...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌺🌸
✨ मधुश्रावणी
मधुश्रावणी व्रत कथा संग्रह पूजा बिधि विधान सहित
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

1 नव॰ 2022

Dev Uthani Ekadashi 2026 - देव उठाओन एकादशी 2026 मुहूर्त, पूजा विधि आ कथा

2026 Mein Dev Uthani Ekadashi

मिथिला धरोहर, प्रभाकर मिश्रा : कातिक शुक्ल पक्ष के एकादशी जे दीयाबाति के बाद आबय अछि ओहिके देवउत्था एकादशी Dev Uthani Ekadashi (देब उठाओन Dev Uthaun ) या देव प्रबोधिनी एकादशी कहल जाइत अछि। भाद्रपद के एकादशी के भगवान विष्णु क्षीर सागर मे शयन करवाक लेल चैल जाइत छथि और चाईर मास उपरांत कातिक मासक शुक्ल पक्ष'क एकादशी के दिन निद्रा सं जागय छथि। ताहि लेल एहि दिन के देवोत्थान या देव उठाओन एकादशी के नाम सं जानल जाइत अछि। 

पूजाक विधि
एहि दिन प्रात: काल स्नान आदि सं निवृत्त भ के भगवान् नारायण के ध्यान राखैत व्रत के संकल्प लिअ। ताहि उपरांत विष्णु सहस्रनाम के पाठ करु और घंटावादन आदि करैत एहि मंत्र सं भगवान् नारायण के जगाबु :-

इहो पढ़ब :-

भगवान् के जगेबाक बाद हुनक पूजन अर्चना और आरती करु। मान्यता अछि जे एहि दिन व्रत रखला सं बड़का सं बड़का पाप सेहो नष्ट भ जाइत अछि। एहि दिन दान के विशेष महत्व अछि ताहि लेल अपन सामर्थ्य'क अनुसार दान अवश्य करवाक चाहि।

  • देवउठनी एकादशी व्रत 2026 :
साल 2026 मे देव उठनी एकादशी शुक्रवार, 20 नवंबर, 2026 के अछि।
  • देवउठनी एकादशी पारणा मुहूर्त : 


देवोत्थान एकादशी के कथा
एक समय भगवान नारायण सं लक्ष्मी जी  कहलखिन - 'हे नाथ! आब अहाँ दिन-राईत जागल करय छिं और फेर लाखों-करोड़ों बरख धरि लेल सुईत जाय छिं आ ओहि समय समस्त चराचर के नाश सेहो क दय छिं। अत: अहाँ नियम सं प्रतिवर्ष निद्रा लेल करु। एहि सं हमरा सेहो किछ समय विश्राम करवाक समय भेट जायत।' लक्ष्मी जी के गप्प सुनि के नारायण मुस्कुरेला और बजला- 'देवी'! अहाँ उचित कहलु। हमरा जागला सं सब देवता के खास क अहाँ के कष्ट होइत अछि। अहाँके हमरा सेवा सं कनिको अवकाश नय भेटय अछि। ताहिलेल, अहाँ के कथनानुसार आय सं हम प्रति वर्ष चाईर मास शुतल करव। ओहि समय अहाँके और देवगण के अवकाश रहत। हमर इ निद्रा अल्पनिद्रा कहल जायत। इ हमर अल्पनिद्रा हमर भक्त के परम मंगलकारी उत्सवप्रद तथा पुण्यवर्धक होयत। एहि काल मे हमर जे भक्त हमर शयन के भावना क हमर सेवा करत आ शयन और उत्पादन'क उत्सव आनन्दपूर्वक आयोजित करत हुँनक घर मे अहाँ संगे सहित निवास करब।

इहो पढ़ब :-

मिथिलांचल मे साँझ के भगवती के घर करबाक पारम्परिक विध सेहो होइत अछि। अरबा चाउर'क पिठार सं तुलसी चौड़ा लग सं गोसाउनक चिनुआर धरि भगवान के पैरक छाप'क अरिपन देल जाइत अछि आ ओहि ऊपर सिनुर लागयल जाइत अछि आ अछिञ्जल भरल लोटा सं भगवती के घर करबाक विध पूरा कयल जाइत अछि।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू