अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
14 अक्टू॰ 2024
Home
/
Kojagara Geet
/
Maithili Lokgeet
/
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे लिरिक्स - Chal Chal Ge Bahina Purai Lai Hakar Ge
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे लिरिक्स - Chal Chal Ge Bahina Purai Lai Hakar Ge
मैथिली कोजगरा गीत लिरिक्स
लाल काका अंगना एलै कोजगरा के भार गे
लाल काका अंगना एलै कोजगरा के भार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे
सुंदर सुहावन लागै पूर्णिमा के राइत गे
गाम घर मे चहल पहल जकमक दलान गे
अंगना में पसरल छै जेना पथार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...
चुरा दही भार एलै मधुर पकवान गे
डाला सजल एलै पसरल छै धान गे
काकी देखाबै छथिन खोईल खोईल के भार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...
छत्ता एलै, जुत्ता एलै, रांगल खराम गे
कम्बल सतरंजी संगे छै अनेक समान गे
दुल्हा के पाग चमके चंदा समान गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...
सजल धजल दुल्हा के होय छैन चुमाउन गे
काका बाटि भरि परसैथ मखान गे
शुभ शुभ हुअ लागल मंगल गान गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...।
गीतकार: नबोनाथ झा
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2021/10/hukka-loli-tradition.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/aaju-kojagra-ke-din-chhai-ge-bahina.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
Tags:
Kojagara Geet,
Maithili Lokgeet
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !