अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
12 दिस॰ 2020
अपन दू बात कहै छी पता के साथ लिखै छी लिरिक्स
अपन दू बात कहै छी पता के साथ लिखै छी
चिट्ठी पढ़िकऽ देब जवाब अहाँके पैर पड़ै छी।
हे ! जगमग भेल रहै मन-आंगन
छल जे प्रेेमदीप जरि गेल
बिछाहक बड़का अछि परिताप
सियाही मात्र संग रहि गेल
अहाँ बिनु दुनिया अछि अनहार कोनाने मोन पड़ै छी।
हे! सबतरि छै उछाह आनन्दक
हमर भवन भंख पड़ि गेल
देखी अहींक सब दिन सपना
नैनक चैन पिया हिर लेल
फूकू आबि पिरीतक शंख से मानेक बात कहै छी।
हे ! भमरा गुन-गुन करिते गान
नचैये कली कुमारी संग
रहब जीवन भरि संगहि संग
यादि करियौ कोहबरक प्रसंग
कोना आखरमे लीखि पठाउ कोना दिन-राति कटै छी।
अपन दू बात.....
Tags
Chandramani Jha
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2020/12/raj-rajeshwari-mandir-dokhar.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2020/12/kavi-nagarjun-baba-poet-jivan-parichay.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
Tags:
Chandramani Jha
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !