तीन नैवेद्य लय गौरी अराधल नेबो नारंगी अनार यो ।

तीन वस्त्र लय गौरी पूजल लाल पीयर पटोर यो ।

तीन बेर कल जोड़ि पूजब लय गंगाजल नीर यो ।


20 अप्रैल 2026

Durga Bhajan

जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे लिरिक्स - Jagdamba Ghar Me Diyara Lyrics

मिथिला धरोहर
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -3
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2

सोने सुराही गंगाजल पानी -2
मैया जी के चरण पखार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,

सोने की थाली में व्यंजन परोसल -2
मैया जी के भोग लगा अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा...,

कंचन थार कपूर की बाती -2
मैया जी के आरती उतार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगतारण घर में दियरा बार अइनी हे -2
जगदम्बा घर में दियरा..।

1 अप्रैल 2026

Maithili Lokgeet

बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी लिरिक्स - Balamua Kaise Tejab Re Chhoti Nandi Lyrics

मिथिला धरोहर
बाबा दिहले टिकवा सेहू रे हम तेजब,
सेहू रे हम तेजब,
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले नथिया सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले झुमका सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी

बाबा दिहले हँसुली सेहू रे हम तेजब, 
सेहू रे हम तेजब, 
बलमुआ कैसे,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
बलमुआ कैसे तेजब हो छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी,
हमार जिया डोले रे छोटी ननदी


19 मार्च 2026

Barsait Geet Lyrics

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे लिरिक्स, मैथिली बरसाइत पूजा गीत लिरिक्स | Barsait Geet Lyrics

मिथिला धरोहर
Maithili Barsait Geet Lyrics

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे 
पूजब बरसाइत हमहू,
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू

जग मग भाग-सुहाग, अहिबातक सिंगार हे -2,
हम सब सुहागिन के ई, पाबैन-तिहार
हम सब सुहागिन के ई,

बर सन लतरए-चतरए, घर-संसार हे -2,
पिया जी लै औरदा मांगी, अपना लै दुलार हे
पिया जी लै औरदा मांगी,

डाला में सजाओल, सेनुर पिठार हे - 2,
नेहक ताग बांधव, बंधन स्वीकार हे
नेहक ताग बांधव



जेठ मास अमावस सजनी गे लिरिक्स

जेठ मास अमावस सजनी गे
सभ धनी मंगल गाउ
भूषण वसन जतन कऽ सजनी गे
रचि-रचि अंग लगाउ

काजर-रेख सिनुर भल सजनी गे
पहिरथु सुबुधि सेयानि
हरखित चलल अछयबट सजनी गे
गाबति मंगल गान

घर-घर नारि हकारल सजनी गे
आदरसँ संग गेलि
आइ छिऐ बरिसति सजनी गे
तेँ आकुल सभ भेलि

घुमि-घुमि अछिंजल ढ़ारल सजनी गे
बांटल अछत सुपारि
फतुरी आसिस देल सजनी गे
जीबथु दुलहा-दुलारि

21 फ़र॰ 2026

Maithili Holi Geet

मिथिला फगुआ गीत लिरिक्स - मैथिली होली गीत लिरिक्स - Maithili Holi Geet Lyrics

मिथिला धरोहर























17 फ़र॰ 2026

Maithili Lokgeet

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर लली मोरी छोटी सी लिरिक्स - Jhuk Jaiyo Tanik Raghuveer Lali Meri Chhoti Si Lyrics

मिथिला धरोहर
lali meri chhoti si lyrics

सखी हे चलियो मिथिला देश
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
देखी सिया राम, राम सिया के
हैत जयमाल जनकसुता के
ठार सिया निहारे नैना

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
लली मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
सिया मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
जूनि करियौ, हो जूनि करियौ
अहाँ किछु धीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकी कोना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर-बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
मोरी लाली कोनो पीड़ सहे ना
काहे बनोगे वीर,
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकीको ना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

बेरी बेरी विनती करत हैं
बेरी बेरी,
बेरी बेरी विनती करत हैं
पैइया परु तोहे काहे ना सुनत हैं
कहन मानु पाहुन रघुवीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी...।

गायक: जय झा, शिवानी भगत, देव अहिरराव 
लिरिक्स: लव कर्ण, हुक लाइन: पारम्परिक 

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जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

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गोनू झा कहानी

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