अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
4 जून 2014
ऊँचहि घर के नीच दुअरिया लिरिक्स - डहकन गीत
ऊँचहि घर के नीच दुअरिया
भले रंग बहय बसात
ताहि पैसि सुतली समधिन छिनरो
लाले रंग घघरा देल छलकाय
घोड़बा चढ़ल अबथिन समधी रसिया
लाले रंग देखि रहला लोभाय
घुमैते-फिरैते अयलथिन फल्लाँ रसिया
पकड़ल जयबे दरबार
हम नहि अयलहुँ रसिया अहाँकेँ हवेलिया
अहीक बहीन लयली बजाय
जीवननाथ एहु डहकन गाओल
बरियतियाक बहिन छकल छिनारि
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