...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

16 जन॰ 2015

शिवक संग होरी खेलथि पारवती लिरिक्स - Shivak Sang Hori Khelthi Parvati Lyrics

शिवक संग होरी खेलथि पारवती।

लाल गुलाल गाल मलि गौरी, 
रूसल जानि करत विनती।
शिव रिसिआय शिवा तन तोपथि, 
अबिर बनाय अपन विभुती।

पिचकारी हँसि गौरि चलाबथि, 
रंगसँ भीजल बुढ़बा जती। 
शिव छोड़ल गंगाधार पिचकारी, 
शिव सनकाह न ठीक मती। 

शिवगण भागि चढ़ल गिरि ऊपर, 
हँसी खेल भय गेल विपती। 
दौड़ी शिवा, शिव गर लपटायलि,
चतरि गेल झट स्नेहलती।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »