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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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22 नव॰ 2024

बन के कोयलिया लिरिक्स - Van Ke Koiliya Lyrics

Dinava je rahal beti bhukhal piyasal Sharda Sinha Lyrics

दिनवा जे रहली बेटी भूखल पियासल
रतिया हरेलू आंखी नींद हे
कोरे कोरे दुधवा पियावनी गे बेटी
पुत्र से अधिक दुलार हे
दिनवा जे रहली बेटी भूखल पियासल
रतिया हरेलू आंखी नींद हे

सेहो जे बेटी ससुर घर जइहें
ससुर घर जइहें
कैसे प्रभु रहबै अकेले हे
सेहो जे बेटी ससुर घर जइहें
कैसे प्रभु रहबै अकेले हे

रोवेले बाबा रोवेली माई रोवेल भईया हमार हे
रोवेली सखियन संग के सहेली सब
विधना के इहे बेहबार हे
दिनवा जे रहली बेटी भूखल पियासल
रतिया हरेलू आंखी नींद हे

डोलिया उठावे मिली बत्तीसों कहरवा, बत्तीसों कहरवा
बन के कोयलिया चली जात हे
डोलिया उठावे मिली बत्तीसों कहरवा
बन के कोयलिया चली जात हे
दिनवा जे रहली बेटी भूखल पियासल
रतिया हरेलू आंखी नींद हे
कोरे कोरे दुधवा पियावनी गे बेटी
पुत्र से अधिक दुलार हे
दिनवा जे रहली बेटी भूखल पियासल
रतिया हरेलू आंखी नींद हे
डोलिया उठावे मिली बत्तीसों कहरवा
बन के कोयलिया चली जात हे


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