





2. पद्मश्री सारदा सिंहा - Padma Shri Sharda Sinha
प्रारम्भिक समय मे गामक कीर्तन सब मे गीत गेनिहार रामबाबू झा के पहिल ब्रेक भेटलनि 1999 मे नीलम कैसेट्स के माध्यम सं, अंहि एलम्ब के नाम छल 'पैजनिया' जे बहुते लोकप्रिय रहल छल।
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बाद मे रामबाबू झा के आवाज मे 'दुर्गा बन्दना', 'सिनुरिया', 'बाबा के धाम', 'झुलनियाँ', 'मइया के पूजा' आदि सहित बहुते रास एलबम रिलीज जे हिनका मिथिला मे चर्चित स्टार बना देलकिनी।
मैथिली सिनेमा आ संगीतक क्षेत्रके विस्तृत केनिहार प्रसिद्ध निर्देशक, नायक, सगीतकार मुरलीधर ( Actor Murali Dhar ) एकटा सशक्त व्यत्क्तित्वक नाम अछि। जदि मुरलीधर जी के मैथिली फिल्मक उद्धारक कहल जाए त अहि में कोनो अतिशयोक्ति नहिं। मुरलीधर मूलरूप सँ मटनाजे गांव, नेपाल के निवासी छैथ। 1978 मे भारत सरकारक छात्रवृति सं मुंबई पहुचि पद्म विभूषण पं. जसराज सं संगीत सीखबाक संगे इप्टा सं सेहो जुरलैथ।
सुरु मे मुरलीधर के इच्छा गायक बनबाक रहैन आ किछु फिल्मक लेल गीत सेहो गेलैथ मुदा हुनका अपेक्षित सफलता नै भेटलनि। आ पुनः संगीतकार बनबा लेल प्रयास करय लगलाह। पहिल बेर एकटा नेपाली फिल्म 'देवकी' मे संगीत निर्देशन केलाक उपरांत हिंदी फिल्म 'मेम साहेब', 'यथार्थ' आदि लेल संगीत देबाक अवसर भेटलनि।
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बीआर चोपड़ा के महाभारत मे कृपाचार्य सहित अनेको हिंदी, नेपाली आ मैथिली फिल्मक अभिनेता मुरलीधर निर्देशक रूप में तखन चर्चित भेलाह जखन 1999 मे हिनक कथा-पटकथा, निर्देशन, संगीत आ अभिनयक उत्कृष्टता मैथिली फिल्म "ससता जिनगी महग सेनुर" जहन प्रदर्शित भेल, अंहि फिल्म के दर्शक के खूब प्यार भेटल छल। 2011 मे हिनक दोसर मैथिली फिल्म आयल छल "सजना के आँगन में सोलह सिंगार'' इहो फिल्म नीक छल मुदा पहिल फिल्म जंका एकरा सफलता नै भेटल। मुरलीधर एहि फिल्म लेल एकटा गीत सेहो गेने छलैथ।
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● पद्मश्री गायक उदित नारायण झा के जीवनी मैथिली में
पहिल बेरा हिंदी फिल्म 'नक्सलपंथी' मे बतौर नायक रूप मे काज करबाक उपरांत नेपालीक कृष्णा मे सेहो बतौर नायक काज केलथि। मुरलीधर मैथिली फिल्म निर्माण के पुनर्जीवित करय में महत्वपूर्ण भूमिका निभौला।
Nisha Jha Actress के जन्म 10 सितम्बर 2000 के भेल छलनी। निशा झा मूलत: दरभंगा जिलाक लक्ष्मीसागर के निवासी छथि। हिनकर माँ सुधा झा प्रसिद्ध अभिनेत्री आ थियेटर आर्टिस्ट छथि। बचपन सं अपन घर मे अपन मां सं अभिनय सीखबाक बाद ओ कमे उम्र मे अभिनय के क्षेत्र मे कदम रखी देलथि।
हिनकर अभिनय के सुरुआत भेलनि ‘डीडी बिहार’ चैनल पर मैथिली सीरियल 'गंगा प्रेमक डोर’ सं आ एकर बाद अहि क्षेत्र मे हुनकर मांग बढैत चली गेलनि। फेर ओ नेशनल जियोग्राफी के लेल वृत्तचित्र मे काज केलथि। एकरा बाद डीडी बिहार के लेल बनल मैथिली सीरियल ‘पाहुन’ मे काज केलथि।
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एकरा बाद निशा झा बड़का पर्दे पर दस्तक देलथि आ स्वरा भास्कर के संग हिंदी फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ मे अभिनय केलथि।
निशा झा द्वारा अभिनीत मैथिल फ़िल्म के नाम अछि 'हाफ़ मर्डर', 'दीवाना अहांके प्यार मे', 'कोशी के लाल", 'विधाता' आ 'जान' ।
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एखन धरिक हिनकर भोजपुरी फिल्मक - छलिया ( Chhaliya ), 'पवन पुत्र' ( Pawan Putra ), 'मेंहदी लगा के रखना 3', पराग पाटिल के निर्देशन मे बनल ‘संघर्ष' आ 'बन जा मेरी रानी' आदि नाम अछि।

गायिका कुमकुम मिश्रा ( Singer Kumkum Mishra ) के जन्म दरभंगा जिला स्थित भवानीपुर ग्राम मे भेल छनि। पिता कमलकिशोर मिश्रा, रिटायर्ड पेशकार धनबाद, बोकारो आ वर्तमान समय दरभंगा जिलाक अन्तर्गत बिरौल अनुमंडल न्यायालय मे वकालत कय रहल छथि। हिनकर नाना नेपाल स्थित झापा जिलान्तर्गत पंचगछिया मे आयुर्वेद औषधिक एकटा प्रसिद्ध चिकित्सक छलाह। प्रारम्भिक शिक्षा धनवाद सँ आ फेर BA प्रतिष्ठा एसएसएलएनटी कालेज धनबाद सँ प्राप्त केलनि।
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● लिरिक्स - आइब गेलियौ परदेस गे मै
हिनकर माँ कुशल गीतगायिन छथि। तेँ कतेको बेर हुनका संग-संग गीत गबैत रहैत छलथि। हुनका संगे कतेको बेर मिथिला - मैथिलीक मंच पर सेहो गीत गबैत छलथि। सामा-चकेवा आदि कार्यक्रम सब मे मंच पर गेबाक अवसर पहिनहुँ भेटल छलनी। मुदा मूल रूप सँ गायिकी के शुरुआत विवाह उपरान्त हिनकर पहिल कैसेट भगवती गीतक - “हे मैया सुनियौ पुकार” सं भेलनि जे मिथिलांचल मे बहुत लोकप्रिय भेल।

कुमकुम मिश्रा लगभग एखन धरि विभिन्न कैसेट आ चैनल केर माध्यम सँ ह 500 सं 600 गीत गाबि चुकल छथि। जाहि मे लगभग 200 गीतक गायन ‘कुमकुम मिश्रा यूट्यूब चैनल’ आ लगभग 400 गीत अन्यान्य चैनल सँ रेकर्डिंग करौने छथि।
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कुमकुम मिश्रा विशेष क पारम्परिक गीत बेसी गाबय छथि, शुरुआत मे नवीन मिश्रा आ अशोक चंचल जीक रचित गीत गेने रहथि। संगे महाकवि विद्यापति, मधुकर बाबा, बलभद्र झा ‘प्रेमी’, साजन खाँ, अजित आजाद, डा. चन्द्रमणि, रामसेवक ठाकुर संग बहुतो गीतकार लोकनिक गीत गेने छथि।

कुमकुम मिश्रा के पहचान भेटलनि 'भोरे-भोरे भांग पीबिकय' गीत सं, संगहि सोहर ‘एकटा धनी हो अंगिया के पातर’, विवाह गीत ‘मंगलमय दिन आजु हे’ जे ‘अनमोल दूल्हा’ सँ अछि, ‘राम लगिहें पहुनमा’ संगहि पराती ‘जागहु राम कृष्ण दोउ मूरत’ संग बहुत रास नचारी संग अन्य चीज सब खूब लोकप्रिय भेलनि। कुमकुम मिश्रा द्वरा गाओल नचारी ‘बाबा लेने चलियौ हमरो अपन नगरी’ मिथिलांचल मे बड़ प्रसिद्ध गीत अछि।

● अपन बनाक हमर दिल चुरा लेलौं अहाँ - Full Lyrics - आउ पिया हमर नगरी

सूफी रॉक फ्यूजन बैंड 'सानिध्या' के संस्थापक प्रवेश मल्लिक एकटा मंचक कलाकार के रूप मे काज करबाक उपरांत प्रसिद्ध मैथिली गायक सुनील मल्लिक संग ई मैथिलीक चर्चित अलबम '"गीत घर घर के", "छौरा तोरा बज्ज़र खसतौ", ''हमर धकधकी बढेय", "खोंता सिंगार", "लेहुआयल आँचर", आदिक बाद मैथिली फिल्म "मुखियाजी" के संगीत सेहो देने छथि।


हिनकर काजक लिस्ट बहुते नमहर अछि, अहि में "रन वे लुगाई", "बीहड़ का बागी" (MX प्लयेर), "रेड वेलवेट'' (हंगामा प्ले), "बनारस वनीला", "ट्रांजिस्टर" (अमेज़न मिनी टीवी), ऐड फिल्म 'कल्याण जेवेलरी', आ ,अनवांटेड 21, किछ नाम अछि। मैथिली गीत मे "नमड़ी लुच्चा", "झींगुर", "परदेशिया", "बेकल भेल जियरा", "उड़े रंग अबीर गुलाल", "जट जटिन", "जगमग करै इ संसार", "के पतिया" किछ गीतक नाम अछि।
हुनकर नाना चतुर्भुज सहाय भजन के गबैय्या छलखिन। विंध्यवासिनी देवी सेहो हुनका संगे बैस के भजन गाबय छलथि। एतय सं हुनकर मोन संगीत मे लागय लगलनि आ 7 वर्षक उम्र धरि आबैत -आबैत ओ लोक गीतके गायन मे सिद्ध भ चुकल छलथि। 
विंध्यवासिनी देवी के विवाह मात्र 11 वर्षके आयु मे सोनपुर अनुमडल स्थित दिघवारा निवासी सहदेश्वर चंद्र वर्मा सं भ गेलनि। ओहि समय कुनो महिला के गेनाइ-बजेनाइ ठीक नै मानल जाइत छल। बावजूद अहि बातके दरकिनार करैत विंध्यवासिनी के पति आगु बढ़बाक मौका देलखिन। विंध्यवासिनी के पति स्वयं एकटा पारसी थियेटर के जानल-मानल निर्देशक भेल करैत छलथि।
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● भारती दयाल मिथिला पेंटिंग के बनेलनी अपन पहचान, देश-विदेश मे क रह छथि मिथिलाक नाम उंच
1945 मे विंध्यवासिनी के पहिल सार्वजनिक कार्यक्रम भेलनि। पटना एबाक उपरांत ओ हिन्दी विद्या पीठ, प्रयाग सं विशारद आ देवघर सं साहित्य भूषण के उपाधि प्राप्त केलथि आ फेर पटना के आर्य कन्या विद्यालय मे संगीत शिक्षिका के रूप मे नौकरी शुरू केलथि। 1949 मे लड़की के संगीत शिक्षा के लेल ओ विंध्य कला मंदिर के स्थापना करेलथि।

