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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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4 अग॰ 2026

Madhushravani Geet

पावनि पूजू आजु सोहागिन प्राण नाथ के संग मे लिरिक्स - Pavni Pooju Aaju Sohagin Lyrics

मिथिला धरोहर
पारम्परिक मधुश्रावणी पाबनिक गीत

पावनि पूजू आजु सोहागिन प्राण नाथ के संग मे ।

कारी कम्बल झारि गंगाजल काजर सिन्दूर हाथ मे ।

चानन घसू मेहदी पीसू लिखू मैना पात मे ।

पाबनि साजी भरि-भरि आनल जाही-जूही पात मे ।

कतेक सुन्दर साज सजल अछि लिखल मैना पात मे ।

Madhushravani Geet

पाबनि पाबनि रटैत रटैत बीतल रे उमेरीया लिरिक्स - Pabani Pabani Ratait Ratait Beetal Re Umeriya

मिथिला धरोहर
मधुश्रावणी पाबनिक गीत

पाबनि पाबनि रटैत रटैत बीतल रे उमेरीया 
कोनटा धेने ठाढ़ छलीयै कखन औथिन्ह भड़ीया 
पाबनि पाबनि रटैत रटैत बीतल रे उमेरीया

सासु पठेलखिन्ह केरा दही भड़ीया 
ससुर पठेलखिन्ह लाल सड़ीया ।।
पाबनि पाबनि रटैत रटैत बीतल रे उमेरीया

गोतनी पठेलखिन्ह केचुआ के भड़ीया 
ननदी पठेलखिन्ह फुलक डलीया 
पाबनि पाबनि रटैत रटैत बीतल रे उमेरीया

3 अग॰ 2026

Bishari Geet

पाँचों बहिनिया विषहर, पाँचों कुमारि लिरिक्स - Paanch Bahin Vishar Pancho Kumari Lyrics

मिथिला धरोहर
पाँचों बहिनिया विषहर, पाँचों कुमारि
राम पाँचों कुमारि
राम छोटकी बहिनिया विषहर शिव के दुलारी 
राम छोटकी बहिनिया विषहर शिव के दुलारी 

पाँचों बहिनिया के नामि-नामि केश
राम नामि-नामि केश,
राम मुठीये के डार छनि अलप बएश
राम मुठीये के डार छनि अलप बएश

आहे आहे विषहरी ई की कैल तोर
राम ई की कैल तोर,
राम पलँगा सूतल बालम डसलह मोर
राम पलँगा सूतल बालम डसलह मोर

जाहि दिन छलहुँ हम शिव केर कोर
राम शिव केर कोर
राम तहिया गौरी बजलीह सौतीन मोर
राम तहिया गौरी बजलीह सौतीन मोर

आब हम ऐलहुँ सरोबर बाट
राम सरोबर बाट,
राम आबे गौरी माँगय छथि सीर के सिंदूर
राम आबे गौरी माँगय छथि सीर के सिंदूर

लाऊ गायब आहे गौरी लावा दूध फूल
राम लावा दूध फूल,
राम तखने बकस देब सीर के सिंदूर
राम तखने बकस देब सीर के सिंदूर

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(2)
पाँचों बहिनिया विषहर, पाँचों कुमारि
राम पाँचों सिर पर कलश विराजे हाथे धूप दान

कहमा के आसन-बासन, कहाँ निज धाम,
राम किनकर बेटी थिकौँ, किये छी नाम 

निम तर आसन - बासन, गंगा निज धाम,
राम गौरी दाय के बेटी थिकौँह, जया
विषहर नाम 

कोने फूल चढ़ायब विषहर, कि देब नबैद, 
राम
कि हम देब विषहर पूजा अहाँ लेब 

मैना के पात पर, हे सुहागिन हमरो बैसाब
राम फूल अच्छत, दूध लावा चढ़ाइब 

धन्य ही विद्यापति सुनिये महेश, आहे
आबैत हेथीन पाँचो बहिनि हरति कलेश 

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5 जुल॰ 2026

Bishari Geet

कहाँ तोहर आसन बासन लिरिक्स. Kahan Tohar Aasan ब3aasan Lyrics

मिथिला धरोहर
पारंपरिक मैथिली बिषहरि गीत

कहाँ तोहर आसन बासन कहाँ निज धाम,
राम कहाँ निज धाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,
राम किनकर तु पाँचो बेटी, किये तोहर नाम,

गंगा हमर आसन बासन गहबर निज धाम,
आहे गहबर निज धाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम,
राम गौरी के पाँचो बेटी, बिषहरि नाम…..

नाव दे रे मलहा भैया रुपे करुआर,
राम रुपे करुआर
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार
राम बिषहरि जेती मृतु भुवन हेतन अतिकार

दीप दे रे कुम्हरा भैया पाट सूत बाती
राम पाठ सूत बाती
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद
राम तेल दे रे तेलिया भैया लेसु प्रहलाद

धन्य हि विद्यापति सुनु बिषहरि माई
राम सुनु बिषहरि माई
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय
राम हमरो पर दानी रहबै हेबय सहाय

18 जून 2026

Bishari Geet

खेलैत धुपैत बिसहरि गेली अलसाय लिरिक्स - Khelait Dhupait Bishari Geli Alasay Liye

मिथिला धरोहर
पारम्परिक मैथिली बिसहरि गीत

खेलैत धुपैत बिसहरि गेली अलसाय ।
सिरमा बैसल भगता बेनिया डोलाय ।

कहाँ तोहर आसन-बासन कहाँ निज धाम ।
कोने दाइक बेटी थिकौ कि थिक नाम ।

मैना हमर आसन-बासन वैह थिक नाम ।
गौरी दाइक बेटी थिकौं बिसहरि नाम ।

जोड़ी लागल छागर देब रहू एहि ठाम ।
सदा दहिन रहू होइयो ने बाम ।

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