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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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24 अक्टू॰ 2026

Kojagara

देवर संग खेलब पचीसी हे कोजगरा के राति लिरिक्स Devar Sang Khelab Pachisi He

मिथिला धरोहर
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति

सोना के कौड़ी रूपा के पासा
सोना के कौड़ी रूपा के पासा
कोना खेलब हम जीतब हे
कोजगरा के राति
कोना खेलब हम जीतब हे
कोजगरा के राति
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति

मौसी सिखोलनी दादी सिखोलनी
मौसी सिखोलनी दादी सिखोलनी
आओरो सिखोलनी पीसी हे
कोजगरा के राति
आओरो सिखोलनी पीसी हे
कोजगरा के राति
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति

हमरो के देबर खेलहो ने जानहि
हमरो के देबर खेलहो ने जानहि
खै गेल भौजी सोहारी
कोजगरा के राति
खै गेल भौजी सोहारी
कोजगरा के राति
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति

देबर जे हरला हमहुँ जे जितलऊँ 
देबर जे हरला हमहुँ जे जितलऊँ 
सखी सब मारे पिहकारी हे
कोजगरा के राति
सखी सब मारे पिहकारी हे
कोजगरा के राति
देवर संग खेलब पचीसी हे 
कोजगरा के राति

Kojagara

मैथिली कोजगरा लोकगीत लिरिक्स - Kojagara Geet Lyrics

मिथिला धरोहर
Kojagara

बौआ के छियनि कोजगरा हे लिरिक्स - Bauaa Ke Chhiyani Kojagara He Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक कोजगरा गीत

बौआ के छियनि कोजगरा हे
पूर्णिमा के राति

कथी के जूत्ता कथी के छत्ता
कोने खराम चढ़ि चलता हे
पूर्णिमा के राति

सोने के जुत्ता रूपे के छत्ता
झनुकी खराम चढ़ि चलता हे
पूर्णिमा के राति

कथि के थारी, कथी के कौड़ी
किनका संग खेलता पचीसी हे
पूर्णिमा के राति

सोने के थारी, चानी के कौड़ी
भौजी संग खेलता पचीसी हे
पूर्णिमा के राति

21 अक्टू॰ 2026

Kojagara

देखियो कोजगरा के बिध महान लिरिक्स - Dekhiyo Kojagara Ke Bidh Mahaan

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली कोजगरा गीत

लाल पीयर डाला छै भैया ले माला छै
अंगना में अरिपन के सान 
देखियो कोजगरा के बिध महान

पट्टा भैर चूड़ा छै दस घौंर केरा छै
खाजा छै लड्डू छै रंग रंग बताशा छै
डाला पर रंग रंग समान 
देखियो कोजगरा के बिध महान

चांदी के थारी में तिती आ कौड़ी छै
भैया ल पेटी छै पेटी में धोती छै
तै पर पान मखान 
देखियो कोजगरा के बिध महान

रांगल पीरही छै मकुआ के छरी छै
छत्ता छै जुता छै झुनकी खराम छै
तममा भरह दुभि धान
देखियो कोजगरा के बिध महान


18 अक्टू॰ 2026

Maithili Lokgeet

चूल्हा फुकल नहीं जाए हे बरु रहितौ नैहर में लिरिक्स - Choolha Phukal Nahi Jaaye He Lyrics

मिथिला धरोहर
Choolha Phukal Nahi Jaaye He, Baru Rahitau Naihar Me 

चूल्हा फुकल नहीं जाए हे 
बरु रहितौ नैहर में
चूल्हा फुकल नहीं जाए हे 
बरु रहितौ नैहर में...

सूइत ऊईठ बारहैन सं अंगना बाहरै छी
नन्दी मुंहझौंसी के सेहो समहारै छी
बोली सहल नही जाए रे
बरु रहितौ नैहर में...

ऊखैर समाठ हमरा छुबिलो ने जाई यै
ठेकी पर पैर दैत तरबा लहरै यै
रोटी बेलल नही जाय हे
बरु रहितौ नैहर में...।

14 अक्टू॰ 2026

Durga Bhajan

चढिते आसिन में गाम, आइब जैहें हमर दुर्गा मैया लिरिक्स - Aaib Jaihen Hamar Durga Maiya Lyrics

मिथिला धरोहर
चढिते आसिनमें गाम, आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
चढिते आसिनमें गाम, आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
बाट जोहय छौ सन्तान, संगमें मिथिला नगरिया
बाट जोहय छौ सन्तान, संगमें मिथिला नगरिया
चढिते आसिनमें गाम,
चढिते आसिनमें गाम आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
चढिते आसिनमें गाम आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
बाट जोहय छौ सन्तान, संगमें मिथिला नगरिया

अबिहं मा संगे सातो रे बहिनिया
अबिहं मा संगे सातो रे बहिनिया
सभहक पूजब हम रैच रैच चरनिया
सभहक पूजब हम रैच रैच चरनिया
दै छियौ मा हम हकार 
आइब जईहें हमर दुर्गा मैया
चढिते आसिनमें गाम आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
बाट जोहय छौ सन्तान, संगमें मिथिला नगरिया

करिहें नै देरी एको दिन माता
करिहें नै देरी एको दिन माता
पुत्रक असह भेलौ दरस के बिपाशा
पूइर जेतै पूरा एक साल
आइब जईहें हमर दुर्गा मैया
चढिते आसिनमें गाम आइब जैहें हमर दुर्गा मैया
बाट जोहय छौ सन्तान, संगमें मिथिला नगरिया

स्वर: विकाश झा आ संगम झा
गीत: मनोज झा ढंगा
संगीत: कुमार संजय



15 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन पाबनिक गीत : गे बहिना औथिन चौठी चान लिरिक्स - Ge Bahina Authin Chauthi Chan Lyrics

मिथिला धरोहर
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

मटकुरी में दही पौरल
अनलौं फूल आ पान
साजल डाला फल मिठाई सं
और सजल पकवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

आस लगौने पवनैतिन सब
बीतल जाइया सांझ
धीया पुता किलोल करैया
उगियौ हे भगवान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

दरभंगिया गुनगान गवैया
सुखमय दिय बरदान
विक्की करे हुनके सं विनती
करथिन पुरा अरमान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान
भादो मास तिथि चतुर्थीक
भादो मास तिथि चतुर्थीक
निप्पल अंगना दलान
गे बहिना औथिन चौठी चान
गे बहिना औथिन चौठी चान

गायक: दिलीप दरभंगिया 
गीतकार: विक्की झा 


Chaurchan Puja

Chaurchan Puja 2026 in Mithila - Chauth Chandra Puja 2026

मिथिला धरोहर
मिथिला धरोहर : भादव मासक शुक्ल पक्षक चतुर्थी (चौठ) तिथिमे साँझखन चौठचन्द्र कऽ पूजा होइत अछि जकरा लोक चौरचन पाबनि कहै छथि। एहि बेरा इ पावनि 14 सितंबर 2026 के परत। एहि समय चन्द्रमा कनी काल रहि कऽ डूबि जै छथि। एहि दुर्लभताकऽ कारणेँ लोकमे प्रचलित अछि जे कोनो व्यक्ति के बहुत दिनपर देखबापर कहै छथि जे अहाँ तँ 'अलखख चान' (अलक्ष्य चान) भऽ गेलहुँ। पुराणमे प्रसिद्ध अछि जे चन्द्रमा कऽ एहि दिन कलंक लागल छलनि। तेँ एहि समयमे हुनख दर्शनकेँ दोषापूर्ण मानल जैत अछि। मान्यता अछि जे एहि समयक चन्द्रमाकऽ दर्शन करबापर फूसिकऽ कलंक लगैत अछि। एहि दोषक निवारण करबाक लेल "सिंह: प्रसेन" वला मन्त्रक पाठ कैल जैत अछि।

चौरचन पूजा 2026 मे 14 सितंबर, 2026 के अछि।

ई मिथिला सँ भिन्न प्रान्तक व्यवहार थिक। मिथिलामे भादवकऽ इजोरियाकऽ चौठमे मिथ्या कलंक नञि लागय ताहि हेतु रोहिणी सहित चतुर्थी चन्द्रक पूजा होइत अछ।