1948 मे विंध्यवासिनी देवी द्वारा निर्मित संगीत रूपक ‘मानव’ के जबर्दस्त ख्याति भेटलनि। तहन आकाशवाणी के तत्कालीन महानिदेशक जगदीश चंद माथुर के धियान विंध्यवासिनी देवी के दिस आकृष्ट भेलैन आ ओ हुनका आकाशवाणी के पटना केंद्र मे लोक संगीत प्रोड्यूसर के पद पर नियुक्त केलथि। पटना आकाशवाणी सं 'भइले पटना में रेडियो के शोर तनी सुनअ सखिया..' गीत के पेश क सुर्खि मे एलथि। अहि पद पर काज करैत देवी वर्ष 1962 मे भारत-चीन युद्धक समय जवान के हौसला बढ़ेबाक लेल कतेको गीत लिखलथि। 1980 धरि ओ अहि पद पर कार्यरत रहलथि।
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● स्व० पद्मश्री महासुंदरी देवी: मिथिला पेटिंगक माय
लोक गीतके ख्याति भेटलैन त देवी के वर्ष 1954 मे भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा सगीत नाटक अकादमी के दिस सं र्स्वण पदक सम्मान भेटलनि। मैथिली, मगही आ भोजपुरी संगीत मे हुनकर योगदान के लेल 1974 मे पद्मश्री सम्मान सं सम्मानित कैल गेल गेलनि, संगे संगीत नाटक अकादमी सम्मान, बिहार रत्न सम्मान, देवी अहिल्या बाई सम्मान (1997), भिखारी ठाकुर सम्मान, मॉरीशस के दिस सं बृजेंद्र भगत मधुकर सम्मान (1995) आदि पाबि चुकली देवी के कद काफी ऊंच रहलनि।
विंध्यवासिनी देवी फिल्म मे सेहो सफल रहलथि। फिल्म मे हुनकर शुरुआत मगही फिल्म ‘भैया’ सं भेलनि, अहि फिल्मों मे गीतक बोल विंध्यवासिनी देवी के छलनी। विंध्यवासिनी जी मैथिली फिल्म 'कन्यादान' के लेल संगीत निर्देशन आ गीत लेखन के सेहो कार्य केलथि। एकर अलाबा फणीश्वरनाथ रेणू के उपन्यास ‘मैला आंचल’ पर आधारित फिल्म ‘डागडर बाबू’ के लेल आर.डी. बर्मन के निर्देशन मे ओ दु टा गीत लिखने छलथि। विंध्यवासिनी देवी जी भोजपुरी फिल्म 'छठी मइया की महिमा' मे सेहो गीत गेलथि। हिनकर अबाज मे छठी गीतक पहिल एलबम 'छठी मईया के पूजनवा' 1960 के आसपास निकल छल।
18 अप्रैल 2016 के विंध्यवासिनी देवी कला जगत सं विदा ल अंतिम सास लेलथि।
हिमाचल प्रदेश के मंडी ड्रामा स्कूल सं एक्टिंग मे डिप्लोमा करबाक बाद मुंबई दिस प्रस्थान केलथि। मुंबई जेबाक उपरांत हुनका "कृष्ण अर्जुन" सीरियल मे पहिल बेरा अभिनय करबाक अवशर भेटलनि। जाहिके बाद कखनो पाछु घुइम के नै देखलथि।
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आगू "सीआइडी", "क्यों अपने हुए पराये", "काजल", "क्राइम पेट्रोल", "हकीकत", 'क्या कहें", "दूर-दूर", "ची एंड मी", "अजनबी" मे अपन अभिनय के लोहा मनबेलथी। धारावाहिक मे सफलता भेटला पर ओके मूवी के बैनर तर पहिल हिन्दी फिल्म 'दिलनशीं" (2010) मे बतौर मुख्य नायक के भूमिका निभेलथि। "चमकू और सोहर फिल्म मे छोट सन् भूमिका सेहो केने छथि।
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वर्ष 2008 में प्रकाश झा प्रोडक्शन के "बाहुबली" सीरियल मे अहम् भूमिका निभा घर-घर मे पहचान बना लेलथि। बाहुबली मे हिनकर अभिनय के देख मैथिली फिल्म के निर्देशक मुरलीधर हिनका मैथिली फिल्म "सजना के अंगना में सोलह श्रृंगार" ( Sajna Ke Angana Mein Solah Singar ) के लेल चुनलथी। ओतय हिस्ट्री चैनल द्वारा कमल हसन पर बनायल गेल डॉक्यूमेंट्री मे कमल हसन के पिता डी श्रीनिवासन के भूमिका निभेलथि। एकर अलावा कतेको फिल्म आ सीरियल मे अभिनय क चुकल छथि।
गोविंद पाठक जी मिथिला संस्कृति आ भाषाक सेवा मे उल्लेख़नीय योगदान द रहल छैथ। दूरदर्शन के लेल मैथिली सीरियल "नैन न तिरपित भेल" मैथिली फिल्म "छुटत नहिं प्रेमक रंग", "प्रेमक बसात", "मिथिला मखान" में उल्लेख़नीय अभिनय केने छैथ। मिथिला, मैथिली प्रेम आ योगदानक लेल हिनका मैथिली युवा परिषद, जमशेदपुर द्वारा "मिथिला विभूति" के उपाधि सं सम्मानित कएल गेल छनि। गोविन्द जी द्वारा अभिनित भोजपुरी फ़िल्म "कानून हमरा मुट्ठी में", "सत्यमेव जयते", " राजा के रानी से प्यार हो गईल” आदि किछु नाम अछि।
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नीक उदघोषक आ अभिनेता गोविन्द पाठक जी के काजक लिस्ट बहुते नमहर अछि। हिन्दी टीवी सीरियल मे सोनी TV के "लेडिज स्पेशल", "क्राइम पेट्रोल", DD 1 के "सात वचन सात फ़ेरे", झांसी की रानी” (जी TV), कलर्स चौनल के "कोड रेड", &TV के "तुझसे नाराज नहि जिंदगी", "लूटेरी दुल्हन" (NDTV इमेजिन), "सावधान इन्डिया", मैं लक्ष्मी तेरे आंगन", "प्यार के पापड़", शौर्य और अनोखी की कहानी", (स्टार प्लस) आदि में हिनकर अभिनय प्रशंसनीय रहल अछि। स्टार प्लस के हास्य टीवी रियलिटी शो ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज -4 आ भोजपुरी टीवी चैनल महुआ के कॉमेडी शो "हँसी कऽ अखाड़ा" मे हुनक प्रशंसित सहभागिता अविस्मरणीय अछि। "हँसी कऽ अखाड़ा" मे ओ रनर-अप रहैथ।
चरित्र अभिनेताक रुपमें गोविन्द पाठक जी हिन्दी फ़िल्म "शकल पे मत जा", "I, Me aur Main" (2003), "सिटीलाइट्स", "किल दिल", "हीरोपंती" (2014), "गुड्डु की गन" (2015), "हिचकी" (2018) आ "गॉन केश" (2019) में अपन भूमिका निभौने छलैथ। सोनी Liv के वेब सीरीज "महारानी - सीजन 1 (2021) में सेहो नजैर ऐल छलथि।
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गोविंद पाठक जी किछ एड फिल्म सेहो केने छैथ जाहिमे भारत ससरकार के "पब्लिक सर्विस" के एड DHFL हाउसिंग फ़ायनेंस के लेल एकटा सोलो एड आ MRF शक्ति लाइफ प्लस लेल एकटा एड केने छलैथ।



अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027
मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र
तर्पण मंत्र
जनेऊ मंत्र
गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स
नचारी गीत लिरिक्स
विवाह गीत
मधुश्रावणी गीत
कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर
छोट छोट रोड़ी गरैया
सिर के सिंदूर रे गवानवा
सबहक सुधि अहाँ लै छी
कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी
कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा
मधुश्रावणी पांचम दिन कथा
मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा
उच्चैठ भगवती
उग्रतारा मंदिर