शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

प्रगटल राम धनुधरिया हो रामा अवध नगरिया लिरिक्स - राम जन्म सोहर

Prgatal Ram Dhanudhariya Ho Ram Lyrics

प्रगटल राम धनुधरिया हो रामा, अवध नगरिया 
धन धन धन एहो नवमी के तिथिया 
धन धन चैत महिनमा हो रामा । 
राजा दशरथ जी के पुरल मनोरथ 
धन भेल कोशिला के कोखिया हो रामा । 
गाम नगर लोक आनन्द मगन भेल 
नचय-गाबय प्रेम मगनमा हो रामा ।
साजि-साजि अवधक महल अटरिया
बाजय लागल विविध बजनमा हो रामा । 
लतिकासनेह के रकटल अँखिया 
जुड़ भेल प्रेमी के नयनमा हो रामा । 
अवध मे बाजय बजनमा हो रामा 
चैत शुभ दिनमा । 
रामजी के भेलनि जनमुआँ हो रामा
मंगल शुभ दिनमा ।
आउ ! आउ ! आइ-माइ, पर हे पड़ोसिन 
चलु देखी कौशल्या अंगनमा हो रामा । 
केओ जे मांगे अन धन सोनमा 
केओ मांगे हाथ के कंगनमा हो रामा । 
नाउनि नाचय, पमरिया नाचय 
सब नाचय आनन्द मगनमा हो रामा ।। 
मातु कौशल्या बलि बलि जाइ छथि 
पलना झुलाबथि ललनमा हो रामा । 
लतिकासनेह सखि भाग्य सराहथि 
देखि छवि आनन्द मगनमा हो रामा ।

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