मिथिला नगर तजि सिया जब चललि, राम सिया जब चललि मिथिला खसल मुरछाय-2हिलि लिअव मिलि लिअव सखि हे सहेलिया रामसखि हे सहेलिया अब न होयत मुलुकात - 2 लतिका स्नेहिया गावल समदओनियां राम संत जन लिअवरचनाकार: स्नेहलता स्नेह (परिचयइहो पढ़ब:-• बाँके बिहारी झा 'करील' केर मैथिली गीत लिरिक्स• विद्यापति मैथिली भगवती गीत लिरिक्स
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !