गुरुवार, 2 सितंबर 2021

दरभंगा स्टेशन पर स्थापित हेरिटेज इंजन नंबर 253 के इतिहास

दरभंगाः ब्रिटिश काल मे दरभंगा महाराज के कारखाना मे बनाओल जाय बला नील सं ल के चिन्नी के देशक कोन-कोन मे पहुंचेबाक संगे गुलामी सं आजादी धरिक दास्तान समारहने 105 साल पुरान वाष्प इंजन के बिहार मे पूर्व-मध्य रेलवे के दरभंगा स्टेशन परिसर मे प्रतीक के रूप मे स्थापित कैल गेल अछि। 

इंजन के इतिहास
अहि वाष्प इंजन नंबर 253 के निर्माण वर्ष 1885 में इंग्लैंड मे शुरू भेल छल। वर्ष 1914 मे पहिल बेरा अहि इंजन के बोगि मे जोइर दरभंगा सं सवारी गाड़ीक रूप मे चलायल गेल छल। बाद मे एकरा लोहट चीनी मिल मे पार्ट टाइम मे चलाबल जाय लागल।

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वर्ष 1975 मे अहि इंजन के पूर्ण रूप सं लोहट चीनी मिल के द देल गेल। चीनी मिल मे 16 मार्च, 1996 धरि अहि इंजन के सेवा लेल गेल। मुदा, मिल मे उत्पादन बंद भेलाक उपरांत इ इंजन सेहो हमेशा के लेल ठंडा भ गेल। अहि इंजन के मधुबनी जिलाक लोहट चीनी मिल सं 22 जुलाई 2018 के दरभंगा आनल गेल छल। 

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