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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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25 अप्रैल 2021

Hey Jagdamba Jagat Maa Kaali Lyrics | हे जगदम्बा हे महा काली लिरिक्स

Hey Jagdamba Jagat Maa Kaali | Maithili Devi Geet Lyrics 

हे जगदम्बा हे महा काली (हे जगदम्बा जगत मां काली)
प्रथम प्रणाम करै छी हे  - 2
नई जानी हम सेवा पूजा,
अट पट गीत गवै छी हे,
नई जानी हम सेवा पूजा, 
अट पट गीत गवै छी हे
हे जगदम्बा हे महा काली,
प्रथम प्रणाम करै छी हे ।

सुनलहूं कतेक अधम के अहां,
मनवांछित फल दैछी हे,
सुनलहूं कतेक अधम के अहां,
मनवांछित फल दैछी हे
नई जानी हम सेवा पूजा,
अट पट गीत गवै छी हे
हे जगदम्बा हे महा काली,
प्रथम प्रणाम करै छी हे ।

सोना चांदी महल अटारी,
ई सब कीछु नै मंगैइ छी हे,
सोना चांदी महल अटारी,
ई सब कीछु नै मंगैइ छी हे
नई जानी हम सेवा पूजा,
अट पट गीत गवै छी हे
हे जगदम्बा हे महा काली,
प्रथम प्रणाम करै छी हे ।

मन के मनोरथ मन में रखैछी,
मंदिर तक पहुंचैछी हे,
मन के मनोरथ मन में रखैछी, 
मंदिर तक पहुंचैछी हे
नई जानी हम सेवा पूजा,
अट पट गीत गवै छी हे
हे जगदम्बा हे महा काली,
प्रथम प्रणाम करै छी हे ।

प्रेम पावी निराश हम,
नैन नीर बहबै छी हे
प्रेम पावी निराश हम,
नैन नीर बहबै छी हे
नई जानी हम सेवा पूजा,
अट पट गीत गवै छी हे
हे जगदम्बा हे महा काली,
प्रथम प्रणाम करै छी हे ।

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