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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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11 जून 2026

Bhakti Geet

सबके करम बाबा लिखलों इजोरिया लिरिक्स - Sabke Karam Baba Likhalau Ejoriyaa Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली शिव भजन

सबके करम बाबा लिखलों इजोरिया 
सबके करम बाबा लिखलों इजोरिया 
हमरा करम मे अन्हार यौ
बाबा हमरा करम मे अन्हार यौ

दुख ही जन्म लेलौं, दुख में जिबय छी
सुखक छोरलौ बिचार यौ
साबन भादो सन बनल दुनु नैना
नोरक बहै यै धार यौ
बाबा नोरक बहै यै धार यौ

भूखे पियासे बाबा दिवस कटै छी
सपना बनल आहार यौ
कहु यौ दानी हम जीयब कोना कऽ
अहिं छी हमर आधार यौ
बाबा अहिं छी हमर आधार यौ

भक्ति भजन बाबा किछु नै जानय छी
आयल छी अंहिके के द्वार यौ
अहूँ नै सुनय बाबा कहु कतय जेबय
के मोरा करत बेरा पार यौ
बाबा के मोरा करत बेरा पार यौ
सबके करम बाबा लिखलों इजोरिया 
सबके करम बाबा लिखलों इजोरिया 
हमरा करम मे अन्हार यौ
बाबा हमरा करम मे अन्हार यौ

Singer -Priyanka Maithil
Lyrics -Kavi sharwan Kumar

15 फ़र॰ 2026

Bhakti Geet

चालू देख बहिना जुलुम भेलय भारी लीरिक्स - Chalu Dekha Bahina Lyrics

मिथिला धरोहर
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
गोर नार कनियाँ लऽ 
गोर नार कनियाँ लऽ 
वर लेला कारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी

नारद बाभन एहन केला काज
नारद बाभन एहन केला काज
हुनके हँसै छैन सौँसे समाज
दूल्हा लगै छै, दूल्हा लगै छै
ससुर के भतारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

बासी पहारक भांगे आहार
बासी पहारक भांगे आहार
बौरहबा के घर न दुआर
संपैत में बसहे, संपैत में बसहे
बरद के सबारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

दूल्हाक पहिरन बाघक छाल
दूल्हाक पहिरन बाघक छाल
जट्टा में सांप फुफकारे विसाल
कतय सं जोहि लेला, कतय सं जोहि लेला
तपसी भिखारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

अंग विभूति गल रुद्रक माल
अंग विभूति गल रुद्रक माल
चांद करै चम-चम बीचे लिलाट
इ वरऽ शंकर, इ वरऽ शंकर, 
छथि दुखहारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना
गोर नार कनियाँ लऽ 
गोर नार कनियाँ लऽ 
वर लेला कारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना जुलुम भेलय भारी
चालू देखऽ बहिना

स्वर: शारदा सिन्हा

Bhakti Geet

कौना मुंहे शिव जोगी लिरिक्स - Kavna Munh Shiv Jogi Lyrics

मिथिला धरोहर
Maithili Shiv Bhajan Kavna Munh Shiv Jogi Lyrics in Hindi

कौना मुंहे शिव जोगी
कौना मुंहे शिव जोगी
लौनी फुलवरिया कि कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना

पुरुब मुंहे शिव जोगी
पुरुब मुंहे शिव जोगी
पश्चिम फुलवरिया से पश्चिम मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से पश्चिम मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से पश्चिम मुंहे ना

घर से बाहर भैइली 
घर से बाहर भैइली 
गौरा सोहागिन से चलीरे भइली ना
गौरा शिव फुलवरिया से चलीरे भइली ना
गौरा शिव फुलवरिया से चलीरे भइली ना

बड़ बड़ फुलवा गौरा
बड़ बड़ फुलवा गौरा
नैहर पठाबलि छोटे छोटे ना
गौरा शिव पर चढ़बलि से छोटे छोटे ना
गौरा शिव पर चढ़बलि से छोटे छोटे ना

अइसन अनादर शिव
अइसन अनादर शिव
सहहु ना पाबले से चलीरे भइली ना
शिव मालिन फुलवरिया चलीरे भइली ना
शिव मालिन फुलवरिया चलीरे भइली ना

बाट रे बटोहिया की
बाट रे बटोहिया की
तुहु मोरा भईया से एहिरे बाटे ना
देखला भोला बहुरहबा के एहिरे बाटे ना
देखला भोला बहुरहबा के एहिरे बाटे ना

देखनी में देखनी गौरा
देखली में देखली गौरा
हाजीपुर बजरिया से लोढ़त रहले ना
ए मालिनि संगे फुलबा से लोढ़त रहले ना
ए मालिनि संगे फुलबा से लोढ़त रहले ना

लेहु लेहु मालिन 
लेहु लेहु मालिन 
डाला भरी सोनवां से छोरीरे देहु ना
हमरा भोला बहुरहबा के छोरीरे देहु ना
हमरा भोला बहुरहबा के छोरीरे देहु ना

आगि लगै'ब गौरा
आग लगै'ब गौरा
डाला भरी सोनवां से नाहीरे छोड़ब ना
तोरा भोला बहुरहबा के नाहीरे छोड़ब ना
तोरा भोला बहुरहबा के नाहीरे छोड़ब ना
कौना मुंहे शिव जोगी
कौना मुंहे शिव जोगी
लौनी फुलवरिया की कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना
शिव जोगी रखी ले दुअरिया से कौना मुंहे ना

स्वर: शारदा सिन्हा

Bhakti Geet

भंगिया वर देख गौरी मुलेलैन लिरिक्स - Bhangiya Bar Dekhi Gauri Lyrics

मिथिला धरोहर
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
अपने शिव जी बसहा पर चढ़थुन
तोरा सं डोरी धरेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

अपने शिवजी पूजा पर बैसथुन
अपने शिवजी पूजा पर बैसथुन
तोरा से टहल करेथुन हे
अपने शुवजी घण्टी बजेथुन
तोरा सं बमबम कहेथुन हे
अपने शुवजी घण्टी बजेथुन
तोरा सं बमबम कहेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन

एक दम मंगथुन दुइ दम मंगथुन
एक दम मंगथुन दुइ दम मंगथुन
बोने म लिट्टी लगौथुन हे
गढ़िया देख क पत्ता ओछउथुन
सबटा अपने खेथुन हे
गढ़िया देख क पत्ता ओछउथुन
सबटा अपने खेथुन हे
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन
कोना के दिनमा जैतै हें
भंगिया वर देख गौरी मुलेलैंन


14 फ़र॰ 2026

Bhakti Geet

डमरु बजाक मन मोही लेलकै, गौरी के सजनमा लिरिक्स - Man Mohi Lelkai Gauri Ke Sajanma Lyrics

मिथिला धरोहर
डमरु बजाक मन मोही लेलकै, गौरी के सजनमा

दौरी दौरी गौरी आसनी आनय गेली
मृग के छाला ओछा लेलकै, गौरी के सजनमा
डमरु बजाक मन मोही लेलकै...
 
दौरी दौरी गौरी तेल आनय गेली
अँगोमे भस्म रमा लेलकै, गौरी के सजनमा
डमरु बजाक मन मोही लेलकै...

दौरी दौरी गौरी माखन आनय गेली
भाँगके गोला चिबा लेलकै, गौरी के सजनमा
डमरु बजाक मन मोही लेलकै...

13 फ़र॰ 2026

Bhakti Geet

शिवजी सँ पूछे हिमाचल के नारी लिरिक्स - मैथिली शिव भजन

मिथिला धरोहर
शिवजी सँ पूछे हिमाचल के नारी 
शिवजी सँ पूछे हिमाचल के नारी, 
हिमाञ्चल के नारी बताद जोगिया
कहाँ राखब गौरा प्यारी, बतादा जोगिया

सबके तो देल भोला कोठा अँटारी सँ कोठा अँटारी
अपना ल नै छओ टुटलो केबारी बताद जोगिया
कहाँ राखब गौरा प्यारी, बतादा जोगिया

सबके तो देल भोला, खेत पथारी सँ खेत पथारी
अपना ल नै छओ एकोधुर बारी बतादा जोगिया
कहाँ राखब गौरा प्यारी , बतादा जोगिया

सबके तो देल भोला, घोडा और गाडी सँ घोडा और गाडी
अपना ल छओ भोला वहे बसहे सवारी बतादा जोगिया
कहाँ राखब गौरा प्यारी , बतादा जोगिया


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Bhakti Geet

स्नेहलता स्नेह के मैथिली शिव भजन नचारी लिरिक्स - Snehlata Maithili Nachari Geet

मिथिला धरोहर

मैथिली शिव पार्वती गीत लिरिक्स

3 जन॰ 2026

Bhakti Geet

लोहा में सटी गेल सोना हम बाजब कोना लिरिक्स - Loha Mein Satti Gel Sona Hum Bajab Kona Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली शिव नचारी गीत

लोहा में सटी गेल सोना हम बाजब कोना
सखीहे हम बाजब कोना, दैय्या हम बाजब कोना
लोहा में सटी गेल सोना हम बाजब कोना...

बूढ़ बरद पर अपने, झोरा डामर सं झपने
बुढ़बा जानय यै किछु टोना
हम बाजब कोना...

भंगिया भकूआएल जेना, संगही में भूतक सेना
गौरी के लिखल छल किछु होना
हम बाजब कोना...

मन छल चित छल, करितौं पण्डित बर
कहथिन विद्यापति लिखल बिधना
हम बाजब कोना...

20 दिस॰ 2025

Bhakti Geet

गौरी कथि लाय करब विवाह लिरिक्स - Goura Kathi Laay Karab Vivaah - Maithili Shiv Bhajan Lyrics

मिथिला धरोहर
गौरी कथि लय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लाय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह

नहिं भैर बीत खेत छैन हिनका
नै हऽर ओ हरबाह
नहिं भैर बीत खेत छैन हिनका
नै हऽर ओ हरबाह
भीख मांगि कऽ गुजर करै छैथ
भीख मांगि कऽ गुजर करै छैथ
अहां के कोना निर्बाह
गौरा कथि लय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह

भरि दिन भांग धतुर बिख माहुर
खाए भेल हरताह
भरि दिन भांग धतुर बिख माहुर
खाए भेल हरताह
किछु कहबैन तऽ रूसी परौता
किछु कहबैन तऽ रूसी परौता
बोसनो नहीं घुरताह
गौरा कथि लाय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह

सब दिन जाए मशान रमौता
भूतक संग नचताह
सब दिन जाए मशान रमौता
भूतक संग नचताह
रहब कोना हुनका लग गौरा
रहब कोना हुनका लग गौरा
बसहो छैन मरखाह
गौरा कथि लाय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लाय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह

अन के दुख हरबाए लाए इ छैथ
बनल छैथ बताह
अन के दुख हरबाए लाए इ छैथ
बनल छैथ बताह
सुनि ए मनाइन इ शितकाई
सुनि ए मनाइन इ शितकाई
एहन नै बर भेटताह
गौरा कथि लय करब विवाह
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
एहन दिगंबर बुढ़वा बर सं
कथि लाय करब विवाह
गौरा कथि लय करब विवाह

6 दिस॰ 2025

Bhakti Geet

राजा हेमंत घर गौरी जनम लेल लिरिक्स - Raja Hemant Ghar Gauri Janam Lel Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली विद्यापति शिव विवाह गीत 

राजा हेमंत घर गौरी जनम लेल, 
शिव लेल अंगुरी धराए 

आँगूरी पकरि शिव कहाँ नेने जाय छियैन
कहाँ देबैन गौरी के बैसाय,

बसहा के पीठ शिव डोलिया बनौलनि
बाघम्बर देलनि ओढाय

मिलि लियौ मिलि लियौ सखी सब मिल लियौ
आब गौरी होयती बेजोड़

धन्य ही विद्यापति सुनु हे मनाईन
इहो थिका जगत व्यवहार 


5 दिस॰ 2025

Bhakti Geet

सब कियो पागल कहै य ना लीरिक्स - Sab Kiyo Pagal Kahe Ye Na Lyrics

मिथिला धरोहर
पागल कहय यै ना,
सब कियो पागल कहै यै ना,
पागल कहय यै ना,
सब कियो पागल कहै यै ना,
की मैना चलली शिव परिछय लै
की सब कियो पागल कहै यै ना,

साड़ीयो नै आँनलैन, गहनो नै आँनलैन
अनलैन सांपक पेटाड़ी
साड़ीयो नै आँनलैन, गहनो नै आँनलैन
आँनलैन सांपक पेटाड़ी
अपने शिव बाघम्बर पहिरने
अपने शिव बाघम्बर पहिरने
बाघ छाल के साड़ी 
की सब कियो पागल कहै यै ना..

गाड़ीयो ने आँनलैन, घोड़ो ने आँनलैन
आँनलैन बसहा सवारी,
गाड़ीयो ने आँनलैन, घोड़ो ने आँनलैन
आँनलैन बसहा सवारी,
तीन टांग पर बसहा नाचय यै
तीन टांग पर बसहा नाचय यै
संगेही भोले भंडारी
की सब कियो पागल कहै यै ना..

धन्य धन्य हे मैना रानी
धन्य गौरी दुलाड़ी
धन्य धन्य हे मैना रानी
धन्य गौरी दुलाड़ी
तीनो लोकक नाथ महादेव
तीनो लोकक नाथ महादेव
एला अहिं के दुआरी
की सब कियो पागल कहै यै ना..
पागल कहय यै ना,
सब कियो पागल कहै यै ना,
पागल कहय यै ना,
सब कियो पागल कहै यै ना,
की मैना चलली शिव परिछय लै
की सब कियो पागल कहय यै ना,

22 जुल॰ 2025

Bhakti Geet

कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै लिरिक्स - Baba Dham Jebai Kamar Sajebai Lyrics

मिथिला धरोहर
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
हम सब कांवरिया मिल के, 
हम सब कांवरिया मिल के, 
गेबै बजेबै, 
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,

सुल्तानगंज से भरी भरी कांवर उठेबै,
सुल्तानगंज से भरी भरी कांवर उठेबै,
धूप, दीप आरती बाबा के देखेबै,
धूप, दीप आरती बाबा के देखेबै,
बम-बम के नारा लऽ कऽ,
बम-बम के नारा लऽ कऽ,
बाबा लग जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,

गंगा जली भरी-भरी कांवर सजेबै,
गंगा जली भरी-भरी कांवर सजेबै,
बाट ऊच नीच बाबा कोना के जेबै
कतेक दुख सही के बाबा, 
कतेक दुख सही के बाबा, 
गंगा जल चढेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
हम सब कांवरिया मिल के, 
हम सब कांवरिया मिल के, 
गेबै बजेबै, 
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,

Bhakti Geet

शारदा सिन्हा मैथिली शिव भजन नचारी लिरिक्स - Sharda Sinha Maithili Shiv Bhajan Lyrics

मिथिला धरोहर
Sharda Sinha Shiv Bhajan

शारदा सिंहा जी के आन गीत सब

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13 जुल॰ 2025

Bhakti Geet

एक सेहेन्ता हमरा मोन में लिरिक्स - मैथिली शिव भजन गीत

मिथिला धरोहर
एक सेहेन्ता हमरा मोन में 
होय यै बारम बार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

गंगा सं गंगा जल भरितौं
कांवर लै हम नैन जुराबितौं 
बनितौ सेवक कहार
पहुँचितौं बाबा के दरबार
एक सेहन्ता हमरा मोन में 
होय यै बारम बार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

कांवर ले के चलल कहरिया 
बनल कांवरिया शिव के भरिया
हर-हर बम-बम नारा लगावबैत
महुँचव शिव के द्वार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

बूढ़ बरद छैन शिव के सबारी
बैसला दिगम्बर विष के आहारे
चौदह दिसा में घूमी-घूमी देखल
शिव के रूप हजार
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

असरन शरण ध्यान हम धेलौ 
अहाँ के शरण मे हम लेपटेलौ
कल जोड़ी विनय करै छी यौ बाबा
कष्ट हरु सरकार
पहुँचितौं बाबा के दरबार...


12 जून 2025

Bhakti Geet

सदाशिव बात उचित नहि थीक लिरिक्स - Sadashiv baat uchit nahin thik lyrics

मिथिला धरोहर

सदाशिव 
बात उचित नहि थीक

विलटल सकल मनोरथ मोनक 
टूटल ध्यानक सीक।
सदाशिव...

तन-मन-वचन, पात-फूल-जल 
भार भेलहुँ धरतीक।
सदाशिव..

क्षत-विक्षत हम, हे हर बाजू 
अक्षत देब कथीक। 
सदाशिव...

अपने महल अटारी सेवल 
बेटा मांगय भीख।
सदाशिव...

एहेन बापकेर घर रहबा सँ 
माइक नैहर नीक। 
सदाशिव...

कहथि रवीन्द्र कृपा करू शंकर 
यदि हम कहल सटीक। 
सदाशिव...

5 अप्रैल 2025

Bhakti Geet

सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै लिरिक्स Sunai Chaliye Bhola Bada Dayalu Lyrics

मिथिला धरोहर
Sunai Chaliye Bhola Bada Dayalu Lyrics
कुंज बुहारी मिश्रा मैथिली शिव भजन

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, 
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, 

सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार 
सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार 

अँगने अँगने भीख मांगै छै
लेने मरुआ धान गे, लेने मरुआ धान गे,
खाय नै मेवा पूरी मिश्री
भांगक रकटल प्राण गे, भांगक रकटल प्राण गे, 
गरवा में सोभय सांपक हार गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार 
हो....सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै गे बहिना
दुखिया के करै उद्धार...

सिर पर जटा विशाल दसो दिश
समेट-समेट लेपटौने गे, समेट-समेट लेपटौने गे,
भाल चंद्रमा तिलक वीराजय 
जगमग ज्योत जगाने गे, जगमग ज्योत जगाने गे, 
जटवा सं बहै गंगा धार गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार 
हो....सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै गे बहिना
दुखिया के करै उद्धार...

नीलकण्ठ अधहर शुव शंकर 
तपशी रूप बनौने गे, तपशी रूप बनौने गे
हाथ मे डिम डिम डमरू बजाय
अंग में भस्म लगौने गे, अंग में भस्म लगौने गे, 
नागवा छोराय छै फुफकार गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार 
हो....सुने छलियै भोला बड़ दयालु छै गे बहिना
दुखिया के करै छै उद्धार
हो....दुखिया के करै उद्धार...।

स्वर : कुंज बिहारी मिश्रा

Bhakti Geet

छोटी मोटी टूटली मडैय्या में गौरी दाई लिरिक्स Chhoti Moti Tutli Maraiya Lyrics

मिथिला धरोहर
छोटी मोटी टुटली मडैय्या में गौरी दाई,
कोना के रहथिन हे
कोना के रहथि, कते दुख सहति
छोटी मोटी टुटली मडैय्या में गौरी दाई,
कोना के रहथिन हे

हमरो गौरी दाई बर सहलोला
कोना के पिसथी भांगक गोला
पैर जेतैन हाथो में लोड़ही के ठेला
भांग कोना के पिसती हे
छोटी मोटी टुटली मडैय्या में गौरी दाई,
कोना के रहथिन हे

शिव जी दु धुर भांगक बारी
कोना कऽ करता खेती पथारी
धिया पुता के पेटो बखारी
गौरी कोना के भरति हे
छोटी मोटी टुटली मडैय्या में गौरी दाई,
कोना के रहथिन हे

अपने महादेव गेला मसानी
के देतैन बसहा के गूरा आ सानि
भूत प्रेतक डरे भवानी संगे कोना के रहथिन हे
छोटी मोटी टुटली मडैय्या में गौरी दाई,
कोना के रहथिन हे

गीतकार : महाकवि विद्यापति

20 फ़र॰ 2025

Bhakti Geet

बाबा कोन कलम सँ लिखलौं हमर कपार यौ लिरिक्स - Baba Kon Kalam Sa Likhalau Lyrics

मिथिला धरोहर
बाबा कोन कलम सँ लिखलौं हमर कपार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना
बाबा कोन कलम सँ घसलौं हमर कपार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना

माथा नाचय सदखन काल,
दुख सं रहै छी बेहाल, 
माथा नाचय सदखन काल,
दुख सं रहै छी बेहाल, 
कष्टक लागल रहै आठोधरि भरमार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना

क्यो नहि सुनय हमर ई बतिया,
सोचिते फाटत रहय छतिया,
क्यो नहि सुनय हमर ई बतिया,
सोचिते फाटत रहय छतिया,
बिपति परल ऐछ माथा पर अपार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना

रहल अपनेहि टा पर आस,
बनब अहि केर हम दास,
रहल अपनेहि टा पर आस,
बनब अहि केर हम दास,
मणिकांत सरण में आयल करियौ ने उधार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना
बाबा कोन कलम सँ लिखलौं हमर कपार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना
बाबा कोन कलम सँ लिखलौं हमर कपार यौ
फसलौं हम मजधार यौ ना

16 जन॰ 2025

Bhakti Geet

गौरी कोना रहैछी ये, भंखर सनकहबा संग लिरिक्स - Gauri Kona Rahai Chhi Ye Lyrics

मिथिला धरोहर
गौरी कोना रहैछी ये, भंखर सनकहबा संग गौरी कोना,

पर्वत ऊपर वास अहाँके बरफक बीच बसेरा, 
सासु-ससुर नहि पास पड़ोसी भूत-प्रेत संग डेरा,

बेटा एक, मुँह हाथीके, दोसर पूत षडानन, 
खेत-पथार न खरची घरमे अपनो छथि पंचानन,

मूसक दुश्मन साप, साप के दुश्मन मोर भयंकर,
सदा बाघ बसहा के दुश्मन वाहन पोसल शंकर,

कनक-कनैल जहरमे मातल, तै पर भांग पिबै छथि, 
स्नेहलता घर कोना चलै छनि अपने कोना जिबै छथि,

एहन सावनमे बमभोला भंगियया बेसी खैयो ना,
ऊँच शिखर पर लागल हिडोला धीरे मचकैयो ना,

अति सुकुमारी कोमल गिरिजा हिनक सुधि लियौ ना, 
बसह बाघम्बर भुजंग के डोरी गाबे हर हर ना,
भीड़ पड़य फुफकारय वासुकि स्नेह बिसरैयो ना,

25 नव॰ 2024

Bhakti Geet

भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा लिरिक्स - Bhola Ke Dekhela Bekal bhaile jiyara Lyrics

मिथिला धरोहर
भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा-3

के चढ़ावे अक्षत चंदन के बेला पतिया-2
के चढावे आहो भोला धतूरा के पतिया-2
भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा...

पंडित चढ़ावे पान फूल पुजरिन बेला पतिया-2
हम चढाइव आहो भोला धतूरा के पतिया-2
भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा

के मांगे अन धन के मांगे देहिया-2
के मांगे आहो भोला दर्शन देब कहिया-2
भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा...

पंडित मांगे अन धन पुजारिन मांगे देहिया-2
हम मांगी आहो भोला दर्शन देब कहिया-2
भोला के देखेला बेकल भैलै जियरा...

स्वर: शारदा सिन्हा

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