ओना तऽ एतय सब दिने भक्तकेँ भीड़ रहैत अछि, मुदा सूर्योपासनाकऽ महा पर्व छैठ पावनि मेंं एतय श्रद्धालु केँ तांता लागल रहैत अछि। पौराणिक ग्रंथ में एही मंदिरकऽ बारे में उल्लेख कैल गेल अछि जे भगवान श्रीकृष्ण केर पुत्र आर्यावर्त केँ विभिन्न भाग में नक्षत्र के बारह राशिकऽ अवधि में सूर्य मंदिर केे स्थापना केलैथ।
मन्दिर निर्मान के किछु समय उपरांत मिथिला पर मुगलक शासन भेल। कालापहद नामक मुगल शासक एही मन्दिर के तोरैय के प्रयास केलक मुदा ओं एही में सफल नै भेला। कंदाहा सूर्य मंदिर के नाम भावदित्य केर रूप मे सेहो जानल जाईत छनि, मुदा पौराणिक नाम मार्कण्डेयार्क छनि। कन्दाहा में ऊंच टीला पर बनल मंदिर में कारी शिला पर सूर्य केर प्रतिमा सातटा घोडाक रथ पर सवार अछि। सूर्य मंदिर के बगल में एकटा कूप सेहो अछि। १९९२ में पुरातत्व विभाग कन्दाहा सूर्य मंदिर केँ अधिग्रहण 'सुरक्षित स्मारक' रूप में केलनि।



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