...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌺🌸
✨ मधुश्रावणी
मधुश्रावणी व्रत कथा संग्रह पूजा बिधि विधान सहित
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

9 अग॰ 2025

Chaurchan Puja 2026 in Mithila - Chauth Chandra Puja 2026

मिथिला धरोहर : भादव मासक शुक्ल पक्षक चतुर्थी (चौठ) तिथिमे साँझखन चौठचन्द्र कऽ पूजा होइत अछि जकरा लोक चौरचन पाबनि कहै छथि। एहि बेरा इ पावनि 14 सितंबर 2026 के परत। एहि समय चन्द्रमा कनी काल रहि कऽ डूबि जै छथि। एहि दुर्लभताकऽ कारणेँ लोकमे प्रचलित अछि जे कोनो व्यक्ति के बहुत दिनपर देखबापर कहै छथि जे अहाँ तँ 'अलखख चान' (अलक्ष्य चान) भऽ गेलहुँ। पुराणमे प्रसिद्ध अछि जे चन्द्रमा कऽ एहि दिन कलंक लागल छलनि। तेँ एहि समयमे हुनख दर्शनकेँ दोषापूर्ण मानल जैत अछि। मान्यता अछि जे एहि समयक चन्द्रमाकऽ दर्शन करबापर फूसिकऽ कलंक लगैत अछि। एहि दोषक निवारण करबाक लेल "सिंह: प्रसेन" वला मन्त्रक पाठ कैल जैत अछि।

चौरचन पूजा 2026 मे 14 सितंबर, 2026 के अछि।

ई मिथिला सँ भिन्न प्रान्तक व्यवहार थिक। मिथिलामे भादवकऽ इजोरियाकऽ चौठमे मिथ्या कलंक नञि लागय ताहि हेतु रोहिणी सहित चतुर्थी चन्द्रक पूजा होइत अछ।



एहि पावनि सँ जुरल एकटा कथा अछि जे एक बेर गणेश भगवान केर देखि चन्द्रमा हँसि देलैथ, एहिपर ओं चन्द्रमा के सराप देलैथ जे अहाँ कऽ देखबा सँ लोक कलंकी होयत। तखन चन्द्रमा भादव शुक्ल चतुर्थी मे गणेशक पूजा केलनि। ओं प्रसन्न भऽ कहलथिन:- अहाँ निष्पाप छी, जे व्यक्ति भादव शुक्ल चतुर्थीकेँ अहाँक  पूजा कऽ 'सिंह प्रसेन...' मन्त्रसँ अहाँक दर्शन करत तकरा मिथ्या कलंक नञि लगतै ओकर सभ मनोरथ पूर्ण होयत।
चौठचन्द्र केर पूजा:- ई चतुर्थी सूर्यास्तक बाद अढ़ाइ घण्टा धरिक, लेल जाइछ। जँ तिथि दू दिन एहि समय म पड़य तँ अगिला दिन व्रत ओ पूजा हो। भरि दिन व्रत कऽ साँझखन अंगना मे पिठार सँ अरिपन देल जाइछ। गोलाकार चन्द्र मण्डलपर केराक भालरि (पात) दऽ ओहिपर पकमान, मधुर, पूड़ी, ठकुआ, पिड़ुकिया, मालपूआ पायस आदि राखी। मुकुट सहित चन्द्रमाक मुँहक अरिपनपर केराकऽ भालरि दऽ रोहिणी सहित चतुर्थी चन्द्रक पूजा उज्जर फूल सँ पच्छिम मुहेँ करी। परिवारक सदस्यकऽ संख्यामे पकमान युक्त डाली आ दहीक छाँछी कऽ अरिपनपर राखी। केराक घौर, दीप युक्त कुड़वार (माटिक कलश), लावन आदिकऽ अरिपनपर राखी। एक-एक डाली, दही, केराक घौर उठाऽ 'सिंह: प्रसेन....' मंत्रक संग 'दधिशंखतुषाराभम्...' मन्त्र पढ़ि समर्पित करी। प्रत्येक व्यक्ति एक-एक फल हाथमे लऽ ओहि मन्त्र सँ चन्द्रमाकऽ दर्शन कऽ प्रणाम करी। दक्षिणा उत्सर्ग कऽ प्रसाद ग्रहण करी। चन्द्रमण्डलपर राखल प्रसाद कऽ उपस्थित पुरुषवर्ग ओकर चारू भर गोलाकार पंक्तिबद्ध कऽ पातपर फराक-फराक भोजन कऽ ओही ठाम खैद खूनि गाड़ि दी एकरा मड़र भाङब कहल जाईत अछि। चन्द्रमाक आराधना सँ बहुतो व्यक्ति कऽ कामना पूर्ण भेलनि अछि। मिथिलाकऽ विशेष पर्व चौरचन अपना मे एहि ठामक संस्कृति केर अनेक बिन्दु कऽ समेटने अछि।

1 टिप्पणी:

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू