अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
26 अक्टू॰ 2017
Home
/
Maithili Lokgeet
/
Maithili Song Lyrics
/
Samdaun Geet
/
नैहर हमर जनकपुर रे सखिया सासुर दूर के देश लिरिक्स - समदाउन लोकगीत
नैहर हमर जनकपुर रे सखिया सासुर दूर के देश लिरिक्स - समदाउन लोकगीत
नैहर हमर जनकपुर रे सखिया,
सासुर दूर के देश
आमा मोर आजु एकसरि सुतती,
छनेछन उठती चेहाय
किए जे देखि आमा धैरज धरती,
किए देखि रहती लोभाय
फूल जे देखि आमा धैरज धरती,
फल देखि रहती लोभाय
पलंगा बैसल हमर बाबा कनै छथि,
मचिया बैसल हमर माय
डोलिया के खूंटी धय सखि सभ कनै छथि,
आब सखि सासुर जाय
घुरू भइया घुरू सखि सभ,
अहूँ सभ घूरि घर जाउ
हमरो आमा जे कनैत हयती,
हुनिका कहब बुझाय
भनहि विद्यापति सुनू हे सखि सभ,
सभ बेटी सासुर जाय
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2017/10/sama-chakeva-festival.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2017/10/sahityakar-Kumkum-Jha.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !