...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌺🌸
✨ मधुश्रावणी
मधुश्रावणी व्रत कथा संग्रह पूजा बिधि विधान सहित
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

13 दिस॰ 2020

Dukhhar Baghwati Sthan | सब दु:ख हरै छथि डोकहर के राज राजेश्वरी भगवती

 

मधुबनी जिला मुख्यालय सं 12 किलोमीटर उत्तर खजौली प्रखंड के बेलही गाँव में अवस्थित अछि राजराजेश्वरी स्थान ( Raj Rajeshwari Mandir Dokhar )। अहि निर्जन स्थल मे राजेश्वरी पार्वती भोलेनाथ केर प्रतिमा युगल रूप मे अवस्थित अछि। दु:ख हरनिहार के रुप मे प्रसिद्धि के कारण लोग अहि स्थान के डोकहर सेहो कहै अछि। मंदिर के पश्चिमोत्तर भाग मे प्राकृतिक बिंदुसर नामक सरोवर अछि। जाहिमे लालका कमल फूल खिलल रहैत अछि। आदिशक्ति मातृ देवी पार्वती सदाशिव भोले नाथ केर संग भक्त पर आशीष के वर्षा करैत छथि। एहन विश्वास अछि जे एतय सं खाली हाथ कियो नै लौटैत अछि।
मंदिर तिरहुत नागर शैली के अछि जे दरभंगा के महाराज महेश्वर सिंह (1850-60) द्वारा निर्मित कहल जाइत अछि। जेकरा पूर्व मे राजा राघव सिंह के बबुआन भाई नंद नंदन सिंह 1725 के आसपास बनौने छलैथ। मंदिर परिसर मे गौरी कुंड अछि। राज राजेश्वरी एतय परब्रह्म के महाशक्ति के रुप मे प्रागैतिहासिक काल सं पूजित छथि। आदि काल सं मिथिला भूमि मे पार्वती पूजन के परंपरा रहल अछि। अहि शक्तिपीठ के प्राचीनता के संगे संग वर्तमान गौरीशंकर के युगलमूर्ति सेहो प्राचीन अछि।
कहल जाइत अछि जे बुद्ध काल मे ब्राह्मण धर्म'क विरोध भेला पर देव विग्रह के बचेबाक लेल निकट के चंद्रभागा नदी मे द देल गेल हैत। जाहि के बाद मे संक्रमण काल के समाप्त भेला पर पुन: मंदिर बना क स्थापित क देल गेल। अहि शक्तिपीठ के मैथिली सीता आ विदेह जनक द्वारा पूजित हेबाक बात कहल जाइत अछि। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू