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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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29 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के लिरिक्स - Aaju Tilak Chadhe Raghunandan Ke Lyrics

मिथिला धरोहर
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के

चारु कुमार बैठे छवि छहरत
होइत सुमंगन तेहि छन के

एक जनेऊ पीताम्बर धोती
पहिरावन सब लालन के

नारियर पान हरदी दधि दूर्वा
ध्रुव भरल कर कंजन में

पढ़ी पढ़ीं वेदक मंत्र पुरोहित
बेल निरहूकुल रघुकुल चन्दन के

स्नेहलता शुभ तिलक चढ़ाबथि
रची रची दशरथ नन्दन के

26 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

रतन पलकिया चढ़ि आये दूल्हा चार हे लिरिक्स - Ratan Palakiya Chadhi Aa Dulha Chaar Re Lyrics

मिथिला धरोहर
रतन पलकिया चढ़ि आये दूल्हा चार हे
जनक जमाई अपन अवध कुमार हे

माथे मनी मोरिया सोभे चानन लिलार हे
धोतिया पियरिया पर जिया बलिहार हे

पालकी उठाए एति निपुर कहार हे
उमकैत आबै राजा जन्म दुआर हे

नारायण नर रूप बर के निहार हे
सुमनी बरसी फूल बोले जय जय कार हे


25 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

अवध नगरिया से चललै बरियतिया लिरिक्स - Awadh Nagariya Se Aile Bariyatiya Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली राम विवाह लोकगीत (बाराती गीत)

कौने नगरिया से चललै बरियतिया 
हे सुहावन लगे,
कौने नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे
कौने नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे

अवध नगरिया से चललै बरियतिया 
हे सोहावन लागे
जनक नगरिया भइले शोर हे सोहावन लागे

सब देवतन मिलि, चललै बरियतिया
हे सोहावन लागे
बजवा बजेला घनघोर, हे सोहावन लागे .

बजवा के शब्द सुनि ,हुलसे मोर छतिया
हे सुहावन लागे 
रौशनी सं भेलय इजोर हे सुहावन लागे 

परिछन चलली सब, सखियां सहेलियां
हे सुहावन लागे 
पहिरेली लहंगा पटोर, हे सुहावन लागे 

कहत रसिक जन, दूलहा के सुरतिया
हे सुहावन लागे
सुफल मनोरथ भइले मोर, हे सुहावन लागे 

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24 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना लिरिक्स - Pailaun Ram Ji Pahunama, Ghar Sohanma Lagai Na Lyrics

मिथिला धरोहर
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
छल विश्वास ने कखनो देखब
राम सिया के जोड़ी 
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
स्नेहलता किछु टहल बजायब
परल रहब गोरथारि
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 


19 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना लिरिक्स - Pailaun Ram Ji Pahunama, Ghar Sohanma Lagai Na Lyrics

मिथिला धरोहर
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
छल विश्वास ने कखनो देखब
राम सिया के जोड़ी 
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
स्नेहलता किछु टहल बजायब
परल रहब गोरथारि
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

गीतकार : स्नेहलता


8 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई लिरिक्स - Chalu dekhan he daai raja janak ke jamai lyrics

मिथिला धरोहर
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
नैना जोगिन विध कनिको नै जांनय
नैना जोगिन विध बुझय नै जांनय
बुझय ने विध वयवहार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
कहथिन के हिनका बुझाय
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
करै छथि माई के उद्धार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

17 फ़र॰ 2026

Maithili Lokgeet

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर लली मोरी छोटी सी लिरिक्स - Jhuk Jaiyo Tanik Raghuveer Lali Meri Chhoti Si Lyrics

मिथिला धरोहर
lali meri chhoti si lyrics

सखी हे चलियो मिथिला देश
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
चान तरेगन चमकन लागे
नर नारी मुनि गावन लागे
देखी सिया राम, राम सिया के
हैत जयमाल जनकसुता के
ठार सिया निहारे नैना

झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
लली मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
सिया मोरी छोटी सी, छोटी सी रे
जूनि करियौ, हो जूनि करियौ
अहाँ किछु धीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकी कोना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर-बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
नरम कलैया भार पड़ेना
नरम कलैया,
मोरी लाली कोनो पीड़ सहे ना
काहे बनोगे वीर,
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी

वीरो के वीर मोरे राम रघुवीर
झुकीको ना जेता अवध के सीर
हे यौ, अहाँ सन वीर बर बर बलवीर
जनक दुअरिया लागल ऐछ भीर

बेरी बेरी विनती करत हैं
बेरी बेरी,
बेरी बेरी विनती करत हैं
पैइया परु तोहे काहे ना सुनत हैं
कहन मानु पाहुन रघुवीर
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी
झुकी जैइयो तनिक रघुवीर 
लली मोरी छोटी सी...।

गायक: जय झा, शिवानी भगत, देव अहिरराव 
लिरिक्स: लव कर्ण, हुक लाइन: पारम्परिक 

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14 फ़र॰ 2026

Maithili Lokgeet

आज जनकपुर मंगल चारु दिस मंगल हे लिरिक्स - Aaj Janakpur Mangal Lyrics - Maithili Mangal Geet

मिथिला धरोहर
Mangal Geet Lyrics

आज जनकपुर मंगल, चारु दिस मंगल हे
आज जनकपुर मंगल, चारु दिस मंगल हे
जानकी के होइत बियाह -2
जनकपुर मंगल हे
आज जनकपुर मंगल, चारु दिस मंगल हे

हरियर बांस कटायब की मड़वा गढ़ाएब हे
मोतियन झाल लगायब की चुनड़ी रँगायब हे
जगमग दीप जरायब की विदेह राज मंगल हे
गगन कुसुम बरसायत की तिहु लोक मंगल हे

अड़हुल माल बनायब, पाहुन पहिरायेब हे
आज जनकपुर मंगल, चारु दिस मंगल हे
जानकी के करियो सिंगार -2
जनकपुर मंगल हे
आयल बर रघुनंदन जानकी बियाहल हे
आयल बर रघुनंदन जानकी बियाहल हे

गायक: शिवानी भगत, देव अहिरराव 
लिरिक्स: लव कर्ण, हुक लाइन: पारम्परिक 

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20 दिस॰ 2025

Maithili Lokgeet

आजु शोभा जनक मंदिर लिरिक्स - Aaju Shobha Janak Mandir Lyrics

मिथिला धरोहर
आजु शोभा जनक मंदिर
चलह देखन जाइ हे
जानकी वर दूल्हा रघुवर
धनुष तोरल आई हे

परल नगर हकार घर घर
गाइनी जाइत चली नारी हे
काहु सखी लेल कलश सिरहर
काहु जल झारी हे

आनी ठक-बक पात भलर
राखल द्वार समीप हे
सांझ डाला पान चानन
लेशी चौमुख दीप हे

चाट मारी उठाए बिधकरि
धएल शुभ घड़ी नाक हे
आजु शुभ घड़ी राज कामिनी
देल कन्या दान हे

Maithili Lokgeet

हमार पाहुन सारे जग से निराला लिरिक्स - Hamar Pahuna Sare Jag Se Nirala Lyrics

मिथिला धरोहर
हमार पाहुन रे, हमार पाहुन रे
हमार पाहुन सारे जग से निराला,
हमार पाहुन सारे जग से निराला,
हमार पाहुन बड़ा सुंदर सलोना,
हमार पाहुन सारे जग से निराला,

धन मिथिला धन सिया बड़ भागिन,
धन मिथिला धन सिया बड़ भागिन,
धन मिथिला धन सिया बड़ भागिन,
हमार पाहुन...,
हमार पाहुन धन जनक सुनैना,
हमार पाहुन सारे जग से निराला,

इंद्र चन्द्र विधि शिव पद पूजथि,
इंद्र चन्द्र विधि शिव पद पूजथि,
इंद्र चन्द्र विधि शिव पद पूजथि,
हमार पाहुन...,
हमार पाहुन बड़ा सुंदर लुभौना,
हमार पाहुन सारे जग से निराला,

अमित कोटि ब्रह्माण्ड चलाबथि,
अमित कोटि ब्रह्माण्ड चलाबथि,
अमित कोटि ब्रह्माण्ड चलाबथि,
हमार पाहुन...,
हमार पाहुन सखी कोना ई लजौना,
हमार पाहुन सारे जग से निराला

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19 दिस॰ 2025

Maithili Lokgeet

तुम उठो सिया सिंगार करो लिरिक्स - Tum Utho Siya Shringar Karo Lyrics

मिथिला धरोहर
राम जी जहन शिव धनुष तोरलखिन ताहि अवसर के भजन

तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है, सीता से नाता जोड़ा है,
तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है...,

शीश सिया के चुनड सोहे, टिके की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये ,रघुवर को जानकी प्यारी है
तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है...,

हाथ सिया के चूड़ी सोहे, कंगन की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये, रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है...,

कमर सिया के तगड़ी सोहे, झुमके की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये ,रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है..,

पैर सिया के पायल सोहे, बिछिया की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये ,रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करो ,शिव धनुष राम ने तोड़ा है..।

11 अक्टू॰ 2024

Maithili Lokgeet

रघुवर के नैना रसीले हो लिरिक्स - Raghubar Ke Naina Rasile Ho

मिथिला धरोहर
रघुवर के नैना रसीले हो
परिछन चलु आनु

धन्य राजा जनक, जनकपुर नगरी
धन्य-धन्य सिया दुलारी हो
परिछन चलु आनु....

राम जी के भईले सिया सुकुमारी
जोड़ी है जग से निराली हो
परिछन चलु आनु....

राम जी के माथे मौरी सोभे
सिया जी के चूनर लाली हो
परिछन चलु आनु....


2
रघुवर के नैना रसीला हे
चलु परिछन सखिया

धन्य राजा जनक, जनकपुर वासी
धन्य-धन्य सिया दुलारी हे
चलु परिछन सखिया....

अक्षत, धन, दुभ लऽ लियै थारि
मंगल गावत नारी हे
चलु परिछन सखिया....

कंचन थार कपूरक बाती,
आरती करत सुकुमारी हे
चलु परिछन सखिया....

26 दिस॰ 2023

Maithili Lokgeet

पुरहित चतुर सतानंद लिरिक्स - Purhit Chatur Satanand Lyrics

मिथिला धरोहर
राम सीता मैथिली विवाह गीत

पुरहित चतुर सतानंद मंत्र पढ़ाबथी हे
आहे पुरहित चतुर सतानंद मंत्र पढ़ाबथी हे
आहे मात्रिक पूजथी रानी परम सुख पावथी हे
आहे मात्रिक पूजथी रानी परम सुख पावथी हे

सुरभि के गोबर मंगाबथी थावन करवाथी हे
आहे सुरभि के गोबर मंगाबथी थावोन करवाथी हे
आहे पूजी प्रथम गणराज ही कलश धारावथी हे
आहे पूजी प्रथम गणराज ही कलश धारावथी हे

पंच देवी पूजी रानी सुरक्षिका मनावथी हे
आहे पंच देवी पूजी रानी सुरक्षिका मनावथी हे
आहे पूजथी निज कुल देवी बहुत गोहरावथी हे
आहे पूजथी निज कुल देवी बहुत गोहरावथी हे

तियागन मंगल गावथी प्रेम जगावथी हे
आहे तियागन मंगल गावथी प्रेम जगावथी हे
आहे स्नेहलता एहो पूजन गाबि सुनाबथी हे
आहे स्नेहलता एहो पूजन गाबि सुनाबथी हे

पुरहित चतुर सतानंद मंत्र पढ़ाबथी हे
आहे पुरहित चतुर सतानंद मंत्र पढ़ाबथी हे
आहे मात्रिक पूजथी रानी परम सुख पावथी हे

20 दिस॰ 2023

Maithili Lokgeet

राम जी से पूछे जनकपुर के नारी लिरिक्स - Ram Ji Se Puche Janakpur Ki Nari Lyrics

मिथिला धरोहर
Logwa det kahe gari batao babua lyrics

राम जी से पूछे जनकपुर के नारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी,
एक भाई गोर काहे एक काहे कारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

इ बूढ़ा बाबा के पाकल पाकल दाढ़ी,
देखन में पातर खाये भर थारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

राजा दशरथ जी कइलन होशियारी,
एकटा मरद पर तीन-तीन गो नारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

कहथिन सिनेह लता मन में बिचारिन,
हम सब लागैछी सरहोज सारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी,
बता दऽ बबुआ लोगवा देत काहे गारी,
बता दऽ बबुआ।

गीतकार : स्नेहलता

19 अक्टू॰ 2023

Barati Geet

राम लछुमन चलला बियाहन लिरिक्स - Ram lakshman challa Viyaman lyrics

मिथिला धरोहर
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

सब बरतिया जनकपुर पहुँचल
चेरिया कलश लेने ठाढ़ हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

सब बरियतिया के लाले लाल धोतिया
सिरहुं में लाले लाल पाग हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

देबऊ गे चेरिया कान दुनू सोनमा
गले मे गिरमल हार गे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

एक वचन मोर मानि ले गे चेरिया
कहि दीहैं सीता के स्वरूप गे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

15 जून 2023

Maithili Lokgeet

मोरे अंगना कुटे धान हे लिरिक्स - More Angna Kute Dhan Re Lyrics

मिथिला धरोहर
मोरे अंगना कुटे धान हे
सरसो के फूल सिया ज्योति महान रे
तीसी फूल,
रंग दूल्हा सोहान रे, तीसी फूल
रंग दूल्हा सोहान रे, तीसी फूल

परम् स्वतंत्र प्रभु जानत जहान हे
तिनका ही, 
रेशम डोरिया बनहौन हे, तिनका ही, 
रेशम डोरिया बनहौन हे, तिनका ही, 

जग भरी रहलय अन्हरिया मसान हे
मोरे अंगना, 
उगलय चारु चार चांद हे मोरे अंगना, 
उगलय चारु चार चांद हे मोरे अंगना, 

जकरा लगी जोगी मुनि मन मे धरय ध्यान हे
सोई प्रभु, 
मोरा अंगना कुटय धान हे, सोई प्रभु, 
मोरा अंगना कुटय धान हे, सोई प्रभु, 

Maithili Lokgeet

आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही लिरिक्स - Aage Mai Dulha Sundar Mukh Lyrics

मिथिला धरोहर
Aage Maai Dulha Sundar Mukh Panmo Nahi Lyrics

आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आहे रानी कौशल्या के लाजो नही
आहे रानी कौशल्या के लाजो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आहे रानी कौसल्या के लाजो नही
आहे रानी कौसल्या के लाजो नही

आगे माई दूल्हा सुंदर आँखि कजरो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर आँखि कजरो नही
आहे रानी केकय के लाजो नही
आहे रानी केकय के लाजो नही

आगे माई दूल्हा सुंदर भाल चाननो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर भाल चाननो नही
आहे रानी सुमित्रा के लाजो नही
आहे रानी सुमित्रा के लाजो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आगे माई दूल्हा सुंदर मुख पनमो नही
आहे रानी कौशल्या के लाजो नही
आहे रानी कौशल्या के लाजो नही

6 मई 2023

Kunj Bihari Mishra

सिया सुकुमारी मिथिला के दुलारी लीरिक्स - Siya Sukumari Mithila Ke Dulari Lyrics

मिथिला धरोहर
Siya Sukumari Mithila Ke Dulari Lyrics in hindi Song by Kunj Bihari Mishra

सिया सुकुमारी मिथिला के दुलारी -2,
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2,
सिया सुकुमारी मिथिला के दुलारी -2,
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2,

चारु दूलह दशरथ के रे नंदन
अद्भुत रूप निहारी,
चारु दूलह दशरथ के रे नंदन
अद्भुत रूप निहारी,
भेलौ मगन मन नर और नारी
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2

रूप बदलि ऋषि मुनि सब एला
अरु पुष्पन बर साई,
रूप बदलि ऋषि मुनि सब एला
अरु पुष्पन बर साई,
अब अवध पूरी के युवराज रघुराइ
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2

जिनकर वर्णन वेद करै अछि
अखिल लोक सुखदाई,
जिनकर वर्णन वेद करै अछि
अखिल लोक सुखदाई,
कौशल्या सूत राम जमाई
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2

सीया सुकुमारी मिथिला के दुलारी -2,
पाहून हमर रघुवर धनु धारी -2,

28 अप्रैल 2023

Maithili Lokgeet

दूल्हा बनल श्रीराम हे लिरिक्स - Dulha Banal Shri Ram Hey Lyrics

मिथिला धरोहर
Dulha Banal Shri Ram Hey Lyrics in Hindi Song by Poonam Mishra

चलु सखि हिलि-मिलि जनक के आँगन, 
दूल्हा बनल श्रीराम हे,
चलु सखि हिलि-मिलि जनक के आँगन, 
दूल्हा बनल श्रीराम हे,

द्वि ही किशोर बीच आयला वशिष्ठ गुरु - 2, 
एक गोर एक छथि श्याम हे,
चलु सखि हिलि-मिलि जनक के आँगन, 
दूल्हा बनल श्रीराम हे

देश-विदेश केर भूप सब आयला सखी - 2, 
घूर ताकि गेला निज धाम हे,
जे शिव धनुष छुबैत काल टूटि गेल, 
रहि गेल सिया जी के मान हे
चलु सखि हिलि-मिलि जनक के आँगन, 
दूल्हा बनल श्रीराम हे

रंग-विरंग केर बाजिगेल साज सखि - 2, 
बरसल सुमन आकाश हे,
देहिक वैदिक आहि सखि मिट गेल, 
मिट गेल तीनों पाप हे,
चलु सखि हिलि-मिलि जनक के आँगन, 
दूल्हा बनल श्रीराम हे।

10 अप्रैल 2023

Maithili Lokgeet

राजा जनक जी के बाग में लिरिक्स - Raja Janak Ji Ke Baag Mein Lyrics

मिथिला धरोहर
Poonam Mishra Song Raja Janak Ji Ke Baag Mein Maithili Lyrics in Hindi

राजा जनक जी के बाग में - 2
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में

सोने के थारी में बिरिया लगाओल - 2
बिरिया चभन आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में

हाथ कमंडल रेशम डोरी - 2
गिरजा पूजन आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में

सोने के थारी गंगाजल पानी - 2
पनियां पीबन आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,
अलबेला रघुवर आयो जी,
राजा जनक जी के बाग में,


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मैथिली पंचाग 2027

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जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

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गोनू झा कहानी

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