अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
Maithili
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29 जुल॰ 2026
Maithili
Lokgeet
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के
चारु कुमार बैठे छवि छहरत
होइत सुमंगन तेहि छन के
एक जनेऊ पीताम्बर धोती
पहिरावन सब लालन के
नारियर पान हरदी दधि दूर्वा
ध्रुव भरल कर कंजन में
पढ़ी पढ़ीं वेदक मंत्र पुरोहित
बेल निरहूकुल रघुकुल चन्दन के
स्नेहलता शुभ तिलक चढ़ाबथि
रची रची दशरथ नन्दन के
19 जुल॰ 2026
Maithili
Lokgeet
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी
छल विश्वास ने कखनो देखब
राम सिया के जोड़ी
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
स्नेहलता किछु टहल बजायब
परल रहब गोरथारि
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना
गीतकार : स्नेहलता
14 जुल॰ 2026
Kohbar Geet
(पारम्परिक मैथिली कोहबर गीत)
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
एकहूँ पलक लय संग नहि छोरितहूँ
देखितहि नैना अघाय हे
एकहूँ पलक लय संग नहि छोरितहूँ
देखितहि नैना अघाय हे
फुलबा के हार जौं हम बनि जैतहँ
प्रीतम करल पटाय हे
फुलबा के हार जौं हम बनि जैतहँ
प्रीतम करल पटाय हे
पीताम्बर जौं हम बनि जैतहँ
लिहथत अंग लपटाय हे
पीताम्बर जौं हम बनि जैतहँ
लिहथत अंग लपटाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
इहो पढ़ब:-
10 जुल॰ 2026
Dahakan Geet
पारंपरिक मैथिली डहकन लोकगीत (Maithili Dahkan Geet)
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
केवल हाश विनोद में पुछियौन
उचित कथा दुई चारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
पहिल कथा ई पुछियोन सखि सब
कहता कनिक बिचारि हे
गोर लक्ष्मण गोर कौसल्या
भरत राम किया कारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
सुनु सखि एक अनुपम घटना
अचरज लागत भारि हे
खीर खाय बालक जनमौलन
अवधपूरी के नारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
अकध कथा कि बाजि सजनी
रघुकुल के गति न्यारी हे
साठि हजार पुत्र जनमौलनी
सगरक नारी छीनारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
स्नेहलता किछु आब ने कहियोन
अतबे करथि करारि हे
हंसी खुसी मिथिला सं जैता
ओतय सं भेजता महतारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
गीत - स्नेहलता
इहो पढ़ब:-
8 जुल॰ 2026
Maithili
Lokgeet
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
नैना जोगिन विध कनिको नै जांनय
नैना जोगिन विध बुझय नै जांनय
बुझय ने विध वयवहार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
कहथिन के हिनका बुझाय
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
करै छथि माई के उद्धार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई