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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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29 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के लिरिक्स - Aaju Tilak Chadhe Raghunandan Ke Lyrics

मिथिला धरोहर
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के
आजु तिलक चढ़े रघुनन्दन के

चारु कुमार बैठे छवि छहरत
होइत सुमंगन तेहि छन के

एक जनेऊ पीताम्बर धोती
पहिरावन सब लालन के

नारियर पान हरदी दधि दूर्वा
ध्रुव भरल कर कंजन में

पढ़ी पढ़ीं वेदक मंत्र पुरोहित
बेल निरहूकुल रघुकुल चन्दन के

स्नेहलता शुभ तिलक चढ़ाबथि
रची रची दशरथ नन्दन के

19 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना लिरिक्स - Pailaun Ram Ji Pahunama, Ghar Sohanma Lagai Na Lyrics

मिथिला धरोहर
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
जेहन सुंदर रामलला छथि
तेहने जनक किशोरी 
छल विश्वास ने कखनो देखब
राम सिया के जोड़ी 
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
हम त जीवन कैल निछाबर
मन मे ऐब बिचारि
स्नेहलता किछु टहल बजायब
परल रहब गोरथारि
घर सोहनमा लागइ ना
पैलऊं राम जी पाहुनमा घर सोहनमा लागइ ना 

गीतकार : स्नेहलता


14 जुल॰ 2026

Kohbar Geet

सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ लिरिक्स - Siya Ke Sajan Mora Bada Re Dularua in Lyrics

मिथिला धरोहर
(पारम्परिक मैथिली कोहबर गीत) 

सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे

एकहूँ पलक लय संग नहि छोरितहूँ
देखितहि नैना अघाय हे 
एकहूँ पलक लय संग नहि छोरितहूँ
देखितहि नैना अघाय हे 

फुलबा के हार जौं हम बनि जैतहँ
प्रीतम करल पटाय हे
फुलबा के हार जौं हम बनि जैतहँ
प्रीतम करल पटाय हे

पीताम्बर जौं हम बनि जैतहँ
लिहथत अंग लपटाय हे
पीताम्बर जौं हम बनि जैतहँ
लिहथत अंग लपटाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे
सिया के सजन मोरा बड़ा रे दुलरुआ
रखितंहुँ हिया में लगाय हे

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10 जुल॰ 2026

Dahakan Geet

राम लखन सन सुन्दर वर के जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे लिरिक्स - Ram Lakhan San Sundar Bad Ke Juni Padhiyoun Keo Gari He

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली डहकन लोकगीत (Maithili Dahkan Geet)

राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे
केवल हाश विनोद में पुछियौन
उचित कथा दुई चारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

पहिल कथा ई पुछियोन सखि सब
कहता कनिक बिचारि हे
गोर लक्ष्मण गोर कौसल्या
भरत राम किया कारि हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

सुनु सखि एक अनुपम घटना
अचरज लागत भारि हे
खीर खाय बालक जनमौलन 
अवधपूरी के नारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

अकध कथा कि बाजि सजनी
रघुकुल के गति न्यारी हे
साठि हजार पुत्र जनमौलनी 
सगरक नारी छीनारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

स्नेहलता किछु आब ने कहियोन
अतबे करथि करारि हे
हंसी खुसी मिथिला सं जैता
ओतय सं भेजता महतारी हे
राम लखन सन सुन्दर वर के
जूनि पढ़ियौन केओ गारि हे

गीत - स्नेहलता

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8 जुल॰ 2026

Maithili Lokgeet

चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई लिरिक्स - Chalu dekhan he daai raja janak ke jamai lyrics

मिथिला धरोहर
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
नैना जोगिन विध कनिको नै जांनय
नैना जोगिन विध बुझय नै जांनय
बुझय ने विध वयवहार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
बाम में कनियाँ दहिन छथि साइर
कहथिन के हिनका बुझाय
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
सखि सब मिलि जुलि पढ़य छथि गारी
करै छथि माई के उद्धार
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई
चलू देखन हे दाई राजा जनक के जमाई

15 जन॰ 2026

Hanuman Geet

हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ कनी कहबनि यो हनुमान लिरिक्स - Hamar vinay Shri Ramchandra Ji se kahbain yau Hanuman Lyrics

मिथिला धरोहर
 पारम्परिक मैथिली हनुमान जी भजन 

हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ कनी कहबनि यो हनुमान
हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ कनी कहबनि यो हनुमान
कनी कहबैन यौ हनुमान अहाँ कनी कहबैन यौ हनुमान 
हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ कनी कहबनि यो हनुमान

लछुमन दोख कियौ नहि देबनि, 
लछुमन दोख कियौ नहि देबनि
रावण हरलक ज्ञान
कनी कहबैन यौ हनुमान
हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ कनी कहबनि यो हनुमान


जँ एहि वन मे रावण आओत, 
जँ एहि वन मे रावण आओत
तेजब हम परान
कनी कहबनि यो हनुमान
हमर विनय श्री रामचन्द्र जी सँ, कनी कहबनि यो हनुमान

रावणक त्रास बहुत तड़पौलक, 
रावणक त्रास बहुत तड़पौलक,
थर-थर काँपय प्राण
कनी कहबनि यो हनुमान
हमर विनय श्री रामचन्द्रजी सँ, कनी कहबनि यो हनुमान

19 अग॰ 2025

Hanuman Geet

बजरंगी छी बड़ बलवान लिरिक्स - Bajrangi Chhi Bar Balwan Lyrics

मिथिला धरोहर
बजरंगी छी बड़ बलवान, के नई जानैए
फानि सिंधु सीता सुधि लाओल, 
बनल रामक प्राण
के नई जानैए

देल खसाय औंठी रखलौं अहाँ, 
दुखी सीया केर जान
के नई जानैए

खाय सुफल बाटिका उजारल, 
दसमुख के तोड़ल शान
के नई जानैए

डाहल सोनाक लंकागढ़, 
छोड़ि विभीषण के द्वार
के नई जानैए

लाय संजीवन लखन जिआओल, 
से कोना करू गुणगान
के नई जानैए

सकल भक्त के सब दुख हारन, 
अंजनि सुत हनुमान
के नई जानैए

विकल ठाढ़ सेवक छी हमहूँ, 
दीन अनन्त अज्ञान
के नई जानैए
बजरंगी छी बड़ बलवान, के नई जानैए

11 जुल॰ 2024

Bhakti Geet

अंगना के काते-काते नाचे हनुमान लिरिक्स - Angna Ke Kate-Kate Nache Hanuman Lyrics

मिथिला धरोहर
 अंगना के काते-काते नाचे हनुमान
कथी लए रूसल छथि वीर हनुमान

मंगाय दे मालिन बेटी, गँथाय दे हार
माला लय रूसल छथि वीर हनुमान

मंगाय दे ब्राह्मण बेटी मंगाय दे जनउ
जनउ लय रूसल छथि वीर हनुमान

मंगा दे हलुअइया बेटी मंगाय दे मधुर
नैवेद लेलय रूसल छथि वीर हनुमान

मंगा दे सेवक बेटा करा दे पूजा
पूजा लय रूसल छथि वीर हनुमान

अंगना के काते-काते नाचे हनुमान
कथी लय रूसल छथि वीर हनुमान

19 अक्टू॰ 2023

Barati Geet

राम लछुमन चलला बियाहन लिरिक्स - Ram lakshman challa Viyaman lyrics

मिथिला धरोहर
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

सब बरतिया जनकपुर पहुँचल
चेरिया कलश लेने ठाढ़ हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

सब बरियतिया के लाले लाल धोतिया
सिरहुं में लाले लाल पाग हे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

देबऊ गे चेरिया कान दुनू सोनमा
गले मे गिरमल हार गे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

एक वचन मोर मानि ले गे चेरिया
कहि दीहैं सीता के स्वरूप गे
राम लछुमन चलला बियाहन
दशरथ साजू बरियात हे

15 सित॰ 2023

Bhakti Geet

हनुमन्त अपनहि सऽ अयला मंदिर घर मे लिरिक्स - Hanumant Apnahi Sa Ayla Mandir Ghar Me Lyrics

मिथिला धरोहर
हनुमन्त अपनहि सऽ अयला मंदिर घर मे
नीचा पीड़िया बनाएब
ऊपर रोट चढ़ाएब

हनुमन्त अपने सऽ अयला मंदिर घर मे
नीचा ध्वजा गड़ाएब
ऊपर पताका टंगाएब

हनुमन्त अपनहि सऽ अयला मंदिर घर मे
नीचा फूल चढ़ाएब
ऊपर बेलपत्र चढ़ाएब

हनुमन्त अपनहि सऽ अयला मंदिर घर मे
नीचा धूप देखाएब
ऊपर दीप जराएब
हनुमन्त अपनहि सऽ अयला मंदिर घर मे


18 मई 2023

Geet Sangrah

कुंज बिहारी मैथिली लोकगीत लिरिक्स - Kunj Bihari Mishra Maithili Song Lyrics

मिथिला धरोहर
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