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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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13 अप्रैल 2023

लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं लिरिक्स - Lale Lale Arhul Ke Mala Lyrics

Lale Lale Arhul Ke Mala Lyrics Sung By Chandramani Jha

लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं 
गरदन लगा लियऽ मां 
असरण सरण बुझि एलौं सरण हम 
कोरा उठा लियऽ मां 
लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं 
गरदन लगा लियs मां 
हे मां कोरा उठा लियऽ मां

धिया पुता छोट छिन अहां महामाया 
करबै अहां नै तऽ करतै के दाया
धिया पुता छोट छिन अहां महामाया 
करबै अहां नै तऽ करतै के दाया
ज्ञान बिना माटिक मूरूत सन इ काया
बिना तकरा जगा दिय मां 
लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं 
गरदन लगा लियऽ मां
हे मां कोरा उठा लियऽ मां

आनन नै चानन कुसुम सं सिंगार - 2
सुनौं जे मैयाक ममता अपार 
आनन में चानन कुसुम सं सिंगार
सुनलौं जे मैयाक ममता अपार
दाबल सन जीवन पर टिकटिक पहार भार
तेरा हटा दिय मां हे मां
लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं
गरदन लगा लियऽ मां
हे मां कोरा उठा लियऽ मां

कोठा अटारी सं निके मड़ैया 
भेटै अहां के ममता ज मैया 
कोठा अटारी सं निके मड़ैया 
भेटै अहां के जो ममता हे मैया 
करिए कृपा मम उब डूब इ नैया 
तकरा बचा लिय मां 
लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं 
गरदन लगा लियऽ मां 
हे मां कोरा उठा लियऽ मां

सगरो चराचर अहीं केर रचना 
सुन अहां नै तऽ सुनितै के अदना 
सगरो चराचर अहीं केर रचना 
सुनिबै अहां नै तऽ सुनितै के अदना 
भावक भरल जल नैना सं चंद्रमणि 
चरनैहि लगा लिया मां 
हे मां चरनैहि लगा लिया मां 
लाले लाले अरहुल के माला बनेलौं 
गरदन लगा लियऽ मां 
असरण सरण बुझि एलौं सरण हम 
कोरा उठा लियऽ मां 
लाले लाले अड़हुल के माला बनेलौं

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