अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
13 अप्रैल 2023
18 जून 2022
15 मई 2022
7 मार्च 2022
20 फ़र॰ 2022
25 दिस॰ 2021
Padma Shri Ganga Devi - गंगा देवी के जन्म मधुबनी जिलाक रसीदपुर गांव में 1928 मे एकटा कायस्थ परिवार मे भेल छलनी। गंगा देवी बचपने सं मिथिला पेंटिंग बनेबाक अभ्यास करैत छलथि। हुनकर वैवाहिक जीवन सफल नै रहलनि, बच्चा नै भेलाक कारण हुनकर पति हुनका छोइड़ के दोसर विवाह क लेलकैन। समयक ओहनो परिस्थिति मे गंगा देवी मिथिला पेंटिंग लेल काज करैत रहली आ मिथिला के पारंपरिक पेंटिंग हस्तशिल्प सं आगू अपन अलग एकटा शैली बनेलनी जे कच्छनी शैली (रेखाचित्र) कहल जाइत अछि।
एक दिन फ़्रांसिसी कला संग्राहक हुनका घर एलनी आ गंगा देवी के कागज द के ओहिपर अपना लेल किछ चित्र बनेबाक लेल कहलकैन। गंगा देवी के चित्रकारी देख क ओ अतेक प्रसन्न भेलैथ जे ओ गंगा देवी के इनामक तौर पर बहुते बड़का राशि द देलकैन। अहि प्रकार धीरे-धीरे हुनकर कला चित्रकारी के क्षेत्र मे उभरय लागल आ हुनकर चित्रक मांग बढैत गेलनि। हुनका दिल्ली शिल्प संग्रहालय एहन जगह पर आमंत्रित भेटनाय शुरू भेलनि।
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ताहि उपरांत ओ दुनिया भर मे कला के रूप क लोकप्रिय बनेबाक प्रयास मे विभिन्न देशक यात्रा केलथि। गंगा देवी संयुक्त राज्य अमेरिका मे आयोजित एकटा कार्यक्रम, ‘भारत के त्योहार’ मे सेहो भाग लेलथि। अहि आयोजन मे ओ अपन चित्र के प्रदर्शित केलथि आ कतेको अंतरराष्ट्रीय कलाकार द्वारा सराहल गेलथि।
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मिथिला पेंटिंग मे हुनकर प्रयास के लिए भारत सरकार हुनका National Award for Crafts सं सम्मानित केलकनी। वर्ष 1984 मे गंगा देवी के भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सं सेहो सम्मानित कैल गेलनि।
गंगा देवी के हिंसक मृत्यु 1991 मे हुनकर सौतेला बेटाक हाथो भेलनि। जे शायद हुनकर नबका अधिग्रहीत संपत्ति के हड़पय चाहैत छल। गंगा देवी जाहि परिस्थिति मे चित्रकारी के इ सफर शुरू केने छलथि, ओहिसँ स्पष्ट होइत अछि जे अहि यात्रा मे ओ बहुते किछ अर्जित केने छलथि।
6 दिस॰ 2021
14 नव॰ 2021
● उच्चैठ दुर्गा स्थान, बेनीपट्टी : जतय कालिदास के भेंटलनि ज्ञान
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| पद्मश्री जगदम्बा देवी के पेंटिंग (छवि साभार- आलेखन) |
18 अक्टू॰ 2021
17 सित॰ 2021
| सन् 1962 मे मिथिला मे भीषण अकाल पड़ल छल। ओहि अकाल सं निपटबाक लेल भारत सरकार के हैण्डीक्राफ्ट बोर्ड डिजाइनर भास्कर कुलकर्णी के अहि क्षेत्र के ग्राम्य जीवन मे विद्यमान भित्ति-चित्र के व्यवसायिक आयाम देबाक लेल मधुबनी भेजल गेलनि। ओहि समय धरि ब्राह्मण एवं कायस्थ जाति के महिला मे सेहो भित्ति-चित्रों के बनेबाक प्रचलन छल। |
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| Sita Devi photographed by Edouard Boubat, 1970, for the book The Art of Mithila by Yves Véquaud (छवि साभार : सीता-देवी.ब्लॉगस्पॉट डॉट कॉम) |
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| सीता देवी 8 सितंबर, 1969 के नई दिल्ली में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के मिथिला पेंटिंग प्रस्तुत करैत (छवि साभार: द टाइम्स ऑफ इंडिया) |
15 सित॰ 2021
17 मार्च 2021
9 जन॰ 2021
27 जून 2020
ललित कला अकादमी सं वर्ष १९९९ मे भेटल सम्मान आ उद्योग विभाग सं वर्ष २०१२-१३ मे बिहार सरकार के प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कार भेटबाक उपरांत दुलारी देवी के उत्साह और बढ़लनी। देशक दोसर राज्य सं सेहो हुनका बुलावा आबय लगलनि। कला माध्यम नामक संस्था के माध्यम सं बेंगलुरु के विभिन्न शिक्षण संस्थान सरकारी आ गैर सरकारी भवन'क की दीवार पर ५ साल धरि चित्रण केलथि। फेर मद्रास, केरल, हरियाणा, चेन्नई आ कोलकाता मे मिथिला पेंटिंग पर आयोजित कार्यशाला मे शामिल भेलथि। बोध गया के नौलखा मंदिर के देबाल पर दुलारी देवी द्वारा बनायल गेल मिथिला पेंटिंग आयो लोग के ध्यान आकर्षित करैत अछि। |












































