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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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14 जुल॰ 2022

बदरा उमरि घुमरि घन गरजै लिरिक्स - Badara Umari Ghumari Ghan Garjai Lyrics

बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना 
बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना

दादुर मोर पपीहा गावे 
दादुर मोर पपीहा गावे 
जिया उलकावे ना, आहो सखी 
जिया उलकावे ना, आहो सखी 
बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना

बिरहक आगि कुहूक कुहू गावे 
बिरहक आगि कुहू कुहू गावे 
बैरी कोयलिया ना, आहो रामा 
बैरी कोयलिया ना, आहो रामा 
बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना

पिया के पाती लिखल हम कस विधि 
पिया के पाती लिखल हम कस विधि 
तैइयो न पिघले ना आहो रामा 
तैइयो न पिघले ना आहो रामा 
बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना

कंत हमर हिय हंत भेल अछि 
कंत हमर हिय हंत भेल अछि 
दरदो ना जानै ना आहो रामा 
दरदो ना जानै ना आहो रामा 
बदरा उमरि घुमरि घन गरजै 
बूंदिया बरसन लागे ना



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