...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

3 मार्च 2017

सिया हे वरण कएल, सब हे मुदित भेल लिरिक्स ​​- समदाउन लोकगीत

सिया हे वरण कएल, सब हे मुदित भेल
छूटि गेल मिथिला धाम
केये जनक बगियामे गौरी के पुजतैक
सखि संगे तोड़त के गुलाब
केये धनुषा के सब दिन पुजतैक
चलि भेलि मैथिली ललाम
सखि सभ हे मुदित भेली, 
विधि सभ लिखि देल
कन्त भेला सुन्दर श्रीराम

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »