Nagarjun Poems in Maithili, नागार्जुन की कविताएँवैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' जीवनी »मैथिली कविता संग्रह• पत्रहीन नग्न गाछ - (कविता और गीत)...............................................................................• मिथिले | मुनिक शान्तिमय-पर्ण कुटीमे...• प्रेरणा | जगमे सभसौं पछुआयल छी...• भारत माता | कियै टूटल जननि! धैर्यक सेतु.• नवतुरिए आबओ आगाँ | तीव्रगंधी तरल मोवाइल...• आन्हर जिनगी | सेहंताक ठेंगासँ थाहए...• अंतिम प्रणाम | हे मातृभूमि, अंतिम प्रणाम...• कविक स्वप्न | जननि हे! सूतल छलहुँ हम...• बूढा वर | घर रहिन्ह वरक कमला...• वंदना | हे तिरहुत, हे मिथिले...• विलाप | नान्हिटा छलौँ, दूध पिबैत...• लखिमा | कवि कोकिलक कल...• प्रेयसी | ठाढ़ी भेली आबि तों...• गोठ बिछनी | बीछि रहल छैं बंगोइठा...
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