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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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5 अग॰ 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पुजन के भेल अबेर, सीया गेली खीसीआई हे लिरिक्स - Gauri Pujan Ke Bhel Aber Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

गौरी पुजन के भेल अबेर, 
सीया गेली खीसीआई हे 

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी जल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी फूल लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...

कीयो सखी आवे सीया के मनाबे,
कीयो सखी नैवेद लेने ठाढ़ 
गौरी पुजन के भेल अबेर...।

Gauri Puja Geet

गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै लिरिक्स - Gauri Pooj Lai Sita Behal Bhel Chhai Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक गौरी पूजा गीत

​गौरी पुजय लेल सीता बेहाल भेल छै,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 
सीत सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​फुल डाली सजल रंग बिरंग फूल सं
रंग बिरंगे कनैल जूही अड़हुल सं
धुप गुगुल स गम-गम महल भेल छै 
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​नव कोबर सजल दीप अहिबात सं
जेना सीता सटल राम के कात सं
लोक बाजै जोड़ी कमाल भेल छै
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

​सीता बिनती करै छैथ बहुत नेम सं
गीत गाबि-गाबि भक्ति मधुर प्रेम सं
सोभ देखी सुनैना नेहाल भेल छै ,
मांग सिन्दुर भरल रंग लाल भेल छै 

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4 जुल॰ 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी लिरिक्स - Gauri Pujan Ham Jaayb Yau Raghunandan Svami Lyrics

मिथिला धरोहर
मैथिली गौरी लोकगीत

गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

आसन कम्बल हम अपने सं आनब
आसन कम्बल हम अपने सं आनब
आहाँ सिंघासन लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ सिंघासन लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

फूल बेलपत्र हम अपने सं आनब
फूल बेलपत्र हम अपने सं आनब
आहाँ गंगाजल लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ गंगाजल लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

सिंदूर सपरि हम अपने सं आनब
सिंदूर सपरि हम अपने सं आनब
आहाँ नबेद लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
आहाँ नबेद लेने ऐब यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

गौरी पूजीए पूजी भाग्य जे मांगब
गौरी पूजीए पूजी भाग्य जे मांगब
मांगी लेब दीर्घ अहिवात  यौ रघुनंदन स्वामी
मांगी लेब दीर्घ अहिवात  यौ रघुनंदन स्वामी
गौरी पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी
गिरजा पूजन हम जायब यौ रघुनंदन स्वामी

6 मई 2026

Gauri Puja Geet

गौरी पूजय चलल रुक्मिनी संग सखि दस-पांच यो लिरिक्स - Gauri Poojay Chalal Rukmini Sang Sakhi Das Paanch Yo

मिथिला धरोहर
पारम्परिक मैथिली गौरी पूजा गीत

गौरी पूजय चलल रुक्मिनी संग सखि दस-पांच यो ।

तीन फूल लय गौरी पूजल बेली चमेली गुलाब यो ।

तीन सिन्दूर लय गौरी पूजल मटिया पीपा अचीन यो ।

तीन नैवेद्य लय गौरी अराधल नेबो नारंगी अनार यो ।

तीन वस्त्र लय गौरी पूजल लाल पीयर पटोर यो ।

तीन बेर कल जोड़ि पूजब लय गंगाजल नीर यो ।


20 दिस॰ 2025

Gauri Puja Geet

एक पुड़िया सेनूर पिया ल के जरुर लीरिक्स - Ek Puriya Senur Piya La ke Jarur Lyrics

मिथिला धरोहर
एक पुड़िया सेनूर पिया लऽ के जरुर
एक पुड़िया सेनूर पिया लऽ के जरुर
अहाँ गौरी पूजन बेर आयब यौ
हम कोहबर सजैब, अहिबात बैसैब
दुनु मिल के दीप जरायब यौ
अहाँ गौरी पूजन बेर आयब यौ

लाल अरहुल फूल हम लोढ़ी आनब
अहाँ बेलपात कनबि तोरी आनब
फूल डाली साजैब, एगो माला बनैब
दुनु मिल के गौरी के सजायब यौ

हम सोना के थारी कपूर जरैब
अहाँ पटबा दोकान सं गुगुल ल ऐब
कनी फल लेने ऐब, मां के भोग लगैब
दुनु मिल के आरती उतारब यौ

Gauri Puja Geet

सुंदर सुंदर फूल हमरो लय लबिहे लिरिक्स - Sundar Sundar Phool Hamro La Labihe Lyrics

मिथिला धरोहर
सुंदर सुंदर फूल हमरो लय अनिहैँ से
गिरिजा पूजन हम जेबय गे मलिनियाँ
गौरी पूजन हम जेबय गे मलिनियाँ

बेली फूल अनिहे चमेली फूल अनिहे से
बेली फूल अनिहे चमेली फूल अनिहे से
और फूल अनिहे गुलाब गे मलिनियाँ
और फूल अनिहे गुलाब गे मलिनियाँ

एक मोन होय यै मालिन तोरे संगे जाइतौं से
एक मोन होय यै मालिन तोरे संगे जाइतौं से
देखितौं राम के सुरति गे मलिनियाँ
देखितौं राम के सुरति गे मलिनियाँ

एक मोन होय यै मालिन झुकी झुकी चलितौं से
एक मोन होय यै मालिन झुकी झुकी चलितौं से
देखितौं श्री भगवान गे मलिनियाँ
देखितौं श्री भगवान गे मलिनियाँ

माथ मणि  मोडिया कुंडल सोभय कनमा से
माथ मणि  मोडिया कुंडल सोभय कनमा से
सांवली सुरत मन मोहे गे मलिनियाँ
सांवली सुरत मन मोहे गे मलिनियाँ


• सुन्दर सुन्दर फूल मालिन हमरोला लबिहे (लिरिक्स -2)

सुन्दर सुन्दर फूल मालिन हमरोला लबिहे
से गिरजा पुजन हम जेबै गे मलिनिया

एक मन होय मालिन तोर सँग जैतौ
देखी लितौ राम के स्वरुप गे मलिनिया

एक मन होय मालिन तोर सँग जैतौ
चिन्ही लितौ लक्ष्मण देवर गे मलिनिया

एक मन होय मालिन तोर सँग जैतौ
देखही लितौ सेवक वीर हनुमान गे मलिनिया

11 सित॰ 2023

Bhakti Geet

गौरी दाय बर नीक आहाँ के भाग्य लिरिक्स - Garu Daau Bar Neek Aahan Ke Bhagy Lyrics

मिथिला धरोहर
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य
तीन लोक के मालिक छैन जे
तीन लोक के मालिक छैथ जे
से छैथ आहाँ के शुहाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य - 2
तीन लोक के मालिक छैथ जे - 2
से छैथ आहाँ के शुहाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य 

भूत प्रेत सब टहल करैत हैत
बसहा कुईद-कुईद नाच, गे दाई
भूत प्रेत सब टहल करैत हैत
बसहा कुईद-कुईद नाच
भानस भात के चिंता नै हैत
भानस भात के चिंता नै हैत
बाबा पियै छैथ भांग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य -2
तीन लोक के मालिक छैथ जे - 2
से छैथ आहाँ के शुहाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य

जटा सं जिनका गंगा बहै छैन
माथ पर चमकै चान, गे दाई
जटा सं जिनका गंगा बहै छैन
माथ पर चमकै चान,
यैह त्रिपुरारी त्रिनेत्री छैथ - 2
गला में विषधर नाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य - 2
तीन लोक के मालिक छैन जे
तीन लोक के मालिक छैथ जे
से छैथ आहाँ के शुहाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य

कैलाशे पर अहाँ के रखता
फूसक कुटिया बनाय, गे दाई
कैलाशे पर अहाँ के रखता
फूसक कुटिया बनाय,
नीत उठी बाबा के दर्शन करब -2
इहे थिक अहाँ के सौभाग्य
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य - 2
तीन लोक के मालिक छैन जे
तीन लोक के मालिक छैथ जे
से छैथ आहाँ के शुहाग
गौरी दाय बड़ नीक आहाँ के भाग्य

28 जून 2023

Gauri Puja Geet

गौरी पूजू गौरी पूजू जानकी से जानकी लिरिक्स - Gauri Puju Gauri Puju lyrics

मिथिला धरोहर
Gauri Puju Janki Lyrics - गौरी पूजन गीत लिरिक्स

गौरी पुजू गौरी पुजू 
जानकी से जानकी, जानकी से जानकी
पुरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

तीनही फूल लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
तीनही फूल लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

तीनही फल लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
तीनही फल लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

तीनही वस्त्र लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
तीनही वस्त्र लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

तीनही सिंदूर लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
तीनही सिंदूर लाए गौरी हम पूजब, 
गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

गौरी पूजी पूजी भाग्य जे मांगव
सोहाग जे मांगव
पूरल कामना
गौरी पूजी पूजी भाग्य जे मांगव
सोहाग जे मांगव
पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

गौरी पुजू गौरी पुजू 
जानकी से जानकी, जानकी से जानकी
पुरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना


● गौरी पुजू गौरी पुजू - संस्करण 2

गौरी पुजू गौरी पुजू 
जानकी से जानकी, जानकी से जानकी
पुरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना

तीनही जल लाए गौरी हम पूजब, गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
ओ त नीर, गंगाजल, जल लाए ना
ओ त नीर, गंगाजल, जल लाए ना

तीनही सिंदूर लाए गौरी हम पूजब, गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
ओ त भूषणा, पीपा, अचीन लाए ना
ओ त भूषणा, पीपा, अचीन लाए ना

तीनही नबेद लाए गौरी हम पूजब, गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
ओ त नेबो, नारंगी, अनार लाए ना
ओ त नेबो, नारंगी, अनार लाए ना

तीनही फूल लाए गौरी हम पूजब, गौरी हम पूजब 
पूरल कामना
ओ त बेली, चमेली, आरहुल लाए ना
ओ त बेली, चमेली, आरहुल लाए ना

तीनही वर हम गौरी सं मांगव, गौरी सं मांगव
पूरल कामना
ओ त भाग्य, सोहाग, अहिबात मांगव ना
ओ त भाग्य, सोहाग, अहिबात मांगव ना
गौरी पुजू गौरी पुजू 
जानकी से जानकी, जानकी से जानकी
पुरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना
वर भेटल रघुवर पूरल कामना


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9 नव॰ 2022

Gauri Puja Geet

गिरिजा पूजैत सिया फड़कय बामा नयना लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Girija Pujait Siya Pharakay Bama Nayan 

गिरिजा पूजैत सिया फड़कय बामा नयना
हे शुभ अंगक फरकब
सखि हे राति देखल हम सपना
हे शुभ अंगक फरकब
गोर छबीले श्यामल सलोने
प्रीतम जनकजी के अंगना
हे शुभ अंगक फरकब
गोरे कुबंर मोर देओर हयता
प्रीततम श्यामल सलोना
हे शुभ अंगक फरकब
ई सुनि हँसि जनक जी सँ कहलनि
जिनकर नाम सुनयना
हे शुभ अंगक फरकब
तुलसीदास कहे सीता बड़ भागिनि
पाओल वर श्याम सलोना
हे शुभ अंगक फरकब
गिरिजा पूजैत सिया के
फरकय बामा नयना
हे शुभ अंगक फरकब

20 सित॰ 2022

Gauri Puja Geet

पूजि लीअ जनक भवनमे लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Gauri Puji Lia Janak Bhavan me  Lyrics

गौरी पूजि लीअ जनक भवनमे
हे सुकुमारी सिया
पूजि पूजि मांगू अहिबात
हे सुकुमारी सिया

एक हाथ लीअ सीता फूल केर डलिया
हे सुकुमारी सिया
दोसर हाथे गौरी पूजू आजु
हे सुकुमारी सिया

जाहि लए सभ दिन जप-तप कयलौं
हे सुकुमारी सिया
सेहो वर भेटला भगवान
हे सुकुमारी सिया
गौरी पूजि लीअ जनक भवनमे
हे सुकुमारी सिया
पूजि पूजि मांगू अहिबात
हे सुकुमारी सिया

19 अग॰ 2022

Gauri Puja Geet

फूल लोढ़य गेली गौरी माली फुलबारी - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Phul Lodhay Geli Mali Phulbari Lyrics

फूल लोढ़य गेली गौरी माली फुलबारी
दस-पाँच सखि गौरी लेल संग साथी
बसहा चढ़ल आबय शंकर भिखारी
ककर अलारी, ककर दुलारी
ककरा हुकुमे अयली फुलबारी
भैया के अलारी गौरी, बाबा के दुलारी
अम्मा के हुकुमे गोरी, अयली फुलबारी
एक खोंइछा लोढ़ल गौरी, अयली फुलबारी
एक खोंइछा लोढ़ल गौरी, दुइ खोंइछा लोढ़ल
तेसर लोढ़इते गौरी गेली रिसिआइ
कि शिव फुल देलनि छिड़िआइ
कनइते खिजइते गौरी अम्मा आगू ठाढ़ भेली
के तोरा मारल, के पढ़ल गारि
के तोरा आहे गौरी देल फूल छिड़िआय
हमरो मुख अम्मा कहलो ने जाइ
के छिड़िआओल फूल, कहितो लजाइ
बसहा चढ़ल एक आयल भिखारी
बएह बुढ़ा बाजल-भूखल, कयल झिकझोर
लोढ़ल फूल सेहो अम्मा, देल छिड़िआइ

27 जुल॰ 2022

Gauri Puja Geet

सीता दाइ दुलारी प्रेम के प्यारी लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Sita Dai Dulari Prem Ke Pyari Lyrics

सीता दाइ दुलारी प्रेम के प्यारी
हे अहाँ पूजू गौरी
कहथि सीता दाइ सुनू हे सुनयना
किये लए गौरी हम पूजब
से अहाँ कहिए दीअ ना
जल लीअ फूल लीअ और बेलपत्र लीअ
लाल कमल लीअ हाथ यो
से अहाँ पूजू गौरी
धूप लीअ दीप लीअ और नैवेद लीअ
लाल सिन्दूर लीअ हाथ
हे अहाँ पूजू गौरी
कहथि सीता दाइ सुनू हे सुनयना
किये हम गौरीसँ माँगब
से अहाँ कहिए दीअ ना
सासु ससुर माँगब वीर देओर माँगब
कन्त माँगब श्रीराम
हे अहाँ पूजू गौरी

20 जुल॰ 2022

Gauri Puja Geet

गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Gauri Pujan Chslali Sita Pita Ke Nagariya

गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे
पिता के नगरिया सिया, जनक दुअरिया हे

हाथकऽ लेली फूलक डाली, सिन्दूर केर पुड़िया हे
गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे

हाथ कऽ लेली मधुर खांड़, लाल अड़हुल केर कलिया
गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे

बेलपत्र सभ तोड़थि सखिया, अपने अड़हूल कलिया
गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे

1 जुल॰ 2022

Gauri Puja Geet

चलू सखि गौरी पूजन, जनक जी के बागमे लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Chalu Sakhi Gauri Janak Ji Ke Baagme

चलू सखि गौरी पूजन, जनक जी के बागमे
दस सखि आगू चलय, दस सखि पाछू चलय
बीचमे सिया सुकुमारी, जनक जी के बागमे
बाटेमे भेटि गेला फल्लां दुलरुआ
धय लेल अंगुरी के पोर, जनक जी के बागमे
जँ तोहें आहे सिया, वारि कुमारि
चलहु हमरहुँ संग, जनक जी के बागमे

20 मई 2022

Gauri Puja Geet

पहिल पहर गौरी पूजल वर मांगल हे लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Pahil Pahar Gauri Pujal Var Mangal He

पहिल पहर गौरी पूजल
वर मांगल हे
आहे ऋषि जनक सन बाप
कि माय सुनयना रानी हे

दोसर पहर गौरी पूजल
इहो वर मांगल हे
आहे मांगल दशरथ सन ससूर
कि सासु कौशिल्या रानी हे

तेसर पहर गौरी पूजल
इहो बर मांगल हे
मांगल रामचन्द्र सन कन्त
देओर बाबू लछुमन हे

चारिम पहर गौरी पूजल
इहो वर मांगल हे
मांगल जनकपुर नैहर
कि सासुर अयोध्या सन हे

पांचम पहर गौरी पूजल
इहो वर मांगल हे
मांगल लव-कुश सन पुत्र
कि सेवक श्री हनुमान हे

10 नव॰ 2021

Gauri Puja Geet

देखैत गेन्दा बड़ लाल गे मलीनियां लिरिक्स - गौरी पूजा गीत

मिथिला धरोहर
Dekhait Genda Bar Laal Ge Maliniya Lyrics

देखैत गेन्दा बड़ लाल गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल
किनकर बाड़ी बेली चमेली - 2
किनकर बाड़ी गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवजी के बड़ी बेली चमेली - 2
गौरी केर बाड़ी गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

कथीए लोढ़ब बेली चमेली - 2
कथीए लोढ़ब गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

आँचरमे लोढ़ब बेली चमेली - 2
फांगड़मे लोढ़ब गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

किनका चढ़ायब बेली चमेली - 2
किनका चढ़ायब गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवकेँ चढ़ायब बेली चमेली - 2
गौरी चढ़एबनि गुलाब गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

किनकासँ मांगब अनधन लछमी - 2
किनकासँ माँगब सोहाग के मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवजीसँ माँगब अनधन लछमी - 2
गौरीसँ माँगब सोहाग गे मलीनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल
देखैत गेन्दा बड़ लाल के मलिनियां
देखैत गेन्दा बड़ लाल

27 जुल॰ 2019

Gauri Puja Geet

गौरी पूजब काल के गीत - मैथिली गौरी पूजा गीत लिरिक्स - Maithili Gauri Geet Lyrics

मिथिला धरोहर

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जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

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कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

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श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

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