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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

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16 फ़र॰ 2021

रामायण काल सं जुड़ल अछि सीतामढ़ी के हलेश्वर स्थान

सीतामढ़ी के उत्तर-पश्चिम दिशा मे लगभग तीन कि.मी. के दूरी पर फतेहपुर गिरमिसानी में अवस्थित हलेश्वर नाथ महादेव ( Haleshwar Sthan, Sitamarhi ) बड़ दयालू छथिन। चुकी अहि शिवलिंग के स्थापना सोयम राजा जनक जी केने छलथि आ राम जानकी अहि शिवलिंग के पूजा अर्चना केने छलथि, तैं अहिके महता बैढ़ जाइत अछि। ओतय अहि स्थान सं हर जोतैते काल पुनौरा मे माता सीता धरती सं उत्पन्न भेल छलथि आ मिथिला सं अकाल के साया समाप्त भ गेल छल। एहन में इलाका के समृद्धि के लेल किसान बाबा हलेश्वर नाथ के जलाभिषेक करैत अछि। लोग सुख, समृद्धि, शांति, खुशहाली, पुत्र, बियाह आ अकाल मृत्यु सं बचबाक लेल बाबा हलेश्वर नाथ के जलाभिषेक करैत अछि। 

इतिहास : हलेश्वर स्थान : जानकी जन्म भूमि सीतामढ़ी शहर सं सात किमी उत्तर फतहपुर गिरमिसानी गांव में स्थित भगवान शिव के अति प्राचीन मंदिर। एतय दक्षिण के रामेश्वर सं सेहो प्राचीन आ दुर्लभ शिवलिंग अछि। एतय स्थापित शिवलिंग के स्थापना मिथिला नरेश राजा जनक द्वारा कैल गेल अछि। पुराण के अनुसार इ इलाका मिथिला राज्य के अधीन छल। एक बेरा समूचा मिथिला में अकाल पड़ल छल। पइन के लेल लोग में त्राहिमाम मची गेल अछ। तहन ऋषि मुनि के सलाह पर राजा जनक जी अकाल सं मुक्ति के लेल हलेष्टि यज्ञ केलथि। यज्ञ शुरू करय से पूर्व राजा जनक जनकपुर सं गिरमिसानी गांव पहुंचला और एतय अद्भूत शिवलिंग के स्थापना केलखिन। राजा जनक के पूजा सं खुश भ के भगवान शिव माता पार्वती के संग प्रगट भ के हुनका आर्शीवाद देलथि। राजा जनक जी अहि स्थान सं हर जोतनाय शुरू केलथि आ सात किमी के दूरी तय क सीतामढ़ी के पुनौरा गांव में पहुंचलाह, जतए हर के सिरा सं मां जानकी धरती सं प्रकट भेलथि, तखने घनघोर बरखा होमय लागल आ मिथिला सं अकाल समाप्त भेल। अहि शिवलिंग सं राजा जनक के गंहीर संबंध रहल छनि। कहल जाइत जे अहि शिवलिंग के गर्भ गृह सं नदी तक सुरंग छल, जाहि रस्ते मां लक्ष्मी आ सरस्वती जल ल के महादेव केर जलाभिषेक करए आबय छलथि। एकर चिन्ह आयो मंदिर मे अछि। 

जनकपुर सं बियाहक उपरांत अयोध्या लौटैत काल मां जानकी आ भगवान श्रीराम सेहो अहि शिवलिंग के पूजा केने छलथि। पुरान के अनुसार अहि स्थान पर अपने भगवान शिव उपस्थित भ के परशुराम के शस्त्र के शिक्षा देने। 

केने जायब : हलेश्वर स्थान जेबाक लेल सीतामढ़ी से  आटो, जीप आ बाइक सं जायल जा सकैत अछि।

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