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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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18 अक्टू॰ 2021

पद्मश्री महासुंदरी देवी, मिथिला पेंटिंग लेल समर्पित हिनकर जीवनी

पद्मश्री महासुंदरी देवी Padmashree Mahasundari Devi के जन्म 15 अप्रैल 1922 के मधुबनी जिला अंतर्गत चतरा गाम मे भेल छलनी। जहन इ पांच वर्ष के छलथि तहने हिनकर पिता रामजीवन लाभ आ मां दुलारी देवी के निधन भऽ गेलनि। चाचा पुनीत लाभ और चाची देवसुंदरी देवी के देख-रेख मे औपचारिक प्राथमिक शिक्षाक संगे-संग सामाजिक, सांस्कृतिक तथा पारम्परिक कला के व्यावहारिक शिक्षा पूर्ण भेलनि। 15 वर्ष के आयु मे महासुन्दरी देवी मधुबनी पेंटिंग के संगे संग सिक्की, सुजनी, कानियाँ-पुतरा तथा पेपरमेशी शिल्प मे माहिर भऽ गेल छलथि।

महासुन्दरी जखन 17 वर्ष के छलथि, तहने हिनकर बियाह मधुबनी जिलाक राँटी गाम के कृष्ण कुमार दास के संग भऽ गेलनि। महासुन्दरी अपन गाँव चतरा सं अपन परम्परा आ संस्कृति के सहेज कऽ राँटी चली एलथि।

1964-65 मे मिथिलांचल मे भीषण अकाल पड़ल छल। ताबे धरि तक इ चित्रकला मिथिलांचल धरि सीमित छल। ओहि समय के तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री ललित नारायण मिश्र के अहि कला के जानकारी छलनी। हुनके पहल पर कला पारखी, डिजाइनर भास्कर कुलकर्णी जाहि पाँच टा स्थानीय महिला सब के अहि चित्रकला के व्यावसायिक उपयोग के लेल प्रेरित केलनि ओहि मे महासुंदरी देवी सेहो छलथि। भास्कर कुलकर्णी हैण्डमेड पेपर पर महासुन्दरी देवी द्वारा चित्रित 4 विलक्षण कृति के दिल्ली मे प्रदर्शित केलनि, जे बहुप्रशंसित भेल।

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वर्ष 1966 मे मधुबनी चित्रकला के मौलिकता आ अनोखापन के चर्चा सुनी अखिल भारतीय हस्तकला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी चट्टोपाध्याय मधुबनी एलथि। ओहि क्रम मे चट्टोपाध्याय के भेंट महासुन्दरी देवी सं भेलनि। महासुन्दरी देवी द्वारा बनायल गेल चित्र के देख बहुते प्रभावित भेलथि। चट्टोपाध्याय महासुन्दरी देवी के अहि कला सं लऽग-पासक महिला के सेहो प्रशिक्षित करबाक सलाह देलथि। अन्ततः हुनकर प्रयास रंग अनलनि आ लऽग-पासक महिला हुनकर  "मिथिला हस्तशिल्प कलाकार औद्योगिक सहयोग समिति लिमिटेड" सं जुड़य लगलनि।

महासुन्दरी देवी हैण्डमेड कागज सं आगू बैढ़ 1970 में साड़ी पर, 1973 में लकड़ी पर आ 1980 मे सनमाइका आ प्लाइबोर्ड पर चित्रकारी शुरू कऽ देलथि।। जाहिमे दशावतार, कृष्ण जन्मकथा, राम-सीता विवाह, सीता जन्म कथा, रासलीला आ शिव-पार्वती एहन धार्मिक विषय के शामिल केलथि। सिल्क, सूती कपड़ा आ सनमाइका एवं प्लाइबोर्ड पर मिथिला चित्रकला के शुरूआत करय बाली पहिल कलाकार के श्रेय हिनके जाइत छनि।

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सन् 1976 मे 66 फीट लम्बा आ 8.1/2 फीट चौड़ा चित्र बनने छलथि, जाहिमे मिथिला में जन्म लय वाली लड़की के जन्म सं लऽ के द्विरागमन धरिक पारम्परिक जीवन के श्रृंखलाबद्ध चित्रण छल। इ चित्र बिहार सरकार द्वारा उपहार स्वरूप राज्यसभा भवन, नई दिल्ली मे लगा देल गेल। कहल जाइत अछि जे अहि पेंटिंग के देखी श्रीमती इंदिरा गाँधी बहुते प्रभावित भेल छलथि आ हुनका दिल्ली बजा कऽ सम्मानित सेहो केने छलखिन। सामान्य तौर पर एकटा कलाकार 18-20 तरीका सं अरिपनक निर्माण करैत अछि। मुदा पश्चिमी जर्मनी के एरिका मोआइजर के अनुरोध पर महासुन्दरी देवी एक बेरा 85 तरहक अरिपन के निर्माण केने छलथि, जे  बहुप्रशंसित भेल छल, और आय जर्मनी के राष्ट्रीय संग्रहालय मे सुशोभित अछि।

1970-80 के दशक मे तत्कालीन रेलमंत्री ललित नारायण मिश्र के पहल पर हावड़ा सं नई दिल्ली जाय बला ट्रेन ’जयंती जनता एक्सप्रेस’ के बाहरी भाग के मिथिला पेंटिंग सजायल गेल छल। इ एकटा नव प्रयोग छल आ पूरा दुनिया मे एकर चर्चा भेल छल। ओहि समय फ्रांस के लेखक-प्रोफेसर इब्स मिको के अनुरोध पर महासुन्दरी देवी मिथिलांचल के जीवन पर आधारित 50 सुन्दर चित्रावलि के सृजन केने छलथि, जे यूरोप के कतेको देश मे प्रदर्शित भेल। इब्स मिको अहि चित्र के  ’"The Art of Mithila" नामक पुस्तक मे स्थान देलनि आ संगे "The Mithila" नामक डाक्यूमेन्ट्री फिल्म सेहो बनेलनी। कनाडा के फिल्म प्रोडयूसर एलान वैस हिनक चित्र के अपन वृतचित्र मे शामिल केलनि, जेकरा "An Ospecious Diagram'' के नाम देल गेल।
वर्ष 1978 में बिहार सरकार हुनका राज्य पुरस्कार सं सम्मानित केलकैन। 1982 मे भारत सरकार सं राष्ट्रीय पुरस्कार आ 1996-97 मे मध्य प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ सम्मान ’"राष्ट्रीय तुलसी सम्मान" प्राप्त भेलैन। वर्ष 2008 मे हिनका शिल्पगुरू सम्मान सं सम्मानित कैल गेलनि। वर्ष 2010 मे हिनका भारत मे कला के क्षेत्रक सबसं बड़का सम्मान "पद्मश्री" भेटलनि। मिथिला पेंटिंग मे पद्मश्री भेटनिहार चारिम कलाकार छलथि। जापान मे अवस्थित "Mithila Museum" के उदघाटन समारोह मे सेहो हुनका मुख्य अतिथि के रूप मे आमंत्रित कैल गेलनि। फ्रांस आ माॅरीशस मे सेहो हुनक चित्र के प्रदर्शनी भेलनि।

4 जुलाई, 2013 के 91 वर्षक उम्र मे महासुन्दरी देवी अहि संसार सं सदा के लेल चली गेलथि। एहन कलाकारक यशः शरीर के कहियो अन्त नै होइत अछि। देश-विदेशक प्रसिद्ध आर्ट गैलरि मे हुनकर कतेको चित्र आयो सुशोभित अछि।

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