अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
28 सित॰ 2017
कोने फुल फुलनि माँ के आधी-आधी रतिया लिरिक्स
Kone Phool Phulani Maa Ke Lyrics
कोने फुल फुलनि माँ के आधी-आधी रतिया
हे जगतारिण माँ के…
कोने फुल फुलनि भिनसरिया
हे जगतारिण माँ के….
बेली फुल फुलनि माँ के आधी-आधई रतिया
हे जगतारिण माँ के…
चमेली फुल फुलनि भिनसरिया
हे जगतारिण माँ के…
पहिर-ओढि काली गहवर ठाढि भेली
करय लगली अबला के गोहारि
हे जगतारिण माँ के…
रचनाकार: विद्यापति
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Vidyapati Geet
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