अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
20 अप्रैल 2017
Home
/
Maithili Lokgeet
/
Maithili Song Lyrics
/
Samdaun Geet
/
जनक भवन सँ चलली सीता दाइ लिरिक्स - समदाउन लोकगीत
जनक भवन सँ चलली सीता दाइ लिरिक्स - समदाउन लोकगीत
जनक भवन सँ चलली सीता दाइ,
जननी रोदना पसार
आगा-आगा राम चलू पाछहि सीता दाइ,
देवलोक फूल छिड़िआइ
कानथि सीता हंसथि रामचन्द्र,
सखि सब रोदना पसार
आमा के कानबे गंगा बहि गेल,
बाबा के कानबे हिलोर
सखी सभ कानथि गर धए सीताक,
जोड़ी बिजोड़ी केने जाइ
घुरू हे सखी सभ घुरि घर जइऔ,
आमा के कहबनि बुझाइ
कहबनि आमाकेँ पाथर भए बैसतीह,
हमहुँ बैसब हिया हारि
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2025/12/prgatal-ram-dhanudhariya-ho-ram.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2026/07/kahama-ramchandra-ji-ke-janam-bhelni.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !