अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
29 मार्च 2017
दया करु एक बेर हे माता लिरिक्स - Daya Karu Ek Ber He Mata Lyrics
Daya Karu Ek Ber He Mata Lyrics in Hindi - Song by Vidyapati
दया करु एक बेर हे माता
कृपा करु एक बेर
जहियाँ सँ माता आहाँ घर अयलऊँ
दुख छोड़ि सुख नहिं भेल
हे जननी दया करु एक बेर
जहिया सँ माता सुख देखइ लगलऊँ
नग्र में भइ गेल शोर
हे जननी दया करु एक बेर
कोने फुल ओढ़न माँ के
कोन फुल पहिरन
कोने फुल सोलहो सिंगार
हे जननी दया करु एक बेर
बेली फुल ओढ़न माँ के
चमेली फुल पहिरन
अरहुल फुल सोलहो सिंगार
हे जननी दया करु एक बेर
पहिरी-ओढि काली कहवर गेली
कुरय लगली अबला गोहारि
हे जननी दया करु एक बेर
रचनाकार: विद्यापति
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Vidyapati Geet
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