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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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19 मार्च 2026

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे लिरिक्स, मैथिली बरसाइत पूजा गीत लिरिक्स | Barsait Geet Lyrics

Maithili Barsait Geet Lyrics

रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे 
पूजब बरसाइत हमहू,
रहै अनामित सब दिन सीथ सिनुरहार हे
पूजब बरसाइत हमहू, दै छी हाकर हे - 2,
पूजब बरसाइत हमहू

जग मग भाग-सुहाग, अहिबातक सिंगार हे -2,
हम सब सुहागिन के ई, पाबैन-तिहार
हम सब सुहागिन के ई,

बर सन लतरए-चतरए, घर-संसार हे -2,
पिया जी लै औरदा मांगी, अपना लै दुलार हे
पिया जी लै औरदा मांगी,

डाला में सजाओल, सेनुर पिठार हे - 2,
नेहक ताग बांधव, बंधन स्वीकार हे
नेहक ताग बांधव



जेठ मास अमावस सजनी गे लिरिक्स

जेठ मास अमावस सजनी गे
सभ धनी मंगल गाउ
भूषण वसन जतन कऽ सजनी गे
रचि-रचि अंग लगाउ

काजर-रेख सिनुर भल सजनी गे
पहिरथु सुबुधि सेयानि
हरखित चलल अछयबट सजनी गे
गाबति मंगल गान

घर-घर नारि हकारल सजनी गे
आदरसँ संग गेलि
आइ छिऐ बरिसति सजनी गे
तेँ आकुल सभ भेलि

घुमि-घुमि अछिंजल ढ़ारल सजनी गे
बांटल अछत सुपारि
फतुरी आसिस देल सजनी गे
जीबथु दुलहा-दुलारि

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