...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🙏
✨ मिथिला संस्कृति के राग
सामा चकेबा
📅 सामा चकेबा पूजा 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

4 सित॰ 2018

पद्मश्री सँ सम्मानित मिथिला चित्रकला के गुरु गोदावरी दत्त

मिथिला धरोहर : १९३० मे दरभंगा के बहादुरपुर गांव मे जन्मलि गोदावरी दत्त बच्चे सँ मिथिला कला मे रूचि लेबय लागल छलथि। अपन माँ सुभद्रा देवी केर आधा बनल चित्र मे नुका क रंग भरनाई शुरू क देने छलथि फेर माँ प्रशिक्षण देलनि। ओहि के बाद अपन पूरा समय कला के समर्पित क देलथि। एखन रांटी मधुबनी मे रहयवाली मिथिला सहित पूरा बिहारक गौरव गोदावरी दत्त मिथिला पेंटिंग (Mithila Painting Artist Godawari Dutt) के महादेवी वर्मा कहल जाइत छथि। मिथिला चित्र कला के देश-विदेश मे पहुंचेबा मे हिनको अहम योगदान रहल छनि।

इहो पढ़ब:-
गोदावरी दत्त चारीम कलाकर छथि जिनका मिथिला पेंटिंग लेल पद्मश्री सम्मान सं सम्मानित कैल गेल छनि। हिनका राष्ट्रीय पुरस्कारक अलावा शिल्पगुरु पुरस्कार सेहो भेट चुकल छनि। कचनी शैली के श्रेष्ठ कलाकार मे सँ एक मानल जाइत छथि। अधिकतर इ पौराणिक कथा और धार्मिक विषये पर चित्रण केने छथि आ अपन चित्रक बैकग्राउंड के खास ध्यान राखय छथि। किछुए मास पहिने महादेवी वर्मा बिहार म्यूजियम मे एकटा बड़का पेंटिंग उकेर क खूब बाराइ कमेने छलथि। हिनकर पेंटिंग जापान के मिथिला म्यूजियम मे सेहो प्रदर्शित कैल गेल छनि।

इहो पढ़ब:-
हिनक तीनटा चित्र विशेष क याद कैल जायत त्रिशूल, धनुष और डमरू जाहिमे ओ अपन असीम कल्पनाशीलता के परिचय देने छथि गोदावरी दत्त केर सपना छनि जे भारत मे सेहो जापान सन मिथिला कला के कुनो म्यूजियम बनय।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
  • ⏳
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
  • ⏳
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू