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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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3 अक्टू॰ 2025

ऊगली किरिनियां से भईली बिहनमा लिरिक्स Ugli Kirniya Se Lyrics

Ugli Kirniya Se - Sharda Sinha Chhath Geet Lyrics 

ऊगली किरिनियां से भईली बिहनमा
घर घर जांतबा के शोर
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर
ऊगली किरिनियां से भईली बिहनमा
घर घर जांतबा के शोर
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर

कासे पटबली बेली चमेली,
कासे पटौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
कासे पटबली बेली चमेली,
कासे पटौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर..

नदियां पटबली बेली चमेली
गंगा पटौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
नदियां पटबली बेली चमेली
गंगा पटौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर...

रेशम सूत गुथली बेली चमेली
सोने गुथैली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
रेशम सूत गुथली बेली चमेली
सोने गुथैली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर

सुरुज चढबली बेली चमेली,
अदित चढौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
सुरुज चढबली बेली चमेली,
अदित चढौली अड़हुल फूल,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर,
हो दीनानाथ जागी भईल अब भोर

Album: Arag
Singer: Sharda Sinha
Lyrics: Jyotindra Mishra

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