एहि पावनि सँ जुरल एकटा कथा अछि जे एक बेर गणेश भगवान केर देखि चन्द्रमा हँसि देलैथ, एहिपर ओं चन्द्रमा के सराप देलैथ जे अहाँ कऽ देखबा सँ लोक कलंकी होयत। तखन चन्द्रमा भादव शुक्ल चतुर्थी मे गणेशक पूजा केलनि। ओं प्रसन्न भऽ कहलथिन:- अहाँ निष्पाप छी, जे व्यक्ति भादव शुक्ल चतुर्थीकेँ अहाँक  पूजा कऽ 'सिंह प्रसेन...' मन्त्रसँ अहाँक दर्शन करत तकरा मिथ्या कलंक नञि लगतै ओकर सभ मनोरथ पूर्ण होयत।
चौठचन्द्र केर पूजा:- ई चतुर्थी सूर्यास्तक बाद अढ़ाइ घण्टा धरिक, लेल जाइछ। जँ तिथि दू दिन एहि समय म पड़य तँ अगिला दिन व्रत ओ पूजा हो। भरि दिन व्रत कऽ साँझखन अंगना मे पिठार सँ अरिपन देल जाइछ। गोलाकार चन्द्र मण्डलपर केराक भालरि (पात) दऽ ओहिपर पकमान, मधुर, पूड़ी, ठकुआ, पिड़ुकिया, मालपूआ पायस आदि राखी। मुकुट सहित चन्द्रमाक मुँहक अरिपनपर केराकऽ भालरि दऽ रोहिणी सहित चतुर्थी चन्द्रक पूजा उज्जर फूल सँ पच्छिम मुहेँ करी। परिवारक सदस्यकऽ संख्यामे पकमान युक्त डाली आ दहीक छाँछी कऽ अरिपनपर राखी। केराक घौर, दीप युक्त कुड़वार (माटिक कलश), लावन आदिकऽ अरिपनपर राखी। एक-एक डाली, दही, केराक घौर उठाऽ 'सिंह: प्रसेन....' मंत्रक संग 'दधिशंखतुषाराभम्...' मन्त्र पढ़ि समर्पित करी। प्रत्येक व्यक्ति एक-एक फल हाथमे लऽ ओहि मन्त्र सँ चन्द्रमाकऽ दर्शन कऽ प्रणाम करी। दक्षिणा उत्सर्ग कऽ प्रसाद ग्रहण करी। चन्द्रमण्डलपर राखल प्रसाद कऽ उपस्थित पुरुषवर्ग ओकर चारू भर गोलाकार पंक्तिबद्ध कऽ पातपर फराक-फराक भोजन कऽ ओही ठाम खैद खूनि गाड़ि दी एकरा मड़र भाङब कहल जाईत अछि। चन्द्रमाक आराधना सँ बहुतो व्यक्ति कऽ कामना पूर्ण भेलनि अछि। मिथिलाकऽ विशेष पर्व चौरचन अपना मे एहि ठामक संस्कृति केर अनेक बिन्दु कऽ समेटने अछि।

13 अग॰ 2026

Chaurchan Geet

चौरचन के भगवान यो ना लिरिक्स - Chaurachan Ke Bhagavan Yau Lyrics

मिथिला धरोहर
चौरचन पूजा गीत 

भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
गाय गोबर सं अंगना निपल
चौखुट अरिपन ऊपर लिखल
हिमकर अहीं के पूजब
सब विधि ए विधान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
राखल भरि थारी पचनेर
कलसक ऊपर नारिकेर
बनलै भरि डाली पूरी 
संग में पकवान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना

चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
चीनी के पूरी आ पिरिकिया
मोरर तर में खजुरी टिकिया
माधव गाइब सुनावै 
पावन के गुनगान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना
भादव शुक्ल चतुर्थी 
उगिलैथ चौठी चान यो
चौरचन के भगवान यो ना


इहो पढ़ब :-


5 अग॰ 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पुजन के भेल अबेर, सीया गेली खीसीआई हे लिरिक्स - Gauri Pujan Ke Bhel Aber Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

गौरी पुजन के भेल अबेर, 
सीया गेली खीसीआई हे 

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी जल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी फूल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी नैवेद लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...।

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