Prgatal Ram Dhanudhariya Ho Ram Lyrics
प्रगटल राम धनुधरिया हो रामा, अवध नगरिया
धन धन धन एहो नवमी के तिथिया
धन धन चैत महिनमा हो रामा ।
राजा दशरथ जी के पुरल मनोरथ
धन भेल कोशिला के कोखिया हो रामा ।
गाम नगर लोक आनन्द मगन भेल
नचय-गाबय प्रेम मगनमा हो रामा ।
साजि-साजि अवधक महल अटरिया
बाजय लागल विविध बजनमा हो रामा ।
लतिकासनेह के रकटल अँखिया
जुड़ भेल प्रेमी के नयनमा हो रामा ।
अवध मे बाजय बजनमा हो रामा
चैत शुभ दिनमा ।
रामजी के भेलनि जनमुआँ हो रामा
मंगल शुभ दिनमा ।
आउ ! आउ ! आइ-माइ, पर हे पड़ोसिन
चलु देखी कौशल्या अंगनमा हो रामा ।
केओ जे मांगे अन धन सोनमा
केओ मांगे हाथ के कंगनमा हो रामा ।
नाउनि नाचय, पमरिया नाचय
सब नाचय आनन्द मगनमा हो रामा ।।
मातु कौशल्या बलि बलि जाइ छथि
पलना झुलाबथि ललनमा हो रामा ।
लतिकासनेह सखि भाग्य सराहथि
देखि छवि आनन्द मगनमा हो रामा ।
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