...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌺🌸
✨ मधुश्रावणी
मधुश्रावणी व्रत कथा संग्रह पूजा बिधि विधान सहित
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

7 जन॰ 2022

लोक देवता बंठा चमार

“लोरिकायन के जीवंत पात्र बंठा चमार Bantha Chamar मिथिलाक चर्मकार कुलक दीपक छलाह। ई तंत्रोपासक, वाहुबली, साधक एबं महान लोक नायक लोउरिकक दाहिना हाथ छलाह। छायाक भाँति बंठा हुनक रक्षा मे तत्पर रहैत छलाह। अपन स्वतंत्र ब्यक्तित्वक प्रभाव सँ ई दीं हीनक मध्य देवताक सरिस पूजित छलाह। किम्बदन्ति अछि जे ई अपन हाथ मे जे सोटा राखैत छलाह तकर मूठ पांच मोन चानी सँ मढल रहैत छल। अपन वज्र सोटाक प्रहार सँ ई मत्त हाथी केँ परास्त कए दैत छलाह। ई अपन सोटाक एक्के हुरेठ मे पैघ सँ पैघ ह्रिन्स जंतु यथा बाघ, चीता, भालु, सुगर, हुड़ाड़क अस्थिपंज़र चूर चूर कए दैत छलाह। ई मल्ल विद्याक निष्णात पंडित छलाह। महामल्लक पैघ टोली हिनक संग रहैत छल जे चुटकी बजैत केहनो कठिन कार्यक निष्पादन कए दैत छल।

इहो पढ़ब:-

● शमशान घाटक बीच ३०० वर्ष पुरान मिथिलाक एकटा मंदिर


मिथिला मे जन स्वास्थ्य तथा रक्षात्मक भावना सँ इ गाम गाम मे अषाढाक निर्माण कराओल जाहि पर मिथिलाक वीर संतति मल्ल विद्याक अभ्यास कए नव निर्माणक नीव दैत छलाह। हिनक पहाड़क सामान मुरेठा एबं हाथीक सूंढ़क सामान बाहु मे सुशोभित शाल वृक्षक सोटा देखि केँ पैघ सँ पैघ दुश्मनक फौज लंक लैत छल। हिनक ढोलक एक चोट पर समस्त क्षेत्र सचेत भय जैत छल। हिनक मल्ल नृत्य कालीन ढोलक आबाज़ मेघ गर्ज़न केँ लज्जित के दैत छल। महान तंत्र साधनों हिनक प्रिय क्षेत्र छल।  ई तंत्र विद्याक प्रयोग मात्र जीव हितार्थ करैत छलाह। अइयो मिथिलाक चर्मकार वर्ग अपन कुल भूषण बंठाक अनन्य भक्ति एबं कृतग्य भाव सँ द्वारि रक्षक रूप मे हिनक स्थापना करैत अछि। एतवे नहि स्नान काल अँजलि मे जल लय श्रद्धा सँ जलदान करैत अछि। आजीवन अखंड ब्रह्मचारी बंठाक गात मे देवोपम ज्योति ब्याप्त छल।

आलेख - शैलेश झा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू