शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2024

परदेसिया के नारी सदा दुखिया लिरिक्स - Pardesiya Ke Nari Sada Dukhiya Lyrics

परदेसिया के नारी सदा दुखिया, परदेशिया
चारि महीना के गरमी लगतु हैं
कहियो ने सुतलौं डोला के बेनिया, परदेशिया
परदेसिया के नारी सदा दुखिया

चरि महीना बुन्द पड़तु हैं
कहियो ने सुतलौं छेबा के बंगला, परदेशिया
परदेसिया के नारी सदा दुखिया

चारि महीना जाड़ लगतु हैं
कहियो ने सुतलौं भरा के सिरका
परदेसिया के नारी सदा दुखिया, परदेशिया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !