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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

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1 जन॰ 2022

मिथिलाक वैष्णो देवी स्थान, गुप्त काली मंदिर पूर्णिया

छवि साभार- राज रत्न चौरसिया
इंडो नेपाल बॉर्डर सं सटल पूर्णिया प्रमंडलीय मुख्यालय सं करीब दस कि०मी० दूर पड़ोसक देश नेपाल के छूबय बला फोर लेन रोड सं सटल कसबा प्रखंडक कुम्हार टोल मे अवस्थित अछि माता वैष्णोदेवी गुप्त काली मंदिर ( Gupt Kali Mandir Kasba, Purnia )। गुप्त काली मंदिर के नाम सं विख्यात अहि मंदिर मे देवी के 108 स्वरूप विराजमान अछि। 
छवि साभार- राज रत्न चौरसिया
एतय देवी काली, दुर्गा, त्रिपुर सुन्दरी के संगे देवी के वैष्णो स्वरुप के दर्शन सेहो होइत अछि। मान्यता अछि जे एतय वैष्णो देवी जागृत अवस्था में रहैत अछि। अविश्वसनीय सन इ बात कल्पनातीत प्रतीत होइत अछि मुदा इ ओतबे स्तय अछि जतेक माँ के अस्तित्व। 

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छवि साभार - राजेन्द्र कुमार पण्डित
आय सं करीब 15-16 साल पूर्व माँ वैष्णो देवी मंदिर के नींव राखल गेल छल। मंदिर के संस्थापक आ पुजारी शंकर पंडित छथिन। अहि मंदिर के बनावट जम्मू स्थित मूल वैष्णो देवी के एहन अछि। अगर अहाँ जम्मू के कटरा सं चढ़ाई कऽ मूल वैष्णो देवी मंदिर गेल छी तऽ एतुका बनावट किछ क्षण के लेल अहाँके भ्रम मे राइख सकैत अछि। पहिले सीढि पर चइढ़ क उपर एबय फेर छोट सन गुफा मे झुइक कऽ प्रवेश करबै। आगू बढला पर डांर सीधा करबाक लेल छोट सन जगह भेटत। एतय सं आगु जेबाक लेल जमीन पर लेट कऽ अंदर प्रवेश करय पड़त तहन माँ वैष्णो देवी के दर्शन होइत अछि। 

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छवि साभार- राज रत्न चौरसिया
अहि मंदिर मे माता के पिण्ड के पूजा होइत अछि। अहि मंदिर सं सटल मंदिर मे माता केर सात बहिन के वास अछि। एतय माँ ज्वाला देवी स्थान सं आनल गेल ज्वाला अखंड ज्योति हमेशा जरैत रहैत अछि।

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