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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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4 अक्टू॰ 2024

सब कमरथुआ आबि रहल छी लिरिक्स - Sab Kamrathua Aabi Rahal Chhi Song Lyrics

सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी

माँ गंगा सं जल भरी अनलौं,
अहिं के भरोसे कांवर उठेलौ
माँ गंगा सं जल भरी अनलौं,
अहिं के भरोसे कांवर उठेलौ,
छन मन आगा छन मन पाँछा,
खन मन आगा खन मन पाँछा,
कान्हा गेल आगियै,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय

रौद लागै यै पैर पाकै यै,
आंकर पाथर सेहो गरै यै
रौद लागै यै पैर पाकै यै,
आंकर पाथर सेहो गरै यै,
ऊंच पहाड़ के देखीते बाबा,
ऊंच पहाड़ के देखीते बाबा,
मोन होय यै घुरि जाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय

सांझ परल जंगल बिच परलौ,
बाट आहाँ के सेहो बिसरलौ
सांझ परल जंगल बिच परलौ,
बाट आहाँ के सेहो बिसरलौ
डर सं थर-थर देह कपै यै,
डर सं थर-थर देह कपै यै
भैरव दियऽ पठाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय...।

स्वर: शारदा सिन्हा

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