शुक्रवार, 7 अप्रैल 2023

होरी रंग महलमे खेलत अवध नरेश लिरिक्स - Hori Rang Mahal me Khelat Avadh Naresh Lyrics

होरी रंग महलमे खेलत अवध नरेश
अतर गुलाल अबीरक झोरी,
लखन सहित जगदीश
आनन्द अति छाय हृदयमे, खेलत अवध नरेश
झालि मृदंग पखावज बाजे
डफली बांसुरी झमकार, होरी रंग महल मे....
गान करत सब सखियन मिलि
ध्यान रहित भेला नरेश
वीणा धुनि कए नारद थकित भयो
ऋषि मुनि सभ धायो, तुरत इन्द्रादि देव सभ आयो
खेलय चाहत फनीश, मही मानो डोलत

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