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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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6 जुल॰ 2026

29 सित॰ 2024

Maithili Lokgeet

जननि अहाँक नहि पाओल पार लिरिक्स - Janani Ahank Nahi Paaol Paar Lyrics

मिथिला धरोहर
(समदाओन, उदासी) 

जनम जनम केर थिकहु चिन्हार, 
जननि अहाँक नहि पाओल पार ॥ 

जे जननी सभ दुख हरि लेल, 
तनिक अपरिचित हम बकलेल। 
बिगड़ल के नित कएल सुधार॥
जननि ....

नचलहु जे नटवर केर संग, 
छिलकि जटा बनलहु माँ गंग ॥ 
पाप विमोचिनि सुरसरि धार॥
जननि...

जनम जनम बहुतो दुःख भेल, 
गरभ जोगाओल ककरा लेल।
कहिया करब दुःख नदिया सँ पार॥ 
जननि....

तेज भरल दृग तेसर दीप,
हम अनुखन जड़ि भेलहुँ 'प्रदीप ' 
करब कखन मा हमर उद्वार॥
जननी.............

गीतकार: मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)


3 फ़र॰ 2022

Chandramani Jha

रगड़ि-रगड़ि उबटन धिया सेवल लिरिक्स - Ragadi Ragadi Ubatan Dhiya Sewal Lyrics

मिथिला धरोहर
समदाओन / चन्द्रमणि

रगड़ि-रगड़ि उबटन धिया सेवल
सेहो करेज लगाय
बाँहिक पलनहिं झुलना झुलाओल
सेहो धिया चलि जाय।

फूल फुलायल देखितो मलिनियाँ
दहो-बहो नोरे दहाय
कतेक मनोरथ मनहि जोआओल
सबटा संगहि संग जाय।

हिचुकि-हिचुकि धिया चुप नहि भए रह
आंगन कानथि माय
डोलिया उठाय आगू बढ़ल कहरिया
अहिना युगक युग जाय।

25 जून 2021

Samdaun Geet

बिलखि-बिलखि काने, सती हे सुलोचना राम - समदाउन गीत (सुलोचना विलाप)

मिथिला धरोहर
बिलखि-बिलखि काने, सती हे सुलोचना राम 
सतीहेला हिया भेल पिपरक पात ।। 
बीच रे कपार पर डकि देल कगबा राम
डकि देल कगबा।
कहि देल अधखि के बात ।।

आरे, खसल अंगनमा में पिया जी हथबा राम 
पियाजी के हथबा
लिखि देल अपन हबाल ।।

आरे हमरा वियोग में न कानू खिजू तनिको राम 
कानू खिजू तनिको
रामजी से होयत मुलाकात ।।

आरे 'लतिका सनेह' एहो गाबे समदौनियाँ राम, 
गाबे समदौनियाँ रानी के अमर अहिबात ।।

16 अप्रैल 2021

Samdaun Geet

धिया केर हाथ बाबा वर के समरपल - समदाउन गीत

मिथिला धरोहर
धिया केर हाथ बाबा वर के समरपल 
धिया भेली ममता विभोर गे माई। 

मुसुकल सन मुँह काँपे दूनू ढोरबा, 
आँखिया में रोकल लोर गे माई । 

हमर अपन धिया वंश बदलि गेल, 
हमरो कलेजा कठोर गे माई। 

लतिका स्नेह मइया छाती दाबि हुकरथि, 
धिया लेई जायब पराय गे माई।

19 मार्च 2021

Samdaun Geet

कोना हम बिसरव बेटी के सुरतिया - समदाउन गीत

मिथिला धरोहर
कोना हम बिसरव बेटी के सुरतिया 
कहुना न बिसरल जाय।

असरा लगाय हम दुलरी के पासली 
छतिया के दूधवा पियाय

जनि कानू अनि खीजू धीर धरू जननी 
मैया कर ममता बलाय

लतिका सनेह गावे सहो समदौनि 
बेटी के शुभ दिन सहाय

Samdaun Geet

जबसे कुमारी के परलेन सगुनमा से - समदाउन गीत

मिथिला धरोहर
जबसे कुमारी के परलेन सगुनमा से 
सुधि बुधि सब विसराय गे माई। 

दिन नाही चैन पड़े रातियो न निंद आवे, 
घर रे आंगन न सोहाय गे माई । 

भोज भात बन्द करू बन्द करू बजबा से, 
गाजा बाजा लागत बलाय गे माई। 

लतिका सनेह अब चुप रहू बबनी से, 
जीवन के साथी मुसुकाय के माई।

19 फ़र॰ 2021

Samdaun Geet

मिथिला नगर तजि सिया जब चललि - समदाउन गीत

मिथिला धरोहर
मिथिला नगर तजि सिया जब चललि, 
राम सिया जब चललि 
मिथिला खसल मुरछाय-2

हिलि लिअव मिलि लिअव सखि हे सहेलिया राम
सखि हे सहेलिया अब न होयत मुलुकात - 2 

लतिका स्नेहिया गावल समदओनियां 
राम संत जन लिअव

30 जुल॰ 2020

Samdaun Geet

भाई के दरश लागी, बेकल भरत जी - समदाउन भरत बिलाप

मिथिला धरोहर
भाई के दरश लागी, बेकल भरत जी 
रने बने कधि बिलाप ।।

केनाक बिसरि गेल भइया निरमोहिया राम 
भइया निरमोहिया

चलि गेला बन चुपचाप ।।

केहन कपूत हम भेली भइया केकयी राम० ।। 
हमरे चढ़ल सिर पाप ।।

अवध अनाथ लागे, मइया भेली बिधवा राम 
मइया भेली बिधवा
पड़िगेल अन्हरी के श्राप ।।

गोड़ लागू पैयाँ परू, माता सिया जानकी राम
माता सिया जानकी
मेटू आब बिरहक ताप ।।

'लतिका सनेह' एहो गाबे समदौनियाँ राम 
गाबे समदौनियाँ
एहो थिक भरत बिलाप ।।

24 अप्रैल 2020

Samdaun Geet

केकयी के पग छानी, पूछथि भरत कानी आहे - भरत बिलाप समदाउन

मिथिला धरोहर
केकयी के पग छानी, पूछथि भरत कानी आहे
कि आहे माता, कियक भैया बनमा मांगलरे की।। 

भाई निरमोही भेला, हमरो बिसरी गेला
कि आहे माता ममता कोना क हमर त्यागल रे की।।

जानकी, लखन धन, भइया संग गेला बन
कि आहे माता हुनके दूनू के भाग जागल रे की ।।

'लतिका सनेह कहे, आँखिया से नीर बहे 
कि माता भाई बिनु भाई भेल पागल रे की।।

17 अप्रैल 2020

Samdaun Geet

बिलखि-बिलखि काने, बेकल भरत जी - समदाउन गीत Bilakhi bilakhi kane bekal bhart ji

मिथिला धरोहर
बिलखि-बिलखि काने, बेकल भरत जी 
एखनो न अयला भगवान ।। 
एक दिन अवधि रहल आब बाँकी राम 
रहल आब बाँकी
एहो भेल कलप समान ।।

मंथरा के बात सुनि राम जी के त्यागली राम, 
रामजी के त्यागली
जग भेल अयश महान ।।

जौं मोरा भइया घर आइयो नहि अयता राम 
आइयो नहि अयता हति लेब अपन परान ।। 
'लतिका सनेह धरू धीरज भरत जी 
देखू आबि गेला हनुमान ।।

15 जन॰ 2020

Maithili Lokgeet

मैथिली समदाउन लोकगीत लिरिक्स - Samdaun Geet Lyrics

मिथिला धरोहर
समदाउन गीत लिरिक्स मैथिली में
 







इहो पढ़ब :-



7 फ़र॰ 2019

Samdaun Geet

बेटी के वियोग हम कोना विधि सहबई - समदाउन गीत

मिथिला धरोहर
बेटी के वियोग हम कोना विधि सहबई,
हम ना करब धिया दान । 

अपन करेजबा के दुधबा से पोसली, 
आजु भेल दुलरी विरान । 

जौं हम जनिति एहन दिन देखबई, 
हति लिती अपन परान । 

लतिका सनेह अब कहाँ लतरायब,
उजरल स्नेहक बगान ।

20 दिस॰ 2017

Maithili Lokgeet

जखन सुनयना डोली दिस ताकथि लिरिक्स - समदाउन लोकगीत

मिथिला धरोहर
जखन सुनयना डोली दिस ताकथि, 
सीता चली भेली कनैत अधीर
भरलो आंगन जतेक नर-नारी, 
ककरहु हृदय नहि थीर
चहुँदिस रोबथि सखी रे सहेलिया, 
आमा के झहरनि नयन मोती नीर
किए जे बेटी जानकी पोसल, 
उड़ि भेली देश पराय
भनहि विद्यापति सुनू हे सुनएना, 
इहो थिक नगर बेबहार

24 नव॰ 2017

Maithili Lokgeet

राजा दशरथ एक पतिया पठओलनि लिरिक्स - समदाउन लोकगीत

मिथिला धरोहर
राजा दशरथ एक पतिया पठओलनि, 
राजा जनक नहि मान
राजा जनक जी के एके जे बेटिया, 
किए देखि धैरज बान्ह
जखन बरिअतिया दरबज्जा बिच आओल, 
राजा खसल मुरछाइ
रानी जे कनथिन रंगमहलिया, 
राजा कानथि दरबार
सखि सभ कानथिन जनक नगरिया, 
सखि बिनु रहलो ने जाय

26 अक्टू॰ 2017

Maithili Lokgeet

नैहर हमर जनकपुर रे सखिया सासुर दूर के देश लिरिक्स - समदाउन लोकगीत

मिथिला धरोहर
नैहर हमर जनकपुर रे सखिया, 
सासुर दूर के देश
आमा मोर आजु एकसरि सुतती, 
छनेछन उठती चेहाय
किए जे देखि आमा धैरज धरती, 
किए देखि रहती लोभाय
फूल जे देखि आमा धैरज धरती, 
फल देखि रहती लोभाय
पलंगा बैसल हमर बाबा कनै छथि, 
मचिया बैसल हमर माय
डोलिया के खूंटी धय सखि सभ कनै छथि, 
आब सखि सासुर जाय
घुरू भइया घुरू सखि सभ, 
अहूँ सभ घूरि घर जाउ
हमरो आमा जे कनैत हयती, 
हुनिका कहब बुझाय
भनहि विद्यापति सुनू हे सखि सभ, 
सभ बेटी सासुर जाय

21 सित॰ 2017

Maithili Lokgeet

डोलिया कहार नेने ठाढ़ दुअरिया लिरिक्स - समदाउन लोकगीत

मिथिला धरोहर
डोलिया कहार नेने ठाढ़ दुअरिया, 
विदा करू गौरी के चुमाय
गर धए हिलिमिलि हे कानथि, 
देहरि बैसल मैना माय
आब ककरा दुलारब गे बेटी, 
ककरा पेट लागि सुताएब
घूरि ताकू घूरि ताकू बेटी हे दुलरुआ, 
फेर दीअ मुख देखाय
माया रे कानथि पुनि-पुनि रोबथि, 
सखि सभ कहथि बुणय
नहिराक सुख कोना बिसरब हे आमा, 
ससुरा मे दिवस गमाय

25 अग॰ 2017

Maithili Lokgeet

जखन गौरी दाई घर सँ भेली लिरिक्स - समदाउन लोकगीत

मिथिला धरोहर
जखन गौरी दाइ घर सँ भेली, 
सखि दस रोदना पसार
ककर बदनि हम हेरइते हरब, 
संग छथि सहोदर भाय
एक कोस गेली बेटी दुइ कोस गेली, 
तेसर कोस चललो ने जाय
डोलिया उधारि जौं ताकथि गौरीदाइ,
छूटि गेल बाबा केर राज
घुरू भइया घूरि घर जइयौ, 
आमा के कहबनि बुझाय
आमा जे कनती हमरो सुरति करि, 
छने छन उठबै चेहाय

29 जून 2017

Maithili Lokgeet

सुन भवन केने जाइ छी हे सीता लिरिक्स - Soon Bhawan Kene Jaay Chhi He Sita

मिथिला धरोहर
Jahi nikunj van hamaro ke deliyai lyrics
समदाउन लोकगीत

जाहि निकुंज वन हमरो के देलिअइ, 
ताहि वन मायो ने बाप
सुन भवन केने जाइ छी हे बेटी, 
अयोध्यामे बाजत बधाइ
हरियर गोबर आंगन निपाओल, 
गजमोती अरिपन देल
अंगनामे बुलि-बुलि आमा जहे कानथि, 
जनकजी भेला अचेत
नगरक सखिया बड़ा रे निरमोहिया, 
धीया देल डोलिया चढ़ाय
भनहि विद्यापति सुनू सुनयना, 
सभ बेटी सासुर जाय

Maithili Lokgeet

बाबा केर अंगनामे ऐलै कहरिया लिरिक्स - समदाउन लोकगीत Baba ker angana me elai kahariya lyrics

मिथिला धरोहर
बाबा केर अंगनामे एलै कहरिया, 
सूनू बाबा मिनती हमार
एक बेर फेरलहुँ बेटी दुइ बेर फेरलहुँ, 
तेसर बेर फेरलो ने जाय
साँठू हे आमा पउती पेटरिया, 
हाँकू बाबा गाय महींस
आमाकेँ कानबे नगर लोक कानय, 
बाबा के कानबे दरबार
भइया के कानबे भीजल चदरिया, 
भउजी केर हृदय कठोर
किए हम आहे भउजो, नून तेल हेरायल, 
किए कोठी फोड़ल तोर
नहि अहाँ आहे ननदो, नून तेल हेरेलौं, 
नहि फोड़ल कोठी मोर
भइया दुलारू, बाबा आमां के दुलारू, 
तैं अहाँ बैरिन मोर

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