धिया केर हाथ बाबा वर के समरपल धिया भेली ममता विभोर गे माई। मुसुकल सन मुँह काँपे दूनू ढोरबा, आँखिया में रोकल लोर गे माई । हमर अपन धिया वंश बदलि गेल, हमरो कलेजा कठोर गे माई। लतिका स्नेह मइया छाती दाबि हुकरथि, धिया लेई जायब पराय गे माई।रचनाकार: स्नेहलता स्नेह (परिचयइहो पढ़ब:-• बाँके बिहारी झा 'करील' केर मैथिली गीत लिरिक्स• विद्यापति मैथिली भगवती गीत लिरिक्स
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