बेटी के वियोग हम कोना विधि सहबई,हम ना करब धिया दान । अपन करेजबा के दुधबा से पोसली, आजु भेल दुलरी विरान । जौं हम जनिति एहन दिन देखबई, हति लिती अपन परान । लतिका सनेह अब कहाँ लतरायब,उजरल स्नेहक बगान ।रचनाकार: स्नेहलता स्नेह (परिचयइहो पढ़ब:-• बाँके बिहारी झा 'करील' केर मैथिली गीत लिरिक्स• विद्यापति मैथिली भगवती गीत लिरिक्स
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