...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌙
✨ आगामी त्यौहार
चौरचन पूजा तिथि और पूजा मंत्र
📅 सितम्बर 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

14 अक्टू॰ 2024

आजु कोजगरा के दिन लिरिक्स - Aaju Kojagra Ke Din Chhai Ge Bahina

आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

कांचे केरा भरल चंगेरा, चूड़ा के कुरा खालिये छै
कांचे केरा भरल चंगेरा, चूड़ा के कुरा खालिये छै
दही छांछ के छाल्हि टूटल, मधुर मिठाईये कनियें छै
दही छांछ के छाल्हि टूटल, मधुर मिठाईये कनियें छै
कोना के राखु परोसी के मान गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

छत्ता छड़ी पुराने लागे, पिरहि के गोरा टूटले छै, 
छत्ता छड़ी पुराने लागे, पिरहि के गोरा टूटले छै, 
डाला परका धान जे देखु, किलो शेर सं जोखने छै
पान, मखानक नामो नै निसान छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

भैया सारक मूह लागै छै, उसनल अल्हुआ सुथनी सन,
भैया सारक मूह लागै छै, उसनल अल्हुआ सुथनी सन,
झगरा-रगड़ाके बात बजै छैथ, मूह फुल्ल छैन मुखनि सन
झगरा-रगड़ाके बात बजै छैथ, मूह फुल्ल छैन मुखनि सन
कोना कऽ खेलता भैया संग पच्चीसी गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू