गुरुवार, 13 अप्रैल 2023

प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब लिरिक्स - Preetam Shyam Binu Dukh Katek Lyrics

प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब
कथी बिनु सुन भेल वन के हरिनियां
कथ बिनु झामरि देह
प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब

खढ़ बिनु सुन भेल बनकेँ हरिनियाँ
पहु बिनु झामरि देह
प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब

खाट तुराइ सेहो भेल सपना
भुइयां लोटे नामी-नामी केश
प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब

तेल फुलेल सेहो भेल सपना
भस्म भुइयां लोटत इहो केश
प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब

सूरदास प्रभु तोहरे दरस के
ईहो फागुन दिन चारि
प्रीतम श्याम बिनु दुख कतेक दिन करब

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