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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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24 फ़र॰ 2023

Baba Nene Chaliyo Hamro Apan Nagri Lyrics | बाबा लेने चलियौ हमरो अपन नगरी लिरिक्स

Maithili Song Baba Nene Chaliyo Lyrics By Sharda Sinha | मैथिली शिव नचारी गीत बाबा नेने चलियौ लिरिक्स

बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2
अपन नगरी हो झारखण्ड नगरी 
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2

अँगना बहारब बाबा, घरबा बहारब - 2
और बहारब अहाँ के डेहरी,
बाबा औरो बहारब अहाँ के डेहरी
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2

अहाँके नगर में बाबा गंगा नहायब - 2
जल भरी आनब भरी गगरी 
बाबा जल भरी आनब भरी गगरी 
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2

कार्तिक गणपति गोद खेलायब - 2
पीसब भांग रगरी रगरी,
बाबा पीसब भांग रगरी रगरी
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2

सांझ सवेरे बाबा झांकी निहारब - 2
जीवन सफल होयत हमरी
बाबा जीवन सफल होयत हमरी
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2
अपन नगरी झारखण्ड नगरी 
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - 2




बाबा लेने चलियौ हमरो अपन नगरी लिरिक्स

बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी - 2
अपन नगरी यौ कैलाश पुरी - 2
बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी - 2

पारवती के हम, टहल बजायब - 2
नित उठि नीर भरब गगरी,
यौ भोला, नित उठि नीर भरब गगरी,
बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी - 2

बेलक पतिया, फूल चढ़ायब - 2
नित उठि भांग पिसब रगड़ी,
यौ दानी, नित उठि भांग पिसब रगड़ी,
बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी - 2

भनही विद्यापति, सुनू हे मनाइनि - 2
इहो थिका दानीक माथक पगड़ी - 2
बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी - 2
अपन नगरी यौ कैलाश पुरी,
अपन नगरी यौ कैलाश पुरी,
बाबा लेने चलियौ, हमरो अपन नगरी। - 2


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