गुरुवार, 15 जनवरी 2026
शनिवार, 3 जनवरी 2026
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
हे गे सुनरकी, हाय हाय गोरकी, बाह रे पतरकी
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
मधुबनी के आंगी पहिर ले, मधेपुरा के सारी
बेगुसराय साया पहिर ले, चोली बहेड़ा बाली
मधुबनी के आंगी पहिर ले, मधेपुरा के सारी
बेगुसराय साया पहिर ले, चोली बहेड़ा बाली
सीतामढ़ी के पायल पहिर ले -2
सहरसाक मनटिका गे
हे गे सुनरकी, हाय हाय गोरकी, बाह रे पतरकी
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे -2
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
पूर्णिया के पहुची पौंची पहिरे, चूड़ी भागलपुर के -2
चन्द्रहार गरदैन मे पहिरै जिला समस्तीपुर के
पूर्णिया के पहुची पौंची पहिरे, चूड़ी भागलपुर के
चन्द्रहार गरदैन मे पहिरै जिला समस्तीपुर के
बूटा खगड़िया बाला, झुमका दुमका बाला गे
हे गे सुनरकी, हाय हाय गोरकी, बाह रे पतरकी
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
कटिहारक कटि डरकस पहिरै, दलसिंहसराय के बिंदिया
सुंदर रूप निहारब कनि हे, भागत हमरो निंदिया
कटिहारक कटि डरकस पहिरै, दलसिंहसराय के बिंदिया
सुंदर रूप निहारब कनि हे, भागत हमरो निंदिया
जी भैर कऽ देखब तोरा हम -2
मोन हैत बड़ चंगा गे
हे गे सुनरकी, हाय हाय गोरकी, बाह रे पतरकी
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
तोरे लेल हम आंगी सीएलियो
हमहुँ सीएलौ अंगा गे
हे गे सुनरकी, हाय हाय गोरकी, बाह रे पतरकी
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
हे गे सुनरकी गोरकी पतरकी
लऽ चलबौ दरिभंगा गे
गायक, गीत : चन्द्रमणि झा
मैथिली शिव नचारी गीत
लोहा में सटी गेल सोना हम बाजब कोना
सखीहे हम बाजब कोना, दैय्या हम बाजब कोना
लोहा में सटी गेल सोना हम बाजब कोना...
बूढ़ बरद पर अपने, झोरा डामर सं झपने
बुढ़बा जानय यै किछु टोना
हम बाजब कोना...
भंगिया भकूआएल जेना, संगही में भूतक सेना
गौरी के लिखल छल किछु होना
हम बाजब कोना...
मन छल चित छल, करितौं पण्डित बर
कहथिन विद्यापति लिखल बिधना
हम बाजब कोना...
Tags:
Maithili Lokgeet,
Shiv Bhajan
सोमवार, 29 दिसंबर 2025
खीर खाय लै थारी दे बऽ
दूध खाय लै पारि दे बऽ
खीर खाय लै थारी दे बऽ
दूध खाय लै पारि दे बऽ
हो दे बऽ, हो दे बऽ,
हौ दे बऽ गरमा गरम नित चाह
हौ ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह..
खीर खाय लै थारी दे बऽ
दूध खाय लै पारि दे बऽ
हो ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह -2
गोरकी जे भेटअ तऽ बात बुझह बनलै -2
करकी जे भेटअ तऽ चिन्ता नै करि'ह
टाका चोरौक सं पाउडर आ अलता
कीन लेबै बाबा फिकिर जूनि करि'ह
बांकी जोगार सब तोरे पर रह'तऽ -2
बाबू हमर मरखाह,
हौ ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
नमकी जे भेटअ तऽ बात बुझह बनलै -2
छोटकी जे भेटअ तऽ चिन्ता नै करि'ह
गुदरी बजार सं आन कऽ रखने छी
एड़ी बला जूती फिकिर जूनि करि'ह
बीत रहल उत्पाती गदहा पचीसी -2
हमरा पर क'रऽ परवाह
हौ ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
पूरब जे भेटअ तऽ बात बुझह बनलै -2
पच्छिम जे भेटअ तऽ चिन्ता नै करि'ह
लाठी कऽ हाथे हम सारी पहिरेबै
गरबर डरेस लऽ फिकिर जूनि करि'ह
अय बेर लगन मे ने लॉटरी लगे बऽ -2
तोरे सं कर बऽ बियाह
हौ ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह
खीर खाय लै थारी दे बऽ
दूध खाय लै पारि दे बऽ
हो ब्रह्म बाबा हमरो करा दऽ बियाह -2
स्वर: Hemkant Jha, गीत: चंद्रमणि झा
आयल छी बड़ी दूर सं लऽ फूल कऽ डाली
करूणामयी करुणा करू अम्बे महा काली
आयल छी बड़ी दूर सं लऽ फूल कऽ डाली
करूणामयी करुणा करू अम्बे महा काली
आयल छी बड़ी दूर सं
माते गोसाउनि छी अहाँ आराधना सुनियो
पूजा करि हम पूर्ण मनोकामना करियो
माते गोसाउनि छी अहाँ आराधना सुनियो
पूजा करि हम पूर्ण मनोकामना करियो
अंतरयामी छी अम्बे की अर्जी सुनाबि
करूणामयी करुणा करू अम्बे महा काली
आयल छी बड़ी दूर सं
भैरवी भयहारनी उधार करू माँ
कण्ठ परहक कंस के संघार करू माँ
भैरवी भयहारनी उधार करू माँ
कण्ठ परहक कंस के संघार करू माँ
विणाक संग वाणी दिअ रागनी गाबि
करूणामयी करुणा करू अम्बे महा काली
आयल छी बड़ी दूर सं
नारायण के घर लक्ष्मी दिनों के घर अबियो
निर्धन के घरे रुखल सुखल भाव सं पबियो
नारायण के घर लक्ष्मी दिनों के घर अबियो
निर्धन के घरे रुखल सुखल भाव सं पबियो
चंद्रमणि मेवा मधुर आब कोन विध लाबि
करूणामयी करुणा करू अम्बे महा काली
आयल छी बड़ी दूर सं...।
गीत: चंद्रमणि झा
फेरु नयन से अम्ब अपन पुत्र जानी कऽ
ककरा कहु दुखरा सघन कानी कानी कऽ
फेरु नयन से अम्ब...
जगतारणी दुख हारनी हे माई छी अहाँ -2
माताक चरण छोड़ सरण जाइ हम कहां
आँचर के छाह दान दि नीह मान कऽ
ककरा कहु दुखरा सघन कानी कानी कऽ
फेरु नयन से अम्ब...
माया महान ध्यान सं सबहक सुनैत छी -2
गलती लेल माई हम माफी मंगौत छी
दारुन कथा अति दीन के सुनियो अकान कऽ
ककरा कहु दुखरा सघन कानी कानी कऽ
फेरु नयन से अम्ब...
जिंदगी के सऽख बिंदु पर घिरनी बना देलौं -2
दर्शन लै हमर आँखि कै हिरनी बना देलौं
आशीष धुनि लऽ चंद्रमणि बैसल यै ठानी कऽ
ककरा कहु दुखरा सघन कानी कानी कऽ
फेरु नयन से अम्ब...
स्वर, गीत: चंद्रमणि झा
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
हारल थाकल शरण मे एलौ -2
मईया अहाँ समहारू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी...
बेनीपट्टी धन्य भेल अछि
माँ के अजगुत माता हे
निर्धन के घर अन-धन दै छथि
आ कोढ़िया के काया हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
हारल थाकल शरण मे एलौ
मईया अहाँ समहारू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी...
दोसर पूजब माँ जगतार
बनगांव महिषी जाय हे
फल पायब मईया के चरण मे
माथा अपन झुकाय हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
हारल थाकल शरण मे एलौ
मईया अहाँ समहारू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी..
तेसर पूजब दुर्गा मईया
डीह नवादा वासिनि हे
मनोकामना पूर्ण करै छथि
जगदम्बा दुख हारनी हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
हारल थाकल शरण मे एलौ
मईया अहाँ समहारू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी..
चारिम पूजब बाबा कुशेश्वर
मिथिला के वैद्यनाथ हे
हार गंगाजल चढा चंद्रमणि
सब मिली होउ सनाथ हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी
दुख सं माई उबरू हे
हारल थाकल शरण मे एलौ
मईया अहाँ समहारू हे
सिद्धपीठ उच्चैठक देवी...
स्वर, गीत: चंद्रमणि झा
रविवार, 28 दिसंबर 2025
क्षमा करू जगदम्बे मईया
केने बड़ अपराध छी
निर्बल सन्तानक रक्षक हे
माई अहाँ निर्बाध छी
भजन भाव कहियो नै केलौ
फस क अहि जनजाल मे
जीवन भर ओझरैले रहलौं
व्यर्थक माया जाल मे
दयामयी दि सरण अपन अछि
दु पल के ई राज की
निर्बल सन्तानक रक्षक हे
माई अहाँ निर्बाध छी
क्षमा करू जगदम्बे मईया
विपदिक मारल कण्ठ न खूजै
अहाँ बिना हम जाऊ कतै
अहिं कहु हे माई अहाँ बिनु
दोसर अछि के माई एतए
गाबि सकै ने गीत अहाँ के
से कण्ठक सुर साज की
निर्बल सन्तानक रक्षक हे
माई अहाँ निर्बाध छी
क्षमा करू जगदम्बे मईया
काम क्रोध मद मोह लोभ सं
जर जर अछि पापी काया
मुदा अहिं छी असुर भयावनी
भक्त उबारिणी जग माया
विपदही मे जीवन जौं बितै
तैं जीवन के काज की
निर्बल सन्तानक रक्षक हे
माई अहाँ निर्बाध छी
क्षमा करू जगदम्बे मईया
महीखा मर्दनी विघ्न विनाशिनी
शिवा भवानी तारा छी
सरणागत हम चरण चंद्रमणि
मईया अहिं सहारा छी
तारू नहीं हे माई सरन सं
राखु हमरो लाज इ
निर्बल सन्तानक रक्षक हे
माई अहाँ निर्बाध छी
क्षमा करू जगदम्बे मईया
गीतकार: चंद्रमणि झा
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
एहन कनियाँ, यौ एहन कनियाँ
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
कमल मुखी अति कोमल किसलय
रचलनी विधना बड़ारे जतन कए
गोर भुभुक मन-मोहनियाँ
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
चान बदन दुनु नयन तरेगन
दांत अधर बीच फुटल खुशम सन
कोकिल कण्ठ कतेक गुणयाँ
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
तन्नूक ततेक जतेक लजकोटर
बाजब मधुर चलब बड़ सुंदर
छुन छुन पायरक पैजनिया
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
सैंतल सिया सन दिया रे मनोहर
दान कएल हम अपन धरोहर
मान बढ़ाओत लक्ष्मीनिया
दुल्हा कतहुँ ने पायब एहन कनियाँ
गायक - सवर्ण लता झा
गीतकार - चंद्रमणि झा
शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025
• खोरे मंगला | माटि ने लागौ तनमे दिखहें..
Tags:
Chandramani Jha