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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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15 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन पाबनिक गीत : गे बहिना औथिन चौठी चान लिरिक्स - Ge Bahina Authin Chauthi Chan Lyrics

मिथिला धरोहर
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

मटकुरी में दही पौरल
अनलौं फूल आ पान
साजल डाला फल मिठाई सं
और सजल पकवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

आस लगौने पवनैतिन सब
बीतल जाइया सांझ
धीया पुता किलोल करैया
उगियौ हे भगवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

दरभंगिया गुनगान गवैया
सुखमय दिय बरदान
विक्की करे हुनके सं विनती
करथिन पुरा अरमान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

गायक: दिलीप दरभंगिया 
गीतकार: विक्की झा 


13 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन के भगवान यो ना लिरिक्स - Chaurachan Ke Bhagavan Yau Lyrics

मिथिला धरोहर
चौरचन पूजा गीत 

भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
हिमकर अहीं के पूजब
सब विधि ए विधान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
बनलै भरि डाली पूरी 
संग में पकवान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
माधव गाइब सुनावै 
पावन के गुनगान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना


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5 अग॰ 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पुजन के भेल अबेर, सीया गेली खीसीआई हे लिरिक्स - Gauri Pujan Ke Bhel Aber Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

गौरी पुजन के भेल अबेर, 
सीया गेली खीसीआई हे 

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी जल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी फूल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी नैवेद लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...।

Gauri Puja Geet

गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै लिरिक्स - Gauri Pooj Lai Sita Behal Bhel Chhai Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

​गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 
सीत सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​फुल डाली सजल रंग बिरंग फूल सं
रंग बिरंगे कनैल जूही अड़हुल सं
धुप गुगुल स गम-गम महल भेल छै 
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​नव कोबर सजल दीप अहिबात सं
जेना सीता सटल राम के कात सं
लोक बाजै जोड़ी कमाल भेल छै
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​सीता बिनती करै छैथ बहुत नेम सं
गीत गाबि-गाबि भक्ति मधुर प्रेम सं
सोभ देखी सुनैना नेहाल भेल छै ,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

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30 जुल॰ 2026

Kohbar Geet

सुंदर कनिया राम रतनिया लिरिक्स - Sunder Kaniya Ram Rataniya Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक कोहबर गीत

सुंदर कनिया राम रतनिया
सुंदर कनिया राम रतनिया
सोने लागल केबार हे
कोठे घर कोबर...

ताहि कोबर सुतय गेला दूल्हा से सुंदर दूल्हा
ताहि कोबर सुतय गेला दूल्हा से सुंदर दूल्हा
पीठ लागी सिया सुकुमारी हे
कोठे घर कोबर
पीठ लागी सिया सुकुमारी हे
कोठे घर कोबर...।

घुरि सुतु फिरि सुतु सासु जी के बेटबा
घुरि सुतु फिरि सुतु सासु जी के बेटबा
तोरे घांम चादर मलिन हे
कोठे घर कोबर
तोरे घांम चादर मलिन हे
कोठे घर कोबर...।

एतबा वचन जब सुनलनि दूल्हा
एतबा वचन जब सुनलनि दूल्हा
घोड़ा पीठ भेला सबार हे
कोठे घर कोबर
घोड़ा पीठ भेला सबार हे
कोठे घर कोबर...।

घोड़ा के लगाम धेने ठार भेली कनियाँ
घोड़ा के लगाम धेने ठार भेली कनियाँ
हमरा के कहाँ छोरि जाय हे
कोठे घर कोबर 
हमरा के कहाँ छोरि जाय हे
कोठे घर कोबर...।

नहिरा में छौगे घनी माई बाप भैया 
नहिरा में छौगे घनी माई बाप भैया 
ससुरा में लक्ष्मण दीअर हे
कोठे घर कोबर
ससुरा में लक्ष्मण दीअर हे
कोठे घर कोबर...।

अहिं प्रभु ओढन अहिं प्रभु पहिरन
अहिं प्रभु ओढन अहिं प्रभु पहिरन
अहिं प्रभु सोलहो सिंगार हे
कोठे घर कोबर
अहिं प्रभु सोलहो सिंगार हे
कोठे घर कोबर..।



